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पंजाब में 800 प्राइमरी स्कूल बंद, 'आप' ने बताया सरकार का तानाशाही हुकुम

Sun, 22 Oct 2017 12:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 22 Oct 2017 12:51 PM IST
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Punjab government to shut down 800 primary schools
Punjab Primary Schools
पंजाब में 20 से कम विद्यार्थियों वाले सरकारी प्राइमरी स्कूल बंद करने के फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी नोटिफिकेशन पर अमल सोमवार से शुरू होगा और विभाग ने अपने फैसले को उचित ठहराने के लिए सभी कारण भी गिनाए हैं। इसके बावजूद भाजपा और आम आदमी पार्टी और प्रदेश के अध्यापकों संघों ने सरकार के फैसले पर सवाल उठा दिए हैं। विरोध में सबसे आगे रहते हुए आम आदमी पार्टी ने तो प्रदेश सरकार को दिल्ली में केजरीवाल सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों का स्तर सुधारने के तरीके से सीख लेने का सुझाव तक दे दिया है, जबकि भाजपा ने इस फैसले को प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी करार दिया है।
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प्रदेश भाजपा के पदाधिकारियों की ओर से शनिवार को पार्टी मुख्यालय में बुलाई गए प्रेस कांफ्रेंस में कैप्टन सरकार के सात माह के कार्यकाल पर उंगली उठाने के साथ ही आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अपने चुनावी वादे के अनुसार प्रदेश के जीडीपी का 6 प्रतिशत एजुकेशन पर खर्च करना तो दूर अब 800 प्राइमरी स्कूलों को बंद कर रही है। हर एक किलोमीटर के घेरे में प्राइमरी स्कूल का होना अनिवार्य है, तो पंजाब सरकार अपने ही तय मापदंडों को क्यों तोड़ रही है।
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भाजपा ने सवाल उठाया है कि जिन स्कूलों में बच्चों को भेजा जाएगा, क्या उन स्कूलों में बेंच, मिड-डे मील के कुक, बर्तन आदि हैं, क्या बच्चों की फ्री ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था है? भाजपा का कहना है कि इन मुद्दों पर विचार किए बिना सिर्फ सरकारी पैसे को बचाने को, गरीब विरोधी और सर्व शिक्षा अभियान विरोधी कदम उठाया गया है।
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Punjab government to shut down 800 primary schools
Punjab Primary Schools
विधानसभा में विपक्ष के नेता सुखपाल खैरा ने डायरेक्टर स्कूल शिक्षा (एलीमेंटरी) द्वारा गत 18 अक्तूबर को जारी किए नोटिफिकेशन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार का यह फैसला गरीब बच्चों के लिए बनाए गए मुफ्त शिक्षा के अधिकार कानून 2009 का खुलेआम उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि अच्छी और मुफ्त शिक्षा मुहैया कराने और पंजाब में स्कूलों की गिनती बढ़ाने की बजाय सरकार ने 800 स्कूलों को बंद करने का फैसला किया है, जो गरीब बच्चों के बच्चों से खिलवाड़ है और इससे इन स्कूलों के बच्चों के भविष्य पर खतरा मंडराने लगा है। खैरा ने सरकार के उस दावे को भी झूठ करार दिया, जिसमें कहा गया है कि बंद किए स्कूलों को एक किलोमीटर के दायरे में स्थित अन्य स्कूल में मर्ज किया गया है। 

खैरा ने कहा कि स्कूलों की सूची के अनुसार, जीपीएस डेरा शाहपुर पीरां के छोटे बच्चों को अब 5 किमी चलकर जीपीएस जैरामपुर जाना पड़ेगा, जिसके लिए उन्हें सिक्सलेन एनएच-1 दिल्ली-अमृतसर हाईवे पार करने के साथ-साथ एक रेलवे फाटक भी क्रास करना पड़ेगा। खैरा ने सरकार के फैसले को गुरदासपुर लोकसभा के हलके के लोगों के साथ भद्दा मजाक भी करार दिया, जहां 133 स्कूल बंद किए जा रहे हैं।

आम आदमी पार्टी के सह प्रधान अमन अरोड़ा ने स्कूल बंद करने का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को सलाह दी कि वह सरकारी स्कूलों को ताले लगाने की बजाय दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार से सीख लेकर सूबे के दयनीय हो चुके सरकारी स्कूल शिक्षा के स्तर को ऊंचा करें। उन्होंने राज्य सरकार से स्कूल बंद करने के फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है।

Punjab government to shut down 800 primary schools
Sukhpal Singh Khaira - फोटो : File Photo
सूबे के 800 एलीमेंटरी स्कूलों को मर्जर के बहाने बंद किए जाने के पंजाब सरकार के फैसले का आम आदमी पार्टी निंदा करती है और मांग करती है कि इस तानाशाही हुकुम को वापस लिया जाए।
-सुखपाल सिंह खैरा, आप विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष

जिन सैकड़ों सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 20 से भी नीचे है, इसमें बच्चों या माता-पिता का कसूर नहीं है बल्कि यह पंजाब सरकार की सरकारी स्कूलों के प्रति नीयत और नीति का नतीजा है।
-अमन अरोड़ा, विधायक एवं सह-प्रधान, आम आदमी पार्टी (पंजाब)

कांग्रेस सरकार ने स्कूल बंद करने का फैसला सिर्फ पैसा बचाने के लिए उठाया है। सरकार का यह कदम गरीब विरोधी ही नहीं बल्कि सर्व शिक्षा अभियान के भी खिलाफ है।
-विनीत जोशी, सचिव, भाजपा पंजाब
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