पंजाब सरकार ने राइस शैलरों से मांगी बैंक गारंटी, किसान-आढ़ती परेशान
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प्रदेश में धान की खरीद शुरू हो चुकी है। अभी तक किसी भी शैलर की अलाटमेंट नहीं हुई है। इस बार पंजाब सरकार ने शैलरों से बैंक गारंटी मांगी है, जो देने में असमर्थ है। बैंक एक शैलर को एक करोड़ की गारंटी देने की एवज में उससे एक करोड़ रुपये की एफडी पास रखने की बात कह रहा है। इसीलिए मंडियों में धान की लिफ्टिंग का कार्य रुका है। इसके अलावा धान की लिफ्टिंग के लिए शैलरों को 50 फीसदी बारदाना खुद देना होता है। अगर शैलरों की अलाटमेंट नहीं हुई तो बारदाना कहां से आएगा। इससे आढ़ती, किसान व लेबर बहुत परेशान हैं।
जिले की मंडियों में सरकारी खरीद एजेंसियों ने धान खरीद कर मंडियों में रखा है। लेकिन धान की लिफ्टिंग नहीं हो रही है। कई मंडियों में बारदाना न होने के कारण धान की ढेरियां लगी हैं। जब तक धान की लिफ्टिंग नहीं होगी किसानों का भुगतान नहीं होगा। अभी तक पंजाब सरकार ने किसी भी शैलर की अलाटमेंट नहीं की है। शैलरों से पंजाब सरकार ने बैंक गारंटी मांगी है।
बैंक गारंटी देने को तैयार है, लेकिन एक शैलर वाले को एक करोड़ की गारंटी बैंक देता है तो उससे एक करोड़ की एफडी अपने पास रखने को कहता है। शैलर वाले प्रदेश सरकार को बैंक गारंटी देने को तैयार नहीं है। मंडी में धान की फसल लेकर बैठे किसान दर्शन सिंह, रेशम सिंह, सुरजीत सिंह, लखबीर सिंह व चमकौर सिंह ने कहा कि शैलर वाले 50 फीसदी बरदाना खुद देते हैं, बारदाना न मिलने के कारण उनके धान की ढेरियां मंडी में पड़ी है। जब तक धान की लिफ्टिंग नहीं होगी तब तक उन्हें भुगतान नहीं होगा।
उधर, डिप्टी कमिश्नर बलविंदर सिंह धालीवाल ने कहा कि धान खरीद में किसी किसान को दिक्कत नहीं आएगी। शैलरों की बैंक गारंटी पर डीसी ने जवाब दिया कि दो-तीन दिन में मामला हल हो जाएगा। मंडियों में धान की लिफ्टिंग शुरू हो जाएगी। शैलरों की अलाटमेंट भी हो जाएगी।
शैलर से गायब हो जाता है धान
एक सरकारी खरीद एजेंसी के अधिकारी ने बताया कि पिछले समय में कई शैलर वाले सरकारी धान खुर्दबुर्द कर सरकार को करोड़ों रुपये की चपत लगा चुके हैं। इसीलिए कैप्टन सरकार ने शैलरों से बैंक गारंटी मांगी है। जब तक शैलर वाले लिया धान का पूरा चावाल खरीद एजेंसी को नहीं लौटाते तब तक बैंक गारंटी सरकार के पास रहेगी। सरकार ने धान की हो रही चोरी को रोकने के लिए ऐसा कदम उठाया है।