Punjab: 36000 कर्मचारी स्पेशल कैडर से होंगे पक्के, 8736 अध्यापकों को तोहफा, नियमित नौकरी का नोटिफिकेशन जारी
पंजाब में अब 58 साल की उम्र तक मुलाजिम नहीं निकाले जाएंगे। रिटायरमेंट के साथ ही पद खत्म हो जाएगा।
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पंजाब सरकार ने कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने की अपनी गारंटी को पूरा करने की तरफ कदम बढ़ाते हुए शुक्रवार को 8736 टीचर्स को पक्का करने संबंधी नोटिफिकेशन जारी कर दिया। राज्य सरकार की ओर से इन अध्यापकों को पक्का करने का एलान पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर किया गया था लेकिन इस बारे में नोटिफिकेशन अब तक जारी नहीं हुआ था।
सरकार ने सरकारी विभागों में कार्यरत 36000 कच्चे मुलाजिमों को भी नियमित करने की तैयारी ली है। सरकार ने इन मुलाजिमों को एक स्पेशल कैडर के तहत पक्का करने का फैसला किया है, ताकि इस प्रक्रिया में कोई कानून अड़चन न आए। स्पेशल कैडर के तहत पक्के किए गए मुलाजिम 58 साल की उम्र तक नौकरी कर सकेंगे और उसके बाद उनके पद स्वत: ही समाप्त हो जाएंगे।
शुक्रवार को नियमित किए गए 8736 अध्यापकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की। पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सेवाएं नियमित करने की लंबे समय से लटकती आ रही मांग को स्वीकार करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अध्यापकों को नोटिफिकेशन की कापी सौंपते हुए उनसे विस्तार से बातचीत की। उन्होंने कहा कि 8736 अध्यापकों की सेवाएं नियमित करने का नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है और अब वह राज्य सरकार का हिस्सा बन चुके हैं।
भगवंत मान ने अध्यापकों से कहा कि वह अपने विद्यार्थियों को कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ते विद्यार्थियों के साथ मुकाबला करने के काबिल बनाने के लिए अपनी ड्यूटी निभाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अध्यापकों की सेवाएं केवल अध्यापन कार्यों के लिए ही लेने का फैसला किया है।
ये अध्यापक होंगे नियमित
- 5442 एजुकेशन सर्विस प्रोवाइडर
- 1130 इनक्लूसिव एजुकेशन टीचर्स
- 2164 अन्य सेवाओं से जुड़े अध्यापक
सरकार ने बनाई थी सब कमेटी
मुख्यमंत्री ने मुलाजिमों को पक्का करने का तरीका ढूंढने के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता में एक कैबिनेट सब-कमेटी का गठन किया था, जिसने हाल ही में अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी थी। कमेटी में वित्त मंत्री के साथ दो अन्य कैबिनेट मंत्रियों को शामिल किया गया था। सब-कमेटी ने कच्चे मुलाजिमों की कुल संख्या, सरकारी विभागों में रिक्त पदों की संख्या, अब तक पक्के किए मुलाजिमों को लेकर पैदा हुई कानून अड़चनों का विवेचन करने के साथ ही विभिन्न विभागों के कच्चे मुलाजिमों के संगठनों से भी मुलाकात की थी। सब कमेटी ने फैसला लिया था कि सभी 36000 मुलाजिमों को एक साथ पक्का करने से जहां वित्तीय बोझ बढ़ेगा, वहीं कानूनी अड़चनें भी पैदा हो सकती हैं, इसलिए सभी विभागों में बारी-बारी से मुलाजिमों को नियमित किया जाएगा। इसी फैसले के तहत अध्यापकों को पक्का करने का फैसला लिया गया था।
यह कहा गया नोटिफिकेशन में
‘एक कल्याणकारी राज्य होने के नाते और इन ठेके पर/अस्थायी कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने के लिए, सरकार भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची-2 की एंट्री 41 के साथ पढ़ी गई धारा 162 के तहत मौजूदा नीति तैयार कर रही है। यह यकीनी बनाने के लिए कि ऐसे कर्मचारी अनिश्चितता और परेशानी से पीड़ित न हों और उन्हें कार्यकाल की सुरक्षा प्रदान की जाए।
सरकार ने योग्यता शर्तें पूरी करने वाले ऐसे योग्य कर्मचारियों को विशेष कैडर में रखकर 58 साल की उम्र तक सेवा में जारी रखने का नीतिगत फैसला लिया है। मौजूदा नीति पंजाब सरकार के प्रशासनिक विभागों और ईकाइयों की ‘ग्रुप सी और डी’ के पदों के संबंध में बनाई जा रही है और सरकार ने इस नीति को स्कूल शिक्षा विभाग में लागू करने का फैसला किया है।’
केजरीवाल ने दी बधाई
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल में पंजाब में पक्के हो रहे सभी अध्यापकों को बधाई दी है। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा- जो कहा, वो किया। पक्के होने वाले सभी शिक्षकों को बहुत-बहुत बधाई। भगवंत मान और उनकी पूरी कैबिनेट पंजाब की जनता से किए हर वादे को पूरा करने के लिए पूरी मेहनत से काम कर रही है। जनता की सेवा में ऐसे ही लगे रहिए।