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पंजाब सरकार ने उद्योगों को दिया दिवाली का बड़ा तोहफा, जानिए क्या?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 17 Oct 2017 09:09 AM IST
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Punjab CM Captain Amarinder Singh
- फोटो : File Photo
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पंजाब सरकार ने सोमवार को इंडस्ट्री को दिवाली का तोहफा दिया है। कैबिनेट ने नई औद्योगिक व व्यापारिक विकास नीति को मंजूरी दे दी है। इससे इंडस्ट्री को पांच रुपये प्रति यूनिट बिजली मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में हुई कैबिनेट मीटिंग में एक नवंबर से इंडस्ट्री को पांच रुपये प्रति यूनिट बिजली देने को मंजूरी दी। साथ ही पंजाब राज्य औद्योगिक विकास निगम के कर्ज के एकमुश्त निपटारे को भी सहमति दी। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पुरानी इकाइयों को भी विस्तार और आधुनिकीकरण में रियायतें मुहैया कराई जाएंगी। नीति में पंजाब राज्य औद्योगिक विकास निगम, पंजाब वित्त निगम, पंजाब एग्रो औद्योगिक निगम लिमिटेड से लिए औद्योगिक कर्ज के एकमुश्त निपटारे की भी व्यवस्था की गई है। इससे निवेश बढ़ेगा, निगमों को कोर्ट केसों से निजात मिलेगी।
प्रवक्ता ने कहा कि कर्ज निपटारे को लेकर बहस में राणा गुरजीत सिंह शामिल नही हुए, क्योंकि इससे उनकी कंपनी को भी फायदा मिलेगा। नई नीति में सरहदी व कंडी इलाकों केविकास पर जोर दिया गया है। सीएम ने सरहदी इलाकों में रियायतें 125 फीसदी से बढ़ा कर 140 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा। नई नीति आठ रणनीतिक स्तंभों पर आधारित है। इनमें बुनियादी ढांचा, बिजली, एमएसएमई, स्टार्ट अप, स्किल डेवलपमेंट, व्यापार करना आसान बनाना, वित्त व गैर वित्तीय रियायतें, स्टेक होल्डर की सहभागिता और सेक्टर केंद्रित रणनीतियां शामिल हैं। एमएसएमई के विकास पर खास जोर दिया गया है। दस तकनीकी केंद्र, दस कॉमन फेसिलिटी सेंटर और दस क्लस्टर पहले चरण में स्थापित किए जाएंगे। इंडस्ट्री को जिलास्तर पर सिंगल विंडो क्लियरेंस सुविधा दी जाएगी।
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सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में हुई कैबिनेट मीटिंग में एक नवंबर से इंडस्ट्री को पांच रुपये प्रति यूनिट बिजली देने को मंजूरी दी। साथ ही पंजाब राज्य औद्योगिक विकास निगम के कर्ज के एकमुश्त निपटारे को भी सहमति दी। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पुरानी इकाइयों को भी विस्तार और आधुनिकीकरण में रियायतें मुहैया कराई जाएंगी। नीति में पंजाब राज्य औद्योगिक विकास निगम, पंजाब वित्त निगम, पंजाब एग्रो औद्योगिक निगम लिमिटेड से लिए औद्योगिक कर्ज के एकमुश्त निपटारे की भी व्यवस्था की गई है। इससे निवेश बढ़ेगा, निगमों को कोर्ट केसों से निजात मिलेगी।
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प्रवक्ता ने कहा कि कर्ज निपटारे को लेकर बहस में राणा गुरजीत सिंह शामिल नही हुए, क्योंकि इससे उनकी कंपनी को भी फायदा मिलेगा। नई नीति में सरहदी व कंडी इलाकों केविकास पर जोर दिया गया है। सीएम ने सरहदी इलाकों में रियायतें 125 फीसदी से बढ़ा कर 140 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा। नई नीति आठ रणनीतिक स्तंभों पर आधारित है। इनमें बुनियादी ढांचा, बिजली, एमएसएमई, स्टार्ट अप, स्किल डेवलपमेंट, व्यापार करना आसान बनाना, वित्त व गैर वित्तीय रियायतें, स्टेक होल्डर की सहभागिता और सेक्टर केंद्रित रणनीतियां शामिल हैं। एमएसएमई के विकास पर खास जोर दिया गया है। दस तकनीकी केंद्र, दस कॉमन फेसिलिटी सेंटर और दस क्लस्टर पहले चरण में स्थापित किए जाएंगे। इंडस्ट्री को जिलास्तर पर सिंगल विंडो क्लियरेंस सुविधा दी जाएगी।
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बकाए टैक्स की वसूली पांच साल के लिए रोकी जाएगी
Punjab CM Captain Amarinder Singh
- फोटो : File Photo
बकाए टैक्स की वसूली पांच साल के लिए रोकी जाएगी :
बिजली कर, बिजली बिल, हाउस टैक्स, वाटर टैक्स के बकाए की वसूली पांच साल के लिए मुल्तवी की जाएगी। सरहदी जिलों में सिक यूनिट को विशेष राहत पैकेज दिया जाएगा। पांच साल के लिए कुल वैट-जीएसटी का 75 प्रतिशत री-एंबर्समेंट किया जाएगा। दूसरे जिलों का पचास फीसदी री-एंबर्स होगा। इनकी भी टैक्स की वसूली पांच साल के लिए मुल्तवी की जाएगी। पीएसआईईसी को संवैधानिक अथॉरिटी के रूप में ऊपर उठाया जाएगा। यही सारे फोकल प्वाइंट की देखरेख करेगी।
मोहाली, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर में बनाए जाएंगे एग्जिबिशन, कन्वेंशन सेंटर :
14 नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। पहले चरण में मोहाली, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर में एग्जिबिशन व कन्वेंशन सेंटर बनाए जाएंगे। नई इंडस्ट्री को जीएसटी री-एंबर्समेंट के साथ बिजली ड्यूटी, प्रॉपर्टी टैक्स में छूट दी जाएगी। सूबे में स्टार्ट अप कल्चर केविकास को सौ करोड़ का फंड बनाया जाएगा।
बिजली कर, बिजली बिल, हाउस टैक्स, वाटर टैक्स के बकाए की वसूली पांच साल के लिए मुल्तवी की जाएगी। सरहदी जिलों में सिक यूनिट को विशेष राहत पैकेज दिया जाएगा। पांच साल के लिए कुल वैट-जीएसटी का 75 प्रतिशत री-एंबर्समेंट किया जाएगा। दूसरे जिलों का पचास फीसदी री-एंबर्स होगा। इनकी भी टैक्स की वसूली पांच साल के लिए मुल्तवी की जाएगी। पीएसआईईसी को संवैधानिक अथॉरिटी के रूप में ऊपर उठाया जाएगा। यही सारे फोकल प्वाइंट की देखरेख करेगी।
मोहाली, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर में बनाए जाएंगे एग्जिबिशन, कन्वेंशन सेंटर :
14 नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। पहले चरण में मोहाली, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर में एग्जिबिशन व कन्वेंशन सेंटर बनाए जाएंगे। नई इंडस्ट्री को जीएसटी री-एंबर्समेंट के साथ बिजली ड्यूटी, प्रॉपर्टी टैक्स में छूट दी जाएगी। सूबे में स्टार्ट अप कल्चर केविकास को सौ करोड़ का फंड बनाया जाएगा।