कैप्टन-बादल को बड़ी राहत, केजरी की किरकिरी
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पंजाब में पटियाला और तलवंडी साबो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के सोमवार को आए नतीजों से साफ हो गया कि प्रदेश में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और कैप्टन अमरिंदर सिंह का जलवा कायम है।
हालांकि लोकसभा चुनाव में प्रदेश की चार सीटों पर आम आदमी पार्टी की जोरदार जीत ने इन दोनों नेताओं और उनके दलों के लिए चिंता बढ़ा दी थी।
सोमवार को घोषित परिणाम में पटियाला शहरी विधानसभा हलके में कांग्रेस प्रत्याशी परनीत कौर विजेता रहीं। वहीं, बठिंडा में शिअद के प्रत्याशी जीत महिंदर सिंह सिद्धू जीते।
आप प्रत्याशियों की जमानत हुई जब्त
पटियाला में मतगणना के हर राउंड में भारी वोटों के साथ लीड कर रहीं परनीत कौर 23,282 मतों से विजेता घोषित की गईं। यहां अकाली दल प्रत्याशी भगवान दास जुनेजा 29,685 वोट के साथ उपविजेता रहे।
आप प्रत्याशी हरजीत सिंह अदालतीवाला को मात्र 5,724 वोट ही मिले और उनकी जमानत भी जब्त हो गई। जिला चुनाव अफसर कम डीसी पटियाला वरुण रुजम ने बताया कि पटियाला शहरी के कुल एक लाख 51 हजार 461 वोटरों में से 89 हजार 570 वोटरों ने उपचुनाव में अपने मत का इस्तेमाल किया।
तलवंडी साबो में भी चौंकाने वाले नतीजे
उधर, तलवंडी साबो उपचुनाव के नतीजे चौंकाने वाले आए। इसमें शिअद प्रत्याशी जीत महिंदर सिंह सिद्धू ने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के हरमिंदर सिंह जस्सी को 46,642 मतों से पराजित किया। तीसरे नंबर पर आप की बलजिंदर कौर रहीं, जिन्हें 13,899 मत मिले। उनकी जमानत जब्त हो गई।
तलवंडी साबो में कुल 1.45 लाख मतों में से 1 लाख 18 हजार 110 वोटरों ने वोट डाले। इनमें से कांग्रेस प्रत्याशी को 25105, शिअद प्रत्याशी को 71747, आप प्रत्याशी को 13899, आजाद प्रत्याशी को 6305 और सबसे कम बलविंदर सिंह को 218 मत मिले।
कैप्टन हुए मजबूत, बाजवा और कमजोर
पटियाला और तलवंडी साबो उपचुनाव के नतीजों के साथ ही कांग्रेस की अंदरूनी सियासत गर्माने के भी आसार बन गए हैं। उपचुनाव के नतीजे से जहां लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह एक बार फिर मजबूत होकर उभरे हैं।
वहीं, प्रदेश प्रधान प्रताप बाजवा पार्टी में और कमजोर हो गए हैं। दोनों दिग्गजों के बीच कोल्ड वार फिर शुरू हो सकता है। उपचुनाव से पहले ही दोनों दिग्गजों ने अपने-अपने अखाड़े बांट लिए थे।
पटियाला में प्रत्याशी के चयन से लेकर प्रचार की रणनीति तक, सब कुछ कैप्टन के हाथ में था। जबकि, तलवंडी साबो में बाजवा ने ही प्रचार की कमान संभाली थी।
दोनों एक-दूसरे के हलकों में गए भी नहीं, लेकिन पटियाला में कांग्रेस ने जहां कांग्रेस ने शानदार जीत दर्ज की। वहीं, तलवंडी साबो में 46642 वोट से शर्मनाक हार हुई।
कैप्टन को जीत का तो बाजवा को हार का क्रेडिट
कांग्रेस उम्मीदवार हरमिंदर जस्सी सिर्फ 25105 वोट ही हासिल कर सके। जबकि, अकाली उम्मीदवार जीत महिंदर सिद्धू को 71747 वोट मिले। कैप्टन को जहां जीत का क्रेडिट मिलेगा। वहीं, बाजवा पर हार का ठीकरा भी फूटेगा।
लंबे समय तक उन्होंने हलके में डेरा डाला, उसके बावजूद इतनी करारी हार हुई। लोकसभा चुनाव में भी पार्टी की हार के बाद कैप्टन गुट ने बाजवा को घेरा था। बड़ी संख्या में कैप्टन समर्थकों ने बाजवा से इस्तीफे की मांग की थी, लेकिन पंजाब प्रभारी शकील अहमद ने उन्हें बचा लिया था।
हाईकमान ने कैप्टन गुट को भी शांत करा दिया था। लेकिन इस हार के बाद एक बार फिर कैप्टन गुट बाजवा के इस्तीफे की मांग उठा सकता है। कैप्टन फिलहाल विदेश दौरे पर हैं। उनके लौटने के बाद प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी सियासत गर्मा सकती है।