PACL Scam: पर्ल्स ग्रुप पर एक्शन, संपत्तियों को कब्जे में लेकर बेचने का आदेश, लोगों को मिलेंगे अपने पैसे
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा फैसला लेते हुए एलान किया है कि पर्ल चिट फंड की पंजाब में मौजूद सभी प्रॉपर्टी को जब्त किया जाएगा। मान ने कहा कि जो लोग फ्रॉड के शिकार हुए हैं, ये संपत्ति बेचकर उन्हें पैसा दिया जाएगा।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने पर्ल्स ग्रुप के मालिकाना हक वाली संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिन्हें बेचकर पर्ल्स ग्रुप की धोखाधड़ी का शिकार लोगों को मुआवजा दिया जाएगा।
गुरुवार को इस संबंध में विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पर्ल्स ग्रुप से प्रदेश के लोगों से लूटे गए एक-एक पैसे की वसूली करेगी। उन्होंने बताया कि अलग-अलग जिलों में पर्ल्स ग्रुप की संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है और इन संपत्तियों का कब्जा लेने के लिए कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
मान ने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में लाल एंट्री की गई हैं ताकि कोई भी इन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त न कर सके। उन्होंने कहा कि इस ग्रुप ने सूबे के लोगों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है और इसे हर हाल में लोगों के प्रति जवाबदेह बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता को यकीनी बनाने के लिए जमीनी स्तर पर राजस्व रिकॉर्ड की पहले ही जांच की जा चुकी है। मान ने कहा कि इस कार्य को पहल के आधार पर किया गया है ताकि सरकार की तरफ से यह संपत्तियां जब्त की जा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव और डीजीपी को इस काम को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए समूची प्रक्रिया की निजी तौर पर निगरानी करने का निर्देश दिया है। मान ने कहा कि यह संपत्तियां बेची जाएंगी और लोगों का एक-एक पैसा उनको वापस किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सूबा सरकार यह यकीनी बनाने के लिए वचनबद्ध है कि लोगों का पैसा उन्हें वापस किया जाए और कंपनी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि धोखाधड़ी करने वाली अन्य कंपनियों को भी सबक मिल सके।
चिट फंड कंपनी “परल” की पंजाब में मौजूद सभी Property’s को सरकार ने अपने क़ब्ज़े में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.. जल्दी ही क़ानूनी कार्रवाई पूरी करके निलामी करके लोगों को उनके पैसे वापस करने का सिलसिला शुरू करने का फ़ैसला लिया गया है..
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) June 29, 2023
पंजाब के 10 लाख लोगों से ठगी, 2297 संपत्तियों की पहचान
चिटफंड कंपनी के रूप में पर्ल्स ग्रुप ने लोगों को निवेश के बदले जमीन देने का सब्जबाग दिखाकर देशभर में करीब 5.50 करोड़ लोगों से ठगी की। इनमें पंजाब के करीब 10 लाख लोग भी ठगी का शिकार हुए और पर्ल्स ग्रुप निवेशकों को जमीन अलॉटमेंट के फर्जी कागजात थमाकर करीब 60 हजार करोड़ रुपये हड़प कर फरार हो गई थी। इस साल जनवरी में पर्ल्स ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह भंगू को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरकार बनते ही पर्ल्स ग्रुप के मामले में जांच का आदेश दिया था और राज्य में पर्ल्स ग्रुप की चल-अचल संपत्तियां जब्त करने को कहा था ताकि पीड़ितों को उनके पैसे की भरपाई की जा सके।
पिछले महीने भी मुख्यमंत्री मान ने इस मामले की जांच विजिलेंस को सौंपते हुए ग्रुप की सभी संपत्तियों को कानूनी अड़चन दूर करके कब्जे में लेने को कहा था। इससे पहले मुख्यमंत्री ने इस साल 22 फरवरी को भी एक वर्चुअल बैठक करके सभी डिप्टी कमिशनरों को अपने-अपने जिलों में पर्ल्स ग्रुप की सभी जायदादों की पहचान करने को कहा था, उस समय भी मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि प्रभावित लोगों को उनका एक-एक पैसा वापस दिलाया जाएगा। गौरतलब है कि भगवंत मान जब सांसद थे, तब उन्होंने पर्ल्स ग्रुप की धोखाधड़ी का मामला लोकसभा में भी उठाया था।
पर्ल्स ग्रुप की सूबे में 2297 संपत्तियों की शिनाख्त की जा चुकी है। इन्हें विजिलेंस ने सभी जिला उपायुक्तों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर कब्जे में लेने को कहा है। इससे पहले पंजाब सरकार द्वारा इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त लोढा कमेटी को सहयोग करने की बात सामने आई थी। इसके तहत पर्ल्स ग्रुप की प्रॉपर्टी बेचकर निवेशकों को उनका पैसा लौटाए जाने की बात कही। गौरतलब है कि लोढ़ा कमेटी के पास करीब डेढ़ लाख निवेशक पहुंचे और इसके बाद कमेटी द्वारा पंजाब सरकार को पर्ल्स ग्रुप की प्रॉपर्टी नीलाम करने को कहा गया था।