राहत के साथ बढ़ी पाबंदी: पंजाब में 10 जून तक मिनी लॉकडाउन, अस्पतालों में बहाल होगी ओपीडी, सर्जरी की भी इजाजत
पंजाब के सभी अस्पतालों में ओपीडी सेवा फिर से बहाल होगी। निजी वाहनों में सवारियों की संख्या से जुड़ी रोक को भी हटा लिया गया है। प्रदेश में ऑक्सीजन का अब गैर-चिकित्सा कार्यों में भी इस्तेमाल करने की अनुमित दी गई है। कुल मिलाकर पंजाब सरकार ने राहत के साथ कोरोना से जुड़ी पाबंदियों को 10 जून तक बढ़ा दिया है।
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में कोविड से जुड़े प्रतिबंधों को 10 जून तक बढ़ाने की घोषणा की। इसके साथ ही सक्रिय कोविड मामलों की संख्या और संक्रमण दर में गिरावट को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने निजी वाहनों में सवारियों की संख्या की सीमा हटाने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने सरकारी और निजी अस्पतालों में चुनिंदा सर्जरी को बहाल करने के साथ-साथ राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं फिर शुरू करने का निर्देश दिया है। उल्लेखनीय है कि गंभीर कोविड मामलों के लिए ऑक्सीजन और बेड की उचित उपलब्धता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 12 अप्रैल को चुनिंदा सर्जरी को बंद कर दिया गया था। मुख्यमंत्री ने अब इन ऑपरेशन को अस्पताल में एल-3 मरीज़ों के लिए बेड की कमी न होने की शर्त पर बहाल करने की आज्ञा दी है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ओपी सोनी ने कहा कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों ने 50 प्रतिशत ओपीडी सेवाएं पहले ही शुरू कर दी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों की सलाह के मुताबिक प्रतिबंधों को जारी रखने का फैसला लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी कारों और दोपहिया वाहनों पर सवारियों की सीमा हटाई जा रही है, क्योंकि इन वाहनों में मुख्य तौर पर पारिवारिक सदस्य और नजदीकी दोस्त-साथी ही सवार होते हैं लेकिन सवारी वाहनों और टैक्सियों पर सीमा पहले की तरह जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय हालात की प्राथमिकता के मुताबिक गैर-जरूरी दुकानें खोलने में किसी भी तरह का बदलाव करने के लिए डिप्टी कमिश्नर ही अधिकृत रहेंगे।
हालात कुछ सुखद हुए पर ढील देने की हालत नहीं: कैप्टन
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हालात कुछ हद तक सुखद होने के बावजूद राज्य किसी तरह की ढील बरतने की स्थिति में नहीं है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभागों को कोविड स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित बुनियादी ढांचा और सुविधाओं को मज़बूत रखने का आदेश दिया, ताकि महामारी की संभावित तीसरी लहर से निपटा जा सके।
उन्होंने इन विभागों को बच्चों के स्वास्थ्य देखभाल की सुविधाएं बढ़ाने और भारत सरकार से बच्चों के प्रयोग में आने वाले 500 पेडियाट्रिक वेंटिलेटरों की मांग करने को कहा। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री केयर फंड के अंतर्गत मिले 809 वेंटिलेटर बांट दिए गए हैं और इनमें से 136 काम नहीं कर रहे।
मुख्यमंत्री ने संभावित तीसरी लहर से जुड़ी मांग की पूर्ति के लिए तकनीकी और विशेषज्ञों के अन्य पद सृजन करने का भी निर्देश दिया है। डॉ. राज बहादुर ने बैठक के दौरान बताया कि डॉक्टरों और नर्सों की भर्ती लगभग पूरी है जबकि अस्थायी अस्पतालों के लिए साजो-सामान खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है।
अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग घटी
राज्य में ऑक्सीजन की स्थिति सुखद होने का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि जरूरी गैर-चिकित्सा मंतव्यों के लिए भी अब ऑक्सीजन इस्तेमाल करने की इजाज़त होगी, हालांकि मेडिकल ऑक्सीजन का तीन दिन का स्टॉक हर समय बरकरार रखना होगा। उन्होंने संतोष जताया कि मरीजों को डॉक्टर के कहने पर मुहैया करवाने के लिए अब प्रत्येक जिले में ऑक्सीजन कंसनट्रेटर बैंक मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों में ऑक्सीजन की मांग 304 मीट्रिक टन से कम होकर 236 मीट्रिक टन पर आ गई है।