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Punjab Congress Crisis: दिल्ली में सोनिया गांधी और नवजोत सिद्धू की मीटिंग खत्म, अब चंडीगढ़ में होगा अगला एलान
Fri, 16 Jul 2021 11:51 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 16 Jul 2021 11:51 AM IST
सार
पंजाब कांग्रेस के विवाद का कोई रास्ता निकलता नजर नहीं आ रहा। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह किसी भी कीमत पर नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी का प्रदेश प्रधान नहीं बनने देना चाहते। वहीं, सिद्धू चुनाव प्रचार समिति का प्रधान और कार्यकारी समिति का सदस्य बनने पर सहमत नहीं हैं। ऐसे में शुक्रवार को सिद्धू-सोनिया की मुलाकात से कुछ समाधान निकलने की उम्मीदें बढ़ गईं हैं।
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पंजाब कांग्रेस विवाद
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब कांग्रेस में चल रही कलह के बीच शुक्रवार को विधायक नवजोत सिद्धू और पार्टी की अंतरिम प्रधान सोनिया गांधी की मीटिंग खत्म हो गई है। पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक के बाद रावत ने कहा कि वे सोनिया गांधी को रिपोर्ट सौंपने आए थे। पंजाब कांग्रेस प्रधान के बारे में रावत ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष जल्द ही इस बारे में कोई निर्णय लेंगी। हालांकि उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के राज में पंजाब के लोगों को शांति और सुरक्षा मिली है। लोग प्रयोग नहीं चाहते। अकाली जब भी सत्ता में आए हैं अव्यवस्था फैली है। सूत्रों के अनुसार, रावत देर शाम चंडीगढ़ आएंगे और वहीं पार्टी की कलह को खत्म करने का कोई समाधान बताया जाएगा।
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इससे पहले गुरुवार शाम को सिद्धू को पार्टी का प्रदेश प्रधान बनाए जाने की खबरों से नाराज कैप्टन ने पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को फोन कर कहा कि पंजाब में 2022 का विधानसभा चुनाव उन्हीं की नुमाइंदगी में लड़ा जाएगा। कैप्टन ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब कांग्रेस का प्रधान भी उनकी मर्जी से ही बनेगा।
उन्होंने सोनिया को यह भी आश्वासन दिया कि कांग्रेस फिर से पंजाब में पिछले विधानसभा चुनाव का इतिहास दोहराएगी। इधर, सिद्धू को चुनाव प्रचार समिति का प्रधान और कार्यकारी समिति का सदस्य बनाए जाने की बात चली तो उसके बाद सिद्धू भी खफा हो गए। नाराज सिद्धू ने चंडीगढ़ पहुंचकर अपने समर्थक कैबिनेट मंत्री और विधायकों के साथ आगे की रणनीति तैयार की। बैठक में तय किया गया कि रणनीति के तहत सिद्धू एक दो-दिन में आलाकमान से बात करेंगे, जिसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। शुक्रवार सुबह सिद्धू के दिल्ली जाने की खबर आई।
वहीं गुरुवार को सियासी धुर विरोधी नवजोत सिंह सिद्धू के कांग्रेस प्रधान बनाए जाने की खबरों से कैप्टन अमरिंदर सिंह इतना नाराज हो गए कि उनके इस्तीफे की खबर चलने लगी। कुछ देर बाद कैप्टन के मीडिया सलाहकार ने ट्वीट कर उनके इस्तीफे की खबर को खारिज कर दिया। उन्होंने लिखा कि 2022 का विधानसभा चुनाव कैप्टन के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।
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The sense of security that people of Punjab demand is given by Congress only. People praise Captain Amarinder Singh for peace in the state. People don't want to experiment. Whenever they sided with Akalis, disorder ensued: Harish Rawat, General Secretary Punjab Congress pic.twitter.com/vWsHymcKO5
— ANI (@ANI) July 16, 2021
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इससे पहले गुरुवार शाम को सिद्धू को पार्टी का प्रदेश प्रधान बनाए जाने की खबरों से नाराज कैप्टन ने पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को फोन कर कहा कि पंजाब में 2022 का विधानसभा चुनाव उन्हीं की नुमाइंदगी में लड़ा जाएगा। कैप्टन ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब कांग्रेस का प्रधान भी उनकी मर्जी से ही बनेगा।
उन्होंने सोनिया को यह भी आश्वासन दिया कि कांग्रेस फिर से पंजाब में पिछले विधानसभा चुनाव का इतिहास दोहराएगी। इधर, सिद्धू को चुनाव प्रचार समिति का प्रधान और कार्यकारी समिति का सदस्य बनाए जाने की बात चली तो उसके बाद सिद्धू भी खफा हो गए। नाराज सिद्धू ने चंडीगढ़ पहुंचकर अपने समर्थक कैबिनेट मंत्री और विधायकों के साथ आगे की रणनीति तैयार की। बैठक में तय किया गया कि रणनीति के तहत सिद्धू एक दो-दिन में आलाकमान से बात करेंगे, जिसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। शुक्रवार सुबह सिद्धू के दिल्ली जाने की खबर आई।
वहीं गुरुवार को सियासी धुर विरोधी नवजोत सिंह सिद्धू के कांग्रेस प्रधान बनाए जाने की खबरों से कैप्टन अमरिंदर सिंह इतना नाराज हो गए कि उनके इस्तीफे की खबर चलने लगी। कुछ देर बाद कैप्टन के मीडिया सलाहकार ने ट्वीट कर उनके इस्तीफे की खबर को खारिज कर दिया। उन्होंने लिखा कि 2022 का विधानसभा चुनाव कैप्टन के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।