पंजाब: कोरोना के नए रूपों पर वैक्सीन कितनी है प्रभावी, अमरिंदर सिंह ने दिया अध्ययन का आदेश
कोरोना वायरस के बदलते रूपों को लेकर दुनिया भर की सरकारें चिंतित हैं। इन रूपों पर मौजूदा कोरोना वैक्सीन का कितना प्रभाव हो रहा है, इसका अध्ययन भी जारी है। इसी क्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी राज्य में कोरोना के नए वैरिएंट पर वैक्सीन के प्रभाव का अध्ययन करने का आदेश विशेषज्ञ समूह को दिया है।
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को डॉ. गगनदीप कंग के नेतृत्व वाले विशेषज्ञ समूह को कोरोना वायरस के नए रूप के संदर्भ में वैक्सीन के प्रभाव का अध्ययन शुरू करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वायरस के हर माह बदलते स्वरूप में यह देखा गया है कि भले ही मार्च में 95 प्रतिशत समस्या यूके वेरिएंट के कारण थी और अप्रैल, 2021 में डेल्टा वेरिएंट बढ़ना शुरू हुआ। मई तक यह हावी होकर लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंच गया।
कोविड संबंधी समीक्षा बैठक में हालात का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यह चिंता का विषय है कि ब्राजील वायरस का रूप अप्रैल में एक प्रतिशत से बढ़ना शुरू हुआ है, जो अब 8 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने कुछ अन्य सैंपलों का अध्ययन करने की जरूरत पर भी जोर दिया, जिससे स्पष्ट तस्वीर सामने लाने के साथ-साथ ठोस कार्य योजना बनाई जा सके।
राज्य के सलाहकार डॉ. केके तलवार ने कहा कि दूसरी लहर के दौरान वेंटिलेटर पर रहे मरीजों के ऑडिट का अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञ समूह का गठन किया जा रहा है, जिससे भविष्य के लिए इस संबंध में जानकारी एकत्रित की जा सके। मुख्य सचिव विनी महाजन ने बताया किया कि डॉ. तलवार पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में वायरस की सैंपलिंग के प्रबंधन की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने ब्लैक फंगस के सभी केसों को जांचने के आदेश दिए, क्योंकि राज्य में इस समय पर 441 केस हैं। मीटिंग में बताया गया कि इनमें से 51 का इलाज किया जा चुका है और 308 मरीज उपचाराधीन हैं। स्वास्थ्य सचिव हुसन लाल ने बताया कि कुल 441 मामलों में से 388 केस पंजाब से हैं, जबकि बाकी अन्य राज्यों से हैं।
उन्होंने कहा कि बीमारी के इलाज के लिए दवाओं की उचित सप्लाई उपलब्ध है। मूलभूत लक्षणों की पहचान के जरिये कोविड की संभावित तीसरी लहर के विरुद्ध समय पर बनते कदम उठाने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा विभागों को एक दिन में लगभग 50000 टेस्टिंग जारी रखने को कहा है। घरेलू एकांतवास के मामलों में निगरानी और प्रबंधन को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।