Punjab Chunav 2022: पीएम मोदी की फाजिल्का रैली का विरोध शुरू, किसानों ने पुतले फूंके, 16 को पूरे पंजाब में धरने का एलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 फरवरी को फाजिल्का में जनसभा करेंगे। इससे पहले 16 फरवरी को वह पठानकोट में भी रैली करेंगे। किसान संगठनों ने पीएम मोदी की रैली का विरोध करने का एलान कर दिया है। 16 फरवरी को किसान एसडीएम कार्यालयों के सामने धरना देंगे।
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पंजाब विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई रैली करेंगे। 17 फरवरी को अबोहर में भी पीएम जनसभा को संबोधित करेंगे। वहीं किसान नेताओं ने भी मोदी का विरोध करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी के तहत मोर्चो के आह्वान पर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के सदस्यों ने ब्लाक अबोहर के विभिन्न गांवों बुर्जमुहार, किल्लियांवाली और बहावलवासी में मोदी सरकार के पुतले फूंके और उन पर किसानों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।
यूनियन के पदाधिकारी जगतार सिंह व अन्य सदस्यों ने कहा कि पहले तो मोदी ने किसानों के साथ विश्वासघात किया और अब वे पंजाब में भाजपा के लिए वोट मांगने आ रहे हैं, जिसका यूनियन कड़ा विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि 16 फरवरी को एसडीएम कार्यालय के समक्ष ब्लाक स्तर पर धरना लगाकर मोदी के पुतले जलाएंगे जबकि 17 फरवरी को भाकियू एकता उगराहां द्वारा बरनाला में की जा रही लोक कल्याण रैली में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।
पीएम मोदी को पंजाब में रैली करने का कोई नैतिक हक नहीं: पंधेर
किसान संगठनों ने फिरोजपुर के कई गांवों में रोष रैली निकाल डिप्टी कमिश्नर दफ्तर के समक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। किसानों का कहना है कि पीएम मोदी को पंजाब में रैली करने का कोई नैतिक हक नहीं है। किसान आंदोलन खत्म कराते समय केंद्र सरकार ने किसानों की बाकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था, जो अब तक पूरा नहीं किया। यही वजह है कि किसान पंजाब विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों का विरोध कर रहे हैं।
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि 20 गांवों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका गया है। केंद्र सरकार दिल्ली मोर्चे के दौरान मांगें स्वीकार करने संबंधी लिखित सहमति पत्र से पूरी तरह मुकर चुकी है। पीएम मोदी को पंजाब में रैली करने का कोई नैतिक हक नहीं है।
दिल्ली मोर्चे में उनके साढ़े सात सौ किसान शहीद हुए हैं, उनके परिवार के किसी एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी नहीं दी है और न मुआवजा दिया है। लखीमपुर खीरी कांड में किसानों के कातिल अशीष मिश्रा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि जमानत दिलवा दी है, जो सरेआम घूम रहा है। क्रांतिकारी किसान यूनियन के नेता अवतार सिंह महिमा ने कहा कि दिल्ली के बार्डर से किसानों का आंदोलन खत्म करवाते समय केंद्र सरकार ने वादे किए थे। मगर पूरे नहीं किए हैं।
संयुक्त किसान मोर्चे ने पीएम मोदी की रैली का विरोध करने की घोषणा की है। कई गांव में रैली निकालने के बाद डीसी दफ्तर के सामने पहुंच केंद्र की मोदी सरकार का पुतला फूंका है। 16 फरवरी को पंजाब भर के डीसी दफ्तर और तहसील स्तर पर धरने लगाए जाएंगे और मोदी सरकार के पुतले फूंके जाएंगे। किसान नेताओं ने पंजाब के लोगों से अपील की है कि 750 किसानों की जान लेने वाली भाजपा और उसकी सहयोग पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस (कैप्टन अमरिंदर सिंह) और सुखदेव सिंह ढींडसा की शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) का बहिष्कार करें।
किसानों ने भाजपा प्रत्याशी सुरजीत ज्याणी का किया विरोध
फाजिल्का के गांव राणा में भाजपा प्रत्याशी सुरजीत ज्याणी चुनाव प्रचार करने पहुंचे। वहीं पर किसान संगठन पहुंच गए। किसानों ने ज्याणी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दोनों पक्षों में तनावपूर्ण माहौल बन गया था। ज्याणी किसानों को ठेंगा दिखा रहे थे। पुलिस के कारण दोनों पक्ष दूर-दूर रहे। किसानों ने इन दिनों भाजपा प्रत्याशियों के लिए परेशानी पैदा कर दी है। अब मतदान को छह दिन बचे हैं।