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डेढ़ लाख चिट्ठियां लेकर पहुंचे किसान, चंडीगढ़ में रोका तो धरने पर बैठे

Thu, 11 Aug 2016 09:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Updated Thu, 11 Aug 2016 09:45 AM IST
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punjab farmers reached at chandigarh with millions of letters, stopped by police
farmers protest - फोटो : amar ujala
बड़ी संख्या में पंजाब के किसान दो बैलगाड़ियों पर डेढ़ लाख चिट्ठियां लेकर मोहाली से राज भवन, चंडीगढ़ जाने के लिए निकले। यूटी पुलिस ने उन्हें सीमा पर ही रोक लिया। उसकेबाद भारतीय किसान यूनियन प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल की अगुवाई में एक दल को राजभवन ले जाया गया।
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किसानों की चिट्ठियां भी यूटी पुलिस के ट्रक में भर कर राजभवन पहुंचाई गईं। बड़ी संख्या में किसान सुबह से ही मोहाली के गुरुद्वारा अंब साहिब में इकट्ठे होने लगे थे। बारिश के बावजूद किसानों की उपस्थिति दमदार रही। करीब बारह बजे उन्होंने चंडीगढ़ के लिए कूच किया। मोहाली पुलिस साथ-साथ ही चल रही थी। बीच में दो गड्डों पर राष्ट्रपति को लिखीं डेढ़ लाख चिट्ठियों के ढेर थे। कई किसानों ने सिर पर भी चिट्िठयां ले रखी थीं। चंडीगढ़ सीमा पर यूटी पुलिस ने बैरिकेड्स लगा कर उन्हें रोका तो किसान वहीं धरने पर बैठ गए।
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अधिकारियों से बातचीत के बाद एक दल को राजभवन ले जाने पर सहमति बन गई। पुलिस ने बैरिकेड खोल दिया और चंडीगढ़ साइड खड़े ट्रक में किसानों ने सारी चिट्ठियां रख दीं। उसकेबाद राजेवाल समेत छह लोगों को राज भवन ले जाया गया। उन्होंने राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी को ज्ञापन और सारी चिट्ठियां सौंपीं। राजेवाल ने धरनास्थल पर लौटने के बाद किसानों को बताया कि राज्यपाल ने भरोसा दिया है वीरवार को वह ज्ञापन और चिट्ठियां राष्ट्रपति को भिजवा देंगे। करीब तीन बजे केबाद धरना समाप्त हुआ। 
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चंडीगढ़ का दूध-पानी करेंगे बंद

punjab farmers reached at chandigarh with millions of letters, stopped by police
farmers protest - फोटो : amar ujala
चिट्ठियों में किसानों का दर्द
राजेवाल ने कहा कि इन चिट्ठियों में किसानों का दर्द बयान किया गया है। राज्य और केंद्र सरकारें किसानों को नजरंदाज कर रही हैं, जिसके चलते वे आत्महत्या कर रहे हैं। सभी किसानों को कहा गया था कि वे परिवार समेत बैठ कर पहले चिट्ठी पढ़ें, अगले दिन दस्तखत करें। इसी का नतीजा था कि बारिश के बावजूद इतनी बड़ा तादाद में किसान अपने वाहनों से मोहाली पहुंचे। उन्होंने कहा कि 14 अगस्त को राष्ट्रपति और 15 अगस्त को प्रधानमंत्री के भाषण पर किसानों की निगाहें टिकी हैं। अगर इनमें किसानों के लिए कुछ सकारात्मक हुआ तो ठीक, वरना उसकेबाद आंदोलन शुरू किया जाएगा।

चंडीगढ़ का दूध-पानी करेंगे बंद
भाकियू प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि प्रस्ताव पास कर चंडीगढ़ प्रशासन की निंदा की गई है। चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है, यहां किसानों को आने से कोई रोक नहीं सकता। प्रशासन को लिखित रूप में दिया गया था कि लोगों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी, कोई हिंसा नहीं होगी। फिर भी शांतिपूर्वक जा रहे किसानों को रोका गया। प्रशासन को एक माह का नोटिस दिया गया है। अगर रवैया नहीं बदला तो किसान चंडीगढ़ को दूध व सब्जी की सप्लाई बंद कर देंगे। उससे लोगों को होने वाली परेशानी के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। चार साल पहले भी ऐसा किया जा चुका है।
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