Amar Ujala Samvad 2023: भगवंत मान बोले- पंजाब ने दीं 90 प्रतिशत कुर्बानियां, यहां नफरत का बीज नहीं उगने देंगे
भगवंत मान सोमवार को चंडीगढ़ स्थित होटल हयात रीजेंसी में अमर उजाला की ओर से आयोजित संवाद-पंजाब कार्यक्रम के विशेष सत्र में बोल रहे थे। लगभग एक घंटे के 'राइजिंग पंजाब' सत्र में मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों, चुनौतियों और रणनीति पर खुलकर बात की।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि पंजाब ऐसा राज्य है, जिसने हमेशा चुनौतियों का सामना किया है। यह कई बार लड़खड़ाया और खड़ा हुआ। सीमा पार से जब भी हमला होता है तो पहली गोली पंजाब के सीने पर लगती है। देश की दो प्रतिशत आबादी वाले राज्य ने 90 प्रतिशत कुर्बानियां दी हैं। यहां की मिट्टी बहुत उपजाऊ है। यहां कोई भी बीज फेंको तो उग आएगा लेकिन हम इस जमीन पर नफरत का बीज नहीं उगने देंगे।
भगवंत मान सोमवार को चंडीगढ़ स्थित होटल हयात रीजेंसी में अमर उजाला की ओर से आयोजित संवाद-पंजाब कार्यक्रम के विशेष सत्र में बोल रहे थे। लगभग एक घंटे के 'राइजिंग पंजाब' सत्र में मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों, चुनौतियों और रणनीति पर खुलकर बात की।
शहीदों की कुर्बानियों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब के हर गांव में आपको शहीदों के बुत और गेट मिलेंगे। शहीद भगत सिंह जब अंग्रेजों से लड़ रहे थे तो वे आजादी के लिए पूरी तरह आश्वस्त थे। उन्हें बस इस बात की चिंता थी कि देश किसके हाथ में जाएगा। मान ने कहा कि 75 साल हो गए अब भी देश में कई समस्याएं हैं। आज भी हमारे युवा अपनी जमीन बेच कर फिर अंग्रेजों के देश में जा रहे हैं। हमारे पास शहीदों का विजन है। हम उसी पर काम कर रहे हैं। यही हमारा रोडमैप है। बहुत कुछ किया है और बहुत कुछ करना बाकी है।
नाकामी पूछनी है तो हरियाणा और मणिपुर से पूछिए
सत्र में जब उनसे पंजाब में कानून-व्यवस्था पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हम डेढ़ साल से सरकार में हैं। सारे गैंगस्टर डेढ़ साल में पैदा नहीं हुए। पहले की सरकारों ने ही उन्हें पाला। खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के सवाल पर मान ने कहा कि इस मामले में सरकार कामयाब रही। हमने अमृतपाल को जेल में डाला। कोई खून-खराबा नहीं हुआ। नाकामी पूछनी है तो हरियाणा से पूछिए, मणिपुर से पूछिए। वहां कौन फेल रहा है। नूंह में क्या हो रहा है। रामनवमी के दौरान पंजाब में कोई बवाल नहीं होता।
लॉ एंड ऑर्डर ठीक नहीं होता तो इन्वेस्टर्स पंजाब में क्यों आते। श्री आनंदपुर साहिब सिखों के पांच तख्तों में से एक है लेकिन वहां के सांसद मनीष तिवारी हैं। फरीदकोट में सिर्फ 15 हजार मुस्लिम आबादी है, वहां के सांसद मोहम्मद सद्दीक हैं। पंजाब के लोग भाईचारे को पसंद करते हैं। यही पंजाब की असली ताकत है। पंजाब की जमीन पर हर बीज उगेगा लेकिन मैं पंजाब में नफरत का बीज नहीं उगने दूंगा।
राज्य सरकारों को कमजोर कर रहा केंद्र
दिल्ली सेवा बिल को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में मान ने कहा कि यह लोकतंत्र बचाने का सवाल है। यह सिर्फ दिल्ली का बिल नहीं है। केंद्र सरकार पहले भी कई बार ऐसा कर चुकी है। केंद्र राज्य सरकारों को लगातार कमजोर करने में लगा है। मान ने कहा कि दिल्ली बिल पर लोकसभा में गृह मंत्री ने कहा है कि दिल्ली विधानसभा नहीं है तो मैं उनसे यह पूछना चाहता हूं कि वह पहले वहां पर्ची क्यों बांट रहे थे। इस बिल के कानून बनने के बाद दिल्ली का चपरासी भी बदलना हो तो पीएम से परमिशन लेनी होगी। यह सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी नहीं मानते।