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मिसाल : यूट्यूब से सीखी आर्गेनिक खेती, बिजाई से पहले हो जाती है इस किसान की फसल की बुकिंग
Fri, 11 Dec 2020 12:24 PM IST
निवेदिता शर्मा
अमर उजाला, मोहाली
अमर उजाला, मोहाली
Published by: निवेदिता शर्मा
Updated Fri, 11 Dec 2020 12:24 PM IST
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मोहाली में अपनी फसल के बारे में जानकारी देते सुरजीत सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब के एक किसान ने आर्गेनिक खेती की बारीकिया समझीं, फिर यू-ट्यूब का सहारा लेकर प्राकृतिक पौधों का इस्तेमाल कर फसल की पैदावार बढ़ाई। कुछ साल दिक्कतें आईं लेकिन अब ये आलम है कि उनके खेत में फसल बोने से पहले ही खरीद के आर्डर आ जाते हैं। अपने जज्बे से आर्गेनिक फार्मिंग को कामयाब बनाने वाले ये किसान हैं पंजाब के मोहाली के सुरजीत सिंह।
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मोहाली के गांव तंगोरी के सुरजीत सिंह पहले पंजाब पुलिस में नौकरी करते थे। बाद में वह नेशनल आर्गेनिक फार्मिंग गाजियाबाद से जुड़े। इसके साथ ही खेतीबाड़ी विभाग से मेलजोल बढ़ाकर मिट्टी की परख और उसकी उपजाऊ क्षमता बढ़ाने के बारे में सीखा। साथ ही सोइल बैंक से मिट्टी के कुदरती तत्वों के बारे में जानकारी हासिल की।
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इसके बाद उन्होंने अपने तरीके से खेतीबाड़ी शुरू की। खेतों के कुदरती ढलान को देखते हुए एक टोबा (तालाब) बनाया ताकि जरूरत पड़ने पर टूल्लू पंप लगाकर खेतों की सिंचाई की जा सके। सुरजीत ने बताया कि देसी जंगली छोटी मछली की पैदावार कर कैल्शियम से भरपूर पानी से फसलों की सिंचाई की जाती है।
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सुरजीत सिंह ने यूट्यूब पर आर्गेनिक फार्मिंग संबंधी डी कंपोजर तैयार करना, प्राकृतिक पौधे जैसे धतूरा, भांग, अक्क, नीम आदि के बायो पेस्टीसाइड और नाइट्रोजन बायो फर्टिलाइजर तैयार करने के बारे में जानकारी हासिल की। इसके बाद उन्होंने चाटी की लस्सी को संभालना शुरू किया। पांच साल से लस्सी का फसलों में इस्तेमाल करने के बाद वे इस नतीजे पर पहुंचे कि तीन से दस साल पुरानी लस्सी और कुदरती डी कंपोजर के प्रयोग से मिट्टी के आर्गेनिक तत्वों में बढ़ोतरी की जा सकती है। इसके इस्तेमाल के बाद फफूंदी नाशक, कीड़ेमार जहर या रासायनिक खादों की जरूरत भी नहीं पड़ती।
सुरजीत सिंह ने बताया कि शुरुआत में दो तीन साल फसल की पैदावार कम रही, लेकिन उत्पादों के दामों से घाटा पूरा हो जाता था। इसके बाद अब वे पूरी तरह से आर्गेनिक खेती कर रहे हैं। इससे उनकी आमदनी भी सवा से डेढ़ गुना तक बढ़ गई है। हाल ये है कि फसल बीजने से पहले ही उसकी बुकिंग हो जाती है।
गन्ने से तैयार करते हैं आर्गेनिक गुड़
सुरजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने पांच किले जमीन में आर्गेनिक गेहूं के साथ ही ढाई एकड़ जमीन में गन्ना लगाया है। गन्ने से सीधा आर्गेनिक गुड़ तैयार किया जाता है, जिसे वे सौ रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचते हैं।