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बेअंत सिंह मेमोरियल में समाधि स्थल को विकसित करेगी पंजाब सरकार
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चंडीगढ़। सेक्टर-42 के सरदार बेअंत सिंह मेमोरियल कांप्लेक्स में मौजूद समाधि स्थल को पंजाब सरकार अपने पैसे से विकसित करना चहती है। इसके लिए पंजाब सरकार की तरफ से प्रशासन को एक प्रस्ताव भेजा गया है, जिस पर बुधवार को पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में चर्चा की गई। जानकारी के अनुसार, प्रशासन इसके लिए लगभग तैयार हो गया है।
पंजाब सरकार की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि स्वामित्व के समीकरण को बिगाड़े बिना सरदार बेअंत सिंह मेमोरियल कांप्लेक्स में मौजूद समाधि स्थल को वह अपने खर्चे पर विकसित करना चाहते हैं। यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर इस मेमोरियल को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की तर्ज पर बनाना चाहते हैं। इसको लेकर कई बैठकें हो चुकी हैं लेकिन पंजाब सरकार के दखल की वजह से इस योजना को पूरा करने में काफी समय लग गया है।
हालांकि बेअंत सिंह मेमोरियल को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की तर्ज पर बनाने के लिए चंडीगढ़ ने 12 करोड़ जारी किए हैं, जबकि पंजाब सरकार ने इसके लिए 10 करोड़ दिए हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए एक गवर्निंग काउंसिल बनाई गई है, जिसके मुखिया पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर खुद हैं। उनके अलावा इसमें पंजाब के मुख्यमंत्री, उनके वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासक के सलाहकार व अन्य अधिकारी शामिल हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए एक कार्यवाही समिति भी बनाई गई है, जिसमें प्रशासक के सलाहकार चेयरमैन हैं और पंजाब के वित्त सचिव, सीएम के सचिव आदि सदस्य हैं।
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12 एकड़ में बना है बेअंत सिंह मेमोरियल
सेक्टर-42 का बेअंत सिंह मेमोरियल 12 एकड़ जमीन पर बना है। यहां पर एक बड़ी पुस्तकालय, भवन, ओपन एयर थिएटर है। इसके अलावा यहां एक मीडिया केंद्र था, जिसे कैफेटेरिया के रूप में बदला जा रहा है। यहां नौ एकड़ जमीन पर आधुनिक सांस्कृतिक केंद्र विकसित किया जाना है। इस जमीन पर संस्कृति को और विस्तार दिया जाएगा। केंद्र में कॉन्फ्रेंस, कार्यशाला, सांस्कृतिक प्रस्तुति, खाने-पीने का स्थल और पुस्तकालय जैसी सुविधाएं होंगी। गौरतलब है कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की याद में यह मेमोरियल बनाया गया था। बता दें कि कार में बम लगाकर बेअंत सिंह की हत्या कर दी गई थी। बेअंत सिंह साल 1992 से 1995 तक पंजाब के मुख्यमंत्री रहे थे।
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पंजाब सरकार की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि स्वामित्व के समीकरण को बिगाड़े बिना सरदार बेअंत सिंह मेमोरियल कांप्लेक्स में मौजूद समाधि स्थल को वह अपने खर्चे पर विकसित करना चाहते हैं। यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर इस मेमोरियल को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की तर्ज पर बनाना चाहते हैं। इसको लेकर कई बैठकें हो चुकी हैं लेकिन पंजाब सरकार के दखल की वजह से इस योजना को पूरा करने में काफी समय लग गया है।
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हालांकि बेअंत सिंह मेमोरियल को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की तर्ज पर बनाने के लिए चंडीगढ़ ने 12 करोड़ जारी किए हैं, जबकि पंजाब सरकार ने इसके लिए 10 करोड़ दिए हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए एक गवर्निंग काउंसिल बनाई गई है, जिसके मुखिया पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर खुद हैं। उनके अलावा इसमें पंजाब के मुख्यमंत्री, उनके वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासक के सलाहकार व अन्य अधिकारी शामिल हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए एक कार्यवाही समिति भी बनाई गई है, जिसमें प्रशासक के सलाहकार चेयरमैन हैं और पंजाब के वित्त सचिव, सीएम के सचिव आदि सदस्य हैं।
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12 एकड़ में बना है बेअंत सिंह मेमोरियल
सेक्टर-42 का बेअंत सिंह मेमोरियल 12 एकड़ जमीन पर बना है। यहां पर एक बड़ी पुस्तकालय, भवन, ओपन एयर थिएटर है। इसके अलावा यहां एक मीडिया केंद्र था, जिसे कैफेटेरिया के रूप में बदला जा रहा है। यहां नौ एकड़ जमीन पर आधुनिक सांस्कृतिक केंद्र विकसित किया जाना है। इस जमीन पर संस्कृति को और विस्तार दिया जाएगा। केंद्र में कॉन्फ्रेंस, कार्यशाला, सांस्कृतिक प्रस्तुति, खाने-पीने का स्थल और पुस्तकालय जैसी सुविधाएं होंगी। गौरतलब है कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की याद में यह मेमोरियल बनाया गया था। बता दें कि कार में बम लगाकर बेअंत सिंह की हत्या कर दी गई थी। बेअंत सिंह साल 1992 से 1995 तक पंजाब के मुख्यमंत्री रहे थे।