PM मोदी से मिले सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, बोले- बढ़ सकती है पराली जलाने की समस्या
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पराली के धुएं के दिल्ली में दस्तक देने के साथ ही पंजाब सरकार ने मोर्चा संभाल लिया है। आरोप पंजाब के मत्थे न मढ़ा जाए इसके लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह स्वयं ही दिल्ली पहुंच गए। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने पंजाब का पक्ष रखा और पराली के अवशेष के लिए 100 रुपये प्रति क्विंटल फसल का मुआवजा देने की मांग की।
कैप्टन के एक्शन में आते ही पंजाब में इस मामले में सियासत भी तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने कैप्टन सरकार से पराली प्रबंधन के लिए केंद्र द्वारा दी गई 385 करोड़ का हिसाब मांगा है। उधर, किसानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बरनाला में सरेआम पराली जलाई। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार प्रशासन ने धारा 144 के तहत पराली न जलाने के लिए किसानों को चेतावनी दी है, लेकिन बरनाला में किसान पराली जलाकर प्रशासन व प्रदेश सरकार का विरोध कर रहे हैं।
प्रदेश में किसानों ने पराली सहित कई मांगों को लेकर फिरोजपुर और बटाला में ट्रेनें रोकीं। इस बीच नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने प्रदेश सरकार को धान की पराली जलाने के मामले में चेतावनी दी है। इसके अलावा खेतीबाड़ी विभाग पंजाब के चीफ सेक्रेटरी पन्नू शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगर किसान ने बिना सूचना व मंजूरी के खेत में कंबाइन उतारी तो छह साल की सजा होगी।
मान नहीं रहे किसान
बेशक जिला प्रशासन किसानों के जबरन चालान काट रहा है, लेकिन किसान मान नहीं रहे। प्रशासन ने पराली जलाने पर 10 हजार जुर्माना किया है। उधर, भाकियू लक्खोवाल के जिला प्रधान जसवीर सिंह ने पराली जलाने से रोकने के लिए तैनात नोडल अफसरों को चेतावनी दी कि किसी भी अधिकारी को गांव में दाखिल नहीं होने दिया जाएगा। अगर प्रदेश सरकार ने धक्केशाही की तो हाईवे जाम कर पराली की ट्रालियां सड़कों पर पलटकर रास्ते बंद कर दिए जाएंगे।
पंजाब के किसान पराली न जलाएं इसके लिए केंद्र सरकार प्रति क्विंटल 100 रुपये मुआवजा उनको दे। इसके साथ ही 31 हजार करोड़ रुपये सीसीएल की अदायगी की मियाद बढ़ाई जाए। कैप्टन अमरिंदर सिंह, मुख्यमंत्री, पंजाब