पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले- कृषि कानून भाजपा की सियासी मौत का बिगुल
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव में 50 प्रतिशत सीटों पर उम्मीदवार न ढूंढ पाने के लिए भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा है कि किसानों के गुस्से का शिकार हो चुकी भाजपा कांग्रेस के सिर दोष मढ़ने की कोशिश कर रही है। भाजपा को यह बात समझ लेनी चाहिए कि पंजाब उसके पतन का कारण बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को राजनीतिक गुमनामी में जाने की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा का अंत अब न केवल पंजाब में तय है, बल्कि केंद्र में भी है, क्योंकि केंद्र का अत्यचारी राज खत्म होने की कगार पर है। कैप्टन ने कहा कि लगभग सात साल में भाजपा ने हर हथियार इस्तेमाल कर मानवीय हकों के साथ-साथ देशवासियों के गौरव और इच्छाओं को भी बुरी तरह लताड़ा है और अब लोगों की बारी आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तथाकथित शहरी पार्टी निकाय चुनाव के लिए आधी से अधिक सीटों पर उम्मीदवार ही नहीं ढूंढ सकती, उससे यह कल्पना की जा सकती है कि यदि इन्होंने पंजाब के ग्रामीण क्षेत्र में चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया तो इनका हश्र कैसा होगा। मुख्यमंत्री ने पंजाब भाजपा के उस दावे को भी खारिज किया कि नगर काउंसिल चुनाव प्रचार में भाजपा का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारी किसान नहीं बल्कि कांग्रेसी कार्यकर्ता हैं।
मुख्यमंत्री ने पंजाब की भाजपा लीडरशिप से पूछा कि क्या आप सचमुच यह सोचते हो कि कई महीनों से बिना किसी बात के किसानों के प्रति बदजुबानी करो और उनके अधिकारों को मटियामेट करने के बाद आप बच सकते हो। दुनिया में कोई भी राजनीतिक लीडरशिप अपने ही नागरिकों के हितों को नकार कर लंबे समय तक टिकी नहीं रही और कृषि कानूनों के रूप में भाजपा ने अपना भविष्य खुद ही तय किया है।
किसानों से निवाला छीनकर सोचते हैं किसान स्वागत करेंगे
कैप्टन ने कहा कि आपने (भाजपा) अपने सहयोगी और अकालियों जैसी पूर्व सहयोगी पार्टी के साथ मिलकर उन किसानों के मुंह से निवाला छीनने की साजिश रची, जो आपका पेट भरते हैं। अब आप चाहते हो कि यह किसान हार पहनाकर आपका स्वागत करें।
हरियाणा में मनोहर लाल भी कर रहे विरोध का सामना
कैप्टन ने कहा कि किसान भाजपा से नाराज हैं और भाजपा नेताओं पर अपना गुस्सा निकालने के मौके देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन नेताओं के दौरे के दौरान पुलिस की ज्यादा तैनाती न की जाती तो हालात सचमुच खतरनाक हो सकते थे। जब भी भाजपा के नेता चुनाव प्रचार के लिए जाते हैं तो पंजाब पुलिस द्वारा बड़ी संख्या में मुलाजिम तैनात किए जाते हैं। यह किसानों की भाजपा के प्रति नाराजगी है कि भाजपा के मनोहर लाल, जो हरियाणा सरकार और पुलिस को कंट्रोल करते हैं, को अपने मीटिंग वाले स्थान पर विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ता है।