श्री नांदेड़ साहिब में फंसे पंजाब के 2000 श्रद्धालु, कैप्टन ने अमित शाह और उद्धव को लिखा पत्र
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार को श्री नांदेड़ साहिब से पंजाब के 2000 श्रद्धालुओं की वापसी के लिए तत्काल प्रबंध करने की अपील की है। यह श्रद्धालु देश में कोविड -19 के फैलाव को रोकने के लिए की गई तालाबंदी और महाराष्ट्र में लागू किए गए कर्फ्यू के कारण वहां फंस गए हैं।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कैप्टन ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखे हैं। प्रवक्ता ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने जवाब में भरोसा दिया है कि वहां फंसे श्रद्धालुओं की मदद के लिए अपेक्षित कार्रवाई की जाएगी। प्रवक्ता के मुताबिक, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय ने पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय को सूचित किया है कि इस संबंध में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इस बीच, महाराष्ट्र के पर्यटन, पर्यावरण एवं प्रोटोकोल मंत्री आदित्य ठाकरे ने इस मुद्दे पर कैप्टन के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा, ‘‘धन्यवाद सर, इस मामले को देखेंगे और अपेक्षित मदद करेंगे।’’ मुख्यमंत्री ने टवीट किया था, ‘‘गुरुद्वारा श्री नांदेड़ साहिब में फंसे श्रद्धालुओं को वापस लाने में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
श्रद्धालू लंबे समय से यहां फंसे हुए हैं और इन्हें अपने घरों और परिवारों के पास सुरक्षित ले जाना हमारा फर्ज है।’’ केंद्रीय गृह मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को लिखे अलग-अलग पत्रों में कैप्टन ने कहा कि पंजाब से यह श्रद्धालु महाराष्ट्र में नांदेड़ में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री हजूर साहिब जी के दर्शन के लिए गए थे।
कैप्टन ने लिखा कि कोविड -19 के कारण पिछले कुछ दिनों से रेल सेवा रद्द होने और मंगलवार आधी रात से राष्ट्रीय तालाबंदी होने के कारण भारत सरकार की विशेष मंजूरी के बिना इनके पंजाब आने की कोई संभावना नहीं है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार केंद्रीय रेलवे मंत्रालय के पास पहले ही यह मसला उठाकर इन श्रद्धालुओं को वापस लाने के लिए विशेष रेल चलाने की मांग कर चुकी है।
उन्होंने आगे लिखा कि पंजाब सरकार के अधिकारी नांदेड़ के जिला प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि श्रद्धालुओं के रहन-सहन के उचित प्रबंध किये जा सकें। कैप्टन ने ठाकरे से यह अपील भी की कि भारत सरकार की तरफ से अंतिम फैसला लिए जाने तक श्रद्धालुओं के लिए जरूरी बंदोबस्त करने के लिए नांदेड़ के जिला प्रशासन को जरूरी हिदायतें जारी की जाएं।