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पंजाब शिक्षा विभाग की शर्मनाक करतूत, पढ़िए
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 18 May 2014 11:06 AM IST
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पंजाब शिक्षा विभाग का नया कारनामा सामने आया है। एक शिक्षक द्वारा भर्ती की मेरिट में शामिल नहीं किए जाने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। इसी बीच विभाग द्वारा शिक्षक को नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया। दब तक विभाग के संबंधित अधिकारी को शिक्षक की याचिका पर हाईकोर्ट से जारी नोटिस नहीं मिला था।
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शिक्षक गुरविंदर रत्न नियुक्ति पत्र मिलने के बाद नौकरी ज्वाइन कर चुका था कि संबंधित अधिकारी को हाईकोर्ट का नोटिस मिल गया। इससे गुस्साए अधिकारी ने गुरविंदर को नौकरी से हटा दिया। गुरविंदर ने एक बार फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। नौकरी से हटाए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर 19 अगस्त तक जवाब तलब किया है।
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शिक्षा विभाग ने वर्ष 2009 में 78 साइंस टीचरों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे। गुरविंदर पुरुष वर्ग की मेरिट में टाप पर था और पुरुषों और महिला आवेदकों की साझा सूची में भी वह चौथे नंबर पर था। लेकिन बाद में विभाग ने सूची दोबारा तैयार की और उसमें गुरविंदर का नाम नहीं था।
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इस बाबत गुरविंदर को कोई सूचना भी नहीं दी गई। इस पर उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर हाईकोर्ट ने उसे नौकरी देने के लिए सरकार को निर्देश दिया।
नौकरी ना देने के कारण ही उसने संबंधित अधिकारी के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की थी, जिसका नोटिस मिलने के कारण गुरविंदर को नौकरी से हटा दिया गया। नौकरी से हटाते हुए विभाग की ओर से कहा गया कि गुरविंदर योग्यताएं पूरी नहीं करता।