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कोटकपूरा गोलीकांड: पंजाब सरकार ने गठित की तीन सदस्यीय नई एसआईटी, छह माह में जांच पूरी करने का आदेश
Sat, 08 May 2021 02:21 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 08 May 2021 02:21 AM IST
सार
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि नई गठित एसआईटी में एडीजीपी (विजिलेंस ब्यूरो) एलके यादव, पुलिस कमिश्नर (लुधियाना) राकेश अग्रवाल और डीआईजी (फरीदकोट रेंज) सुरजीत सिंह को शामिल किया गया है, जो कोटकपूरा गोलीकांड के संबंध में दर्ज दो एफआईआर (14 अक्तूबर 2015 और 7 अगस्त, 2018) की जांच करेंगे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार पंजाब सरकार ने शुक्रवार को तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया, जिसमें सीनियर आईपीएस अधिकारी शामिल किए गए हैं। अदालत के आदेश के अनुसार टीम को कोटकपूरा गोलीकांड की जांच को प्राथमिक आधार पर छह माह में पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।
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सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि नई गठित एसआईटी में एडीजीपी (विजिलेंस ब्यूरो) एलके यादव, पुलिस कमिश्नर (लुधियाना) राकेश अग्रवाल और डीआईजी (फरीदकोट रेंज) सुरजीत सिंह को शामिल किया गया है, जो कोटकपूरा गोलीकांड के संबंध में दर्ज दो एफआईआर (14 अक्तूबर 2015 और 7 अगस्त, 2018) की जांच करेंगे।
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अदालती आदेश के अनुसार काम करेगी नई एसआईटी
गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार एसआईटी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश का पालन करेगी, जिसमें कहा गया है कि इस जांच में कोई भी अंदरूनी या बाहरी तौर पर दखल नहीं दिया जाना चाहिए। इस आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि एसआईटी साझा तौर पर काम करेगी और इसके सभी सदस्य जांच की सारी कार्रवाई और अंतिम रिपोर्ट पर अपने हस्ताक्षर करेंगे।
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आदेश में कहा गया है कि एसआईटी के सदस्यों को भी गवाह जांच अधिकारी के तौर पर सूची में शामिल किया जाएगा। कानून के मुताबिक, एसआईटी जांच संबंधी राज्य की किसी भी कार्यकारी या पुलिस अथॉरिटी को रिपोर्ट नहीं करेगी और सिर्फ संबंधित मजिस्ट्रेट को ही रिपोर्ट करेगी।
एसआईटी के सदस्यों को जांच का कोई हिस्सा लीक न करने और जांच के अलग-अलग पहलुओं संबंधी मीडिया से बातचीत न करने संबंधी हिदायत दी गई है। एसआईटी के सदस्य चल रही जांच के बारे में किसी शक या राय का सीधा या अप्रत्यक्ष तौर पर जवाब नहीं देंगे। प्रवक्ता ने कहा कि एसआईटी को जांच के मकसद से अन्य व्यक्तियों और विशेषज्ञों की सहायता लेने का अधिकार दिया गया है।