{"_id":"66ea404b10a3cae7e605ba28","slug":"punjab-government-released-draft-of-first-agriculture-policy-2024-09-18","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पंजाब की पहली कृषि नीति का ड्राफ्ट जारी: 15 डार्क जोन में धान की बुआई पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब की पहली कृषि नीति का ड्राफ्ट जारी: 15 डार्क जोन में धान की बुआई पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश
Wed, 18 Sep 2024 08:25 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 18 Sep 2024 08:25 AM IST
सार
पंजाब राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष व कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुखपाल सिंह ने प्रदेश में 15 डार्क जोन में धान की बुआई पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि ये वो डार्क जोन हैं जहां भू-जलस्तर 400 से 500 फीट तक नीचे जा चुका है।
विज्ञापन
धान की फसल
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब सरकार ने प्रदेश की पहली कृषि नीति-2023 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इस पर प्रदेश के किसान जत्थेबंदियों से जोकि स्टेकहोल्डर हैं, उनसे सुझाव मांगे गए हैं। ड्राफ्ट जारी करने के साथ ही खेती में बदलाव और सुधार के लिए कुछ सिफारिशें भी की गई हैं।
विज्ञापन
पंजाब राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष व कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुखपाल सिंह ने प्रदेश में 15 डार्क जोन में धान की बुआई पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि ये वो डार्क जोन हैं जहां भू-जलस्तर 400 से 500 फीट तक नीचे जा चुका है। धान की बुआई के कारण यहां बड़े स्तर पर जल संकट के साथ ही खराब पैदावार से किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इससे बेहतर है कि इन जोन में किसानों को दूसरी फसलों की तरफ जाना चाहिए।
विज्ञापन
साथ ही कहा है कि कृषि क्षेत्र में सब्सिडी के रूप में खर्च हो रही बिजली सब्सिडी को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। दरअसल प्रदेश में 14 लाख कृषि पंपसेट हैं जोकि नि:शुल्क बिजली प्राप्त कर रहे हैं। इन्हें सालाना दी जाने वाली 10 हजार करोड़ की बिजली सब्सिडी को खत्म करने की ओर इशारा किया गया है। इसके अलावा पंचायती जमीन पर धान की खेती न करने को भी कहा गया है। साथ ही कहा है कि ज्यादा पानी वाली फसलों के अलावा वैकल्पिक फसलें बोई जानी चाहिए और सभी पर एमएसपी दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन