फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Farmers spill milk and vegetables on the road during 10 days 'Kisan Avkash' protest

पंजाब में किसान आंदोलन: सड़कों पर बहाया गया हजारों लीटर दूध, बिखेरी गईं सब्जियां

Fri, 01 Jun 2018 12:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 01 Jun 2018 12:50 PM IST
विज्ञापन
Punjab Farmers spill milk and vegetables on the road during 10 days 'Kisan Avkash' protest
पंजाब में किसान आंदोलन
पंजाब में देशव्यापी किसान आंदोलन को लेकर हालात बिगड़ रहे हैं। शुक्रवार को हजारों लीटर दूध सड़कों पर बहाया गया और सब्जियां बिखेरी गईं। लुधियाना और फरीदकोट में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया और दूध सड़क पर बहा दिया। कई जगहों पर सड़क पर सब्जियां बिखेर दी गईं।
विज्ञापन

 

 

 



 

एक से दस जून तक सामान न बेचने का एलान

Punjab Farmers spill milk and vegetables on the road during 10 days 'Kisan Avkash' protest
पंजाब में किसान आंदोलन
बता दें कि देशव्यापी आंदोलन के तहत 172 किसान जत्थेबंदियों ने एक से दस जून तक शहरों में सामान न बेचने का एलान किया है। इसके चलते पंजाब समेत देशभर के कई राज्यों में दस दिन तक दूध, सब्जी और फल की सप्लाई प्रभावित रहेगी।

हालांकि सभी संगठन आंदोलन में शामिल नहीं हैं। लेकिन पंजाब के भी तमाम किसान संगठन आंदोलन में शामिल हैं। इनमें सबसे प्रमुख भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि ज्यादातर संगठन आंदोलन की हिमायत कर रहे हैं। आम किसान पूरी तरह आंदोलन के साथ है। भाकियू (एकता दकौंदा) और बॉर्डर किसान कमेटी ने भी आंदोलन का समर्थन किया है।

सिर्फ भाकियू (एकता उगराहां) और किसान संघर्ष समिति अभी तक साथ नहीं आए हैं। वहीं आंदोलन के तहत, दस दिनों तक किसान अपने घरों और खेतों में ही रहेंगे। फल, सब्जी, दूध आदि बेचने शहरों में नहीं जाएंगे। दूध उत्पादक किसानों से अपील की गई है कि वे दूध उत्पाद बना कर रखें। 10 दिन के दौरान कोई रोष प्रदर्शन नहीं होगा, यह पूरी तरह शांतिपूर्ण आंदोलन है।

ये हैं मांगें
केंद्र सरकार 12 साल में कारपोरेट घरानों का 20 लाख करोड़ का कर्ज माफ कर सकती है तो किसानों का 13 लाख 40 हजार करोड़ का कर्ज क्यों माफ नहीं हो सकता। स्वामीनाथन रिपोर्ट के मुताबिक फसलों का उचित दाम दिए जाएं। किसानों को देश का नागरिक मानते हुए उनकी कम से कम आय तय की जाए। किसानों और मजदूरों की मासिक आय 30 हजार रुपये होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed