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किसान का अनोखा 'जुगाड़', एक दिन में 100 एकड़ में इस मशीन से धान की पनीरी बीजनी संभव

Fri, 22 May 2020 10:31 AM IST
खुशबू गोयल महेश कुमार, कपूरथला
महेश कुमार, कपूरथला Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 22 May 2020 10:31 AM IST
सार

  • कामयाब रहा तो सूबे से कम होगी लेबर की किल्लत
  • 450 एकड़ के लिए तैयार कर डाली है मैट पर पनीरी
  • कार्यशैली और आउटपुट देखकर अधिकारी भी हुए हैरान

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Punjab Farmer Unique Invention for Farming, agricultural equipment
खेती करने का उपकरण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कर्फ्यू-लॉकडाउन की वजह से श्रमिक यूपी-बिहार लौट रहे हैं। इससे प्रदेश में धान की बुआई पर असर पड़ने का अंदेशा जताया जा रहा है। इसलिए कपूरथला के गांव नानो मल्लियां के किसान जगतार सिंह जग्गा ने ऐसी देसी ‘जुगाड़’ तकनीक से मॉडल बनाने का दावा किया है, जिससे एक दिन में 100 एकड़ में बिना लेबर के धान की पनीरी मैट पर बीजना संभव है।
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इस जट्ट का जुगाड़ यदि कामयाब रहा तो सूबे में धान की बुआई के लिए लेबर की किल्लत हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। किसान जगतार सिंह के इस मॉडल की कार्यशैली और आउटपुट देखकर एक बारगी कृषि विभाग कपूरथला के अधिकारी भी हैरान रह गए। किसान के अनुसार, यह पनीरी मैट पर बीजी जाती है, जिसे खेत में केवल पेडी ट्रांसप्लांटर से ही कम लेबर से भी रोपा जा सकता है। लेकिन यह पनीरी मजदूर नहीं बीज सकेंगे।
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किसान जगतार सिंह ने बताया कि यह मशीन ट्रैक्टर के साथ चलती है और एक समय पर पांच काम करती है- भाव प्लास्टिक की शीट बिछाना, छानी हुई मिट्टी को शीट पर डालना, पानी के साथ मिट्टी को गीला करना, जिससे बीज के लिए बैड तैयार हो सके, फिर इस बैड पर बीज डालना और आखिर में बैड पर पड़े बीज को हलकी मिट्टी की परत के साथ ढक्कना।
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एक दिन में यह मशीन 100 एकड़ में मैट वाली पनीरी बीज सकती है। किसानों की तरफ से महज छानी हुई मिट्टी, बीज और लेबर का प्रबंध किया जाता है। इस तरह पांच मजदूर एक दिन में 100 एकड़ तक की पनीरी बीज सकते हैं।

विभाग के डायरेक्टर को लिखकर भेजने की तैयारी

किसान ने बताया कि साल 2009 में उसने धान लगाने वाली मशीन खरीदी थी। वह हमेशा पनीरी बीजने के काम को आसान बनाने के बारे में सोचता रहता था। इस तरह उसने दो साल की मेहनत और लगन से इस मशीन को मोडीफाइड किया। कर्फ्यू व लॉकडाउन में मिले खाली समय में तेजी से उसने इसे बनाने का काम मुकम्मल किया।

मुख्य कृषि अधिकारी नाजर सिंह ने इस मशीन को देखने के बाद कहा कि पेडी ट्रांसप्लांटर मशीन के साथ धान की फसल लगाने का काम सचिव कृषि काहन सिंह पन्नू की तरफ से शुरू किया गया था। इस मशीन के लिए मैट टाइप पनीरी की जरूरत पड़ती है। जगतार सिंह की तरफ से तैयार की नई मशीन जमीन पर पहले प्लास्टिक की शीट बिछाती है, फिर उस पर एक इंच से सवा इंच तक मिट्टी की तह बिछाती है, जिस पर यह मशीन पानी स्प्रे करती है, फिर बीज बिखेर देती है, बीज को ढक्कन के लिए हलकी मिट्टी बीज पर डाल दी जाती है।

फिर मशीन से बीजी पनीरी को गीली बोरियों से ढंक दिया जाता है और बोरियों को गीला रखा जाता है। फिर दो -तीन दिनों बाद खुला पानी दिया जाता है। इस मशीन ने मैट टाइप पनीरी बीजने का काम आसान कर दिया है। उन्हें उम्मीद है कि इससे किसानों को लेबर की समस्या कम आएगी। इस मशीन से जगतार सिंह अब अब तक 24 किसानों की 450 एकड़ क्षेत्रफल के लिए धान की पनीरी बीज चुका है। कृषि विभाग इसकी मशीन को पीएयू से प्रमाणित करवाने के लिए विभाग के डायरेक्टर को लिखकर भेजने की तैयारी में जुट गया है।
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