पंजाब विधानसभा चुनाव : चुनाव आयोग करेगा उच्च तकनीक पर फोकस, कोरोना के कारण ऑनलाइन ही होगी तैयारियों पर बैठक
- गूगल मीट के जरिए तैयारियों को लेकर आयोजित की जाएंगी बैठकें
- मोबाइल एप पर एक्टिव रहेंगे चुनाव से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी
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पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग उच्च तकनीक पर फोकस करने की तैयारी कर रहा है। राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण के फैलाव को देखते हुए ईसी ने तैयारियों को लेकर होने वाली बैठकों को ऑनलाइन करने का फैसला किया है। साथ ही आयोग ने चुनाव प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आयोग से संबंधित मोबाइल एप से कार्य करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
राज्य में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) पंजाब डॉ. एस करुणा राजू ने चुनाव अधिकारियों को तैयार रहने की हिदायत दे दी है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने वोटर सूची के निरंतर अपडेट के लिए मुहिम पहले ही शुरू कर दी है। महामारी के दौर में आयोग सूचना प्रौद्योगिकी पर विशेष जोर दे रहा है। इसके साथ ही आयोग चुनाव प्रक्रिया से संबंधित मोबाइल एप्लीकेशनों की भूमिका बढ़ाने पर विचार कर रहा है।
इस कारण सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मोबाइल एप्लीकेशन का अधिक से अधिक प्रयोग करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इन एप्स में मुख्य तौर पर आम लोगों के लिए वोटर हेल्पलाइन एप, दिव्यांग व्यक्तियों के लिए पीडब्ल्यूडी एप, बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) के लिए गरुड़ एप शामिल हैं। आयोग की ओर से हिदायत दी गई है कि दिव्यांग व्यक्तियों के लिए मोबाइल एप्लीकेशन खासकर पीडब्ल्यूडी एप को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष मुहिम शुरू की जाए।
हेलो वोटर्स के लिए तैयार होंगी ऑडियो क्लिप
बाहरी गतिविधियों में प्रौद्योगिकी का करें प्रयोग
फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि वे बाहरी गतिविधियों के लिए प्रौद्योगिकी का प्रयोग करें। पीडब्ल्यूडी, ट्रांसजेंडर, युवाओं के लिए वर्ग अनुसार गूगल मीट और वेबिनारों का सुझाव आयोग की तरफ से दिया गया है।
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव यकीनी बनाने में विकेंद्रीकरण पहुंच सहायक होती है। चुनाव निष्पक्ष हो इसके लिए अधिकारियों को सभी पोलिंग बूथों की खुद तस्दीक करने और कोविड-19 की स्थिति के मद्देनजर और ज्यादा स्थानों का सुझाव देने और सभी उचित आंकड़ों को अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। - डा. एस करुणा राजू, सीईओ, पंजाब
किस एप की क्या है विशेषता
- वोटर हेल्प लाइन एप : इस एप के जरिए मतदाता निर्वाचन से संबंधित व्यक्तिगत जानकारी ले सकते हैं। साथ ही मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट, स्वीप, एनवीएसपी, मतदाता सर्च और शिकायत पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। ईपीआईसी नंबर के जरिए निर्वाचन से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है
- पीडब्ल्यूडी एप: इस एप के जरिए कोई भी दिव्यांग व्यक्ति नए मतदाता के रूप में अपना पंजीकरण करा सकता है। बूथ बदलने और सुधार के लिए आवेदन कर सकता है। ऑनलाइन सपोर्ट ले सकता है। ऑनलाइन अनुरोध प्राप्त होते ही मतदान केंद्र का बीएलओ दिव्यांग मतदाता के घर जाएगा और आवश्यक पेपर वर्क पूरा करेगा।
- गरुड़ एप: पोलिंग बूथ की व्यवस्था में सुधार के साथ ऑनलाइन प्रक्रिया होने से दस्तावेजों के प्रयोग में होने वाली परेशानियों से बचने के लिए यह एप बेहद उपयोगी है। एप गरुड़ (जीएआरयूडीए) में ब्लॉक लेवल ऑफिसर (बीएलओ) मतदाता के घर पहुंचकर सभी प्रकार की जानकारी डिजिटल एप में फीड करते हैं।
चुनाव आयोग ने यह प्रक्रिया प्रयोग के तौर पर इसी साल शुरू की है। आयोग की यह मुहिम वेब रेडियो-हेलो वोटर्स इन दिनों देश के अलावा प्रदेश वासियों को खासी रास आ रही है। हेलो वोटर्स ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां मतदाता मतदान और चुनाव से जुड़ी तमाम तरह की जानकारी वेबसाइट और मोबाइल एप पर सुनकर आसानी से जान सकते हैं।