पंजाब: धरने पर बैठे किसान की मौत, रेल ट्रैक पर डटे अन्नदाता, मॉल-पेट्रोल पंप के बाहर प्रदर्शन
- अमृतसर में किसानों-मजदूरों ने बंद करवाया पेट्रोल पंप, मॉल के बाहर धरना
- फिरोजपुर में किसानों ने निकाला कैंडल मार्च, नवांशहर में स्टोर के बाहर की नारेबाजी
- पठानकोट में किसानों ने की भाजपा प्रदेश प्रधान का घर घेरने की कोशिश
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कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को सुबह अमृतसर-जालंधर रोड पर स्थित मानावाला में वर्षों से चल रहे एक कारपोरेट घराने के पेट्रोल पंप पर किसानों ने कब्जा कर उसे बंद करवा दिया। वहीं किसानों-मजदूरों ने श्री गुरु रामदास इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रास्ते में पड़ते गांव मीरांकोट में स्थित एक बड़े मॉल के बाहर भी धरना प्रदर्शन किया। बीते एक सप्ताह से मॉल के बाहर चल रहे प्रदर्शन के कारण सभी व्यवसायिक गतिविधियां ठप हो गई हैं। मॉल के स्थानीय प्रबंधकों ने मुख्य गेट पर ताले जड़ दिए हैं।
उधर, राज्यसभा सांसद श्वेत मलिक के घर के बाहर चल रहे धरने में किसानों के समर्थन में पहुंचकर गायक हरफ चीमा ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। देवीदासपुर गांव के रेल ट्रैक पर धरने पर बैठी संघर्ष कमेटी का प्रदर्शन 12वें दिन भी जारी रहा। वहीं कस्बा महिलकलां में बरनाला-लुधियाना रोड पर स्थित टोल प्लाजा पर पिछले चार दिनों से चल रहे किसान धरने को संबोधित करते वक्त आरएमपीआई के सूबा कमेटी सदस्य व जमहूरी किसान सभा के जिला महासचिव मास्टर जसपाल सिंह की अचानक मौत हो गई।
किसान नेता की मौत के बाद किसान गुस्से में आ गए। किसान संगठनों ने एलान किया कि और भी कुर्बानियां अगर देनी पड़ीं तो वह पीछे नहीं हटेंगे। किसान मोदी सरकार की ओर से लाए गए किसान विरोधी कृषि कानूनों को खत्म करवाकर ही दम लेंगे। किसान संगठनों ने मास्टर जसपाल सिंह को शहीद करार देते हुए सरकार से उचित मुआवजे व परिवार के सदस्य को नौकरी देने की मांग की है।
फिरोजपुर में बस्ती टैंकावाली के पास रेल की पटरी पर धरना दे रहे किसानों ने 12वें दिन कृषि कानून के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। वहीं पठानकोट में साझा किसान मोर्चा पंजाब समेत अन्य किसान जत्थेबंदियों ने कृषि कानून के विरोध में सोमवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा के घर के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी रैली निकालते हुए अश्वनी शर्मा की कोठी के पास पहुंचे। पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोका लेकिन किसानों ने पहले बैरिकेड को पार कर लिया। जब वे दूसरे बैरिकेड पर पहुंचे तो उन्हें आगे जाने नहीं दिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर ही दरी बिछाकर बैठ गए।
नवांशहर में कृषि कानूनों के खिलाफ सोमवार को किसान संगठनों ने एक कॉरपोरेट घराने के स्टोर के बाहर धरना दिया। करीब तीन घंटे तक चले धरने में किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर भड़ास निकाली। संगरूर में केंद्र सरकार के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन पर सोमवार को भी धरना जारी रहा।