पंजाब में डॉक्टरों की हड़ताल से ओपीडी ठप, चक्कर काटते नजर आए मरीज, सरकार अलर्ट
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पश्चिम बंगाल में डॉक्टर पर हुए हमले के विरोध में चल रहे हड़ताल की आंच पंजाब हरियाणा और चंडीगढ़ तक आ पहुंची है। पंजाब के कई जिलों में सोमवार को डॉक्टर हड़ताल पर रहे।
निजी अस्पतालों के करीब 20 हजार डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। पटियाला के सभी निजी अस्पतालों और निजी लैबोरेटरियों में डॉक्टर हड़ताल पर रहे। केवल इमरजेंसी सेवाएं चालू रहीं। उधर सरकारी छुट्टी होने के कारण पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल समेत बाकी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाओं तो बंद रहीं, जबकि इमरजेंसी सेवाएं बहाल रहीं।
अमृतसर में भी सभी निजी अस्पतालों की ओपीडी सेवाएं ठप रहीं। निजी डॉक्टरों ने अस्पतालों में मरीजों की जांच नहीं की। हालांकि निजी एवं सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं पूर्ववत ही जारी रहीं।
नवांशहर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने पूरा दिन ओपीडी बंद रखी। डॉक्टरों ने बैठक कर पश्चिम बंगाल सरकार की कड़े शब्दों में निंदा की। इस दौरान डॉक्टरों ने कार रैली भी निकाली।
मुक्तसर में भी डॉक्टरों ने मुकम्मल हड़ताल कर कामकाज बंद रखा। हड़ताल के चलते मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों पर हुए हमले के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल कर अपनी ओपीडी बंद रखी। जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा। सुबह से लेकर शाम तक मरीज अस्पतालों के चक्कर लगाते नजर आए। जिले भर में 170 के करीब प्राइवेट डाक्टर हड़ताल पर रहे।
लुधियाना में भी डॉक्टर हड़ताल पर रहे।यहां डॉक्टर सुबह से आपातकालीन सेवाएं छोड़ अन्य सेवाएं ठप रखी। सुबह बीआरएस नगर स्थित आईएमए हाउस में डॉक्टर एकत्र हुए और भारत नगर चौक तक पैदल मार्च भी निकाला।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर देश भर में की गई डॉक्टरों की हड़ताल का जालंधर में मिला-जुला असर रहा। हड़ताल के कारण सिविल अस्पताल व अन्य सरकारी डिस्पेंसरियों में काम ठप रहा है। जालंधर में कई निजी डॉक्टर भी हड़ताल पर रहे। नंगल में भी डॉक्टरों की हड़ताल का असर देखने को मिला।
एसोसिएशन सुबह 6 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक काम काज ठप्प रखकर बंगाल के डॉक्टरों को पूर्ण समर्थन दिया। इस दौरान निजी व सरकारी अस्पतालों में ओपीडी को पूर्ण तौर पर बंद रखते हुए केंद्र व राज्य सरकारों से डॉक्टरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की गई।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन पठानकोट की ओर से दिनभर स्वास्थ्य सेवाएं बंद रही। शहर के 312 से अधिक डाक्टरों के हड़ताल पर जाने के कारण 105 अस्पतालों में मरीजों की ओपीडी नहीं हो सकी। हालांकि इमरजेंसी सेवाएं मरीजों को दी गई तथा हालत गंभीर होने के कारण रोगियों को दाखिल भी किया गया पर रुटीन चेकअप के सभी मरीजों को वापस भेज दिया गया। इसी कारण गर्मी में मरीजों को अस्पताल के बाहर भटकते देखा गया।
पंजाब सरकार भी डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर अलर्ट है। मरीजों को कोई दिक्कत नहीं आए, इसके लिए आईएमए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने पश्चिम बंगाल में आंदोलनरत डॉक्टरों के प्रति एकजुटता जताते हुए तीन दिन के राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के साथ 17 जून को हड़ताल का आह्वान किया।
आईएमए ने चिकित्सा सेवा कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा पर नियंत्रण के लिए एक केंद्रीय कानून बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों को सात साल की सजा का प्रावधान होना चाहिए।
निजी डॉक्टरों की मांग का पंजाब सिविल मेडिकल एसोसिएशन ने भी अपना समर्थन दिया है। इसलिए इमरजेंसी सेवाओं में ड्यूटी देने वाले डॉक्टर काली पट्टी बांध कर मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
निजी अस्पतालों के डॉक्टर इस बार पूरी तरह से एकजुट हैं। प्रदेश के सभी निजी अस्पतालों में गैर इमरजेंसी ऑपरेशन की मियाद टाल दी गई है। रविवार को लुधियाना के आईएमए हाउस में डॉक्टरों ने प्रदेश स्तरीय बैठक करके देशव्यापी हड़ताल को समर्थन देने का निर्णय लिया।
डॉक्टरों की हड़ताल की मियाद को लेकर पंजाब सरकार नजर बनाए है। मियाद बढ़ने की स्थिति में विभाग के आला अधिकारियों के साथ बैठक करके निर्णय लिया जाएगा।
डॉक्टरों की हड़ताल पर सरकार की नजर है। प्रदेश में छुट्टी होने के कारण सरकारी सेवाओं पर कोई असर नहीं होगा। इमरजेंसी सेवाएं चलेंगी। - बलबीर सिंह सिद्धू, स्वास्थ्य मंत्री।
इस हड़ताल को एसोसिएशन की ओर से समर्थन दिया गया है। इमरजेंसी सेवाओं में कार्यरत डॉक्टर समर्थन में काली पट्टी बांधेंगे। - डॉ. गगनदीप सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, पंजाब सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी के निर्देश पर हड़ताल में पंजाब के सभी डॉक्टर शामिल हैं। इसमें डेंटल डॉक्टर भी शामिल होंगे। आगे का निर्णय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के निर्णय पर लिया जाएगा। - डॉ. योगेश्वर सूद, प्रदेश अध्यक्ष, आईएमए पंजाब।