पुलवामा हमले की बरसीः सीएम अमरिंदर सिंह ने 34 शहीदों के परिवारों को किया सम्मानित
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देश के नाम अपनी जिंदगी कुर्बान करने वाले पंजाब के बहादुर शहीद सैनिकों को याद करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को 34 शहीदों के परिवारों का सम्मानित। पुलवामा हमले की पहली बरसी के मौके पर आयोजित समागम में शहीद सैनिक को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी को ‘सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर ’ देकर सम्मानित किया, जिन को साल 2017, 2018 और 2019 दौरान राज्य सरकार ने ‘ऑनर एवं सम्मान’ नीति के अंतर्गत शहीद सैनिकों के वारिसों को नौकरी दी थी।
शहीद सैनिकों के परिवारों के साथ बातचीत करते कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शहीद परिवारों का आभार जताया और उनका दुख भी बांटा। साथ ही कहा कि इतने बहादुर सूरमाओं पर समूचे देश को मान है जिन्होंने भारत की सरहदों की रक्षा और देश के अलग -अलग हिस्सों में सुरक्षा करते हुए अपनी जिंदगी कुर्बान की है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य सरकार की तरफ से शहीदों के सम्मान में रखे इस समागम के द्वारा उनकी कुर्बानी को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। साथ ही कहा कि पंजाब के लोग अपने शहीदों की बहादुरी और शौर्य को कभी भूल नहीं सकते हैं। इस मौके शहीद परिवारों के कुछ सदस्यों की तरफ से उठाए मुद्दों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस सर्विस वेलफेयर की ओर से शहीदों के परिवारों की भलाई एवं अन्य सेवाओं के लिए रिवाइज पॉलिसी बनाई जा रही है। इस नीति के तहत शहीद के योग्य पारिवारिक सदस्य को नौकरी उपरांत शैक्षिक योग्यता में विस्तार करते हुए राज्य में ऊंचे रैंक की नौकरी दी जा सकेगी ।
इसी दौरान डिफेंस सर्विस वेलफेयर के डायरेक्टर ब्रिगेडियर सतींद्र सिंह (सेवामुक्त) ने यह एलान करते बताया कि हाल ही में जिन शहीदों ने अपनी जान न्यौछावर की है, उनके एक-एक पारिवारिक सदस्यों को जल्दी ही नौकरी दी जाएगी। ऐसे चार मामले है, जिनके वारिसों को जल्द नौकरी दी जाएगी। बाकी पांच मामलों का काम चल रहा है और उन को सेना की तरफ से जंग दौरान शहीद होने का सर्टिफिकेट (जो कि नौकरी के लिए जरूरी है) जारी करने के बाद नौकरी दे दी जाएगी।
साथ ही बताया कि राज्य सरकार की ओर से शहीद परिवारों की भलाई के लिए नौकरी के अलावा वित्तीय सहायता के लिए और भी कई स्कीम शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि झंडा दिवस फंड में से मेडिकल सहायता के लिए वित्तीय सहायता, शहीद सैनिक की विधवा को पेंशन लगने तक आरजी वित्तीय सहायता, बच्चों की हायर एजूकेशन, पेशेवर पाठ्यक्रमों के लिए कोचिंग, स्व-रोजगार के लिए टूल किट, पूर्व सैनिकों की लड़कियों के विवाह के लिए वित्तीय सहायता आदि दी जा रही है।
गौरतलब है कि पंजाब सरकार की ‘मान और सम्मान’ नीति के अंतर्गत शहीद सैनिक के वारिस को नौकरी देने के अलावा वित्तीय सहायता भी दी जाती है जिस में अविवाहित मामलों में 10 लाख रुपए और विवाहित हुए सैनिक के परिवार के लिए 12 लाख रुपए की सहायता शामिल है।
सम्मानित शहीद परिवारों के सदस्यों के नाम
शहीद मनप्रीत सिंह की पत्नी रणजीत कौर, सूबेदार फतेह सिंह की बेटी मधु राधा, हवलदार सुखराज सिंह की पत्नी हरमीत कौर, इंस्पेक्टर जगजीत सिंह की पत्नी रछपाल कौर, मेजर हरपाल सिंह के बेटे बिक्रमजीत सिंह, हवलदार पलविंदर सिंह की पत्नी पलविंदर कौर, लांस नायक संदीप सिंह की पत्नी गुरप्रीत कौर, नायक राजिन्दर सिंह की पत्नी रणजीत कौर, सिपाही मनदीप सिंह की पत्नी राजविंदर कौर, हवलदार सतनाम सिंह की पत्नी बलजीत कौर, हवलदार मदन लाल की पत्नी भावना देवी, जनरल सुखदयाल की पत्नी पलवी सैनी, एलएनके कुलदीप सिंह की पत्नी जसप्रीत कौर, सिपाही सुखविंदर सिंह के भाई दविंदर सिंह, नायक गुरपिन्दर सिंह के बेटे सतपिंदर सिंह, कांस्टेबल अजे कुमार के पत्नी अमनदीप, सूबेदार परमजीत सिंह के बेटे हरमनदीप सिंह, लांस नायक रछपाल सिंह की पत्नी सिमरनजीत कौर, हवलदार अवतार सिंह के बेटे जोबनजीत सिंह, सिपाही गुरसाहब सिंह की पत्नी गुरप्रीत कौर, जनरल सतनाम सिंह की पत्नी भुपिंदर कौर, एलएनके धरमिंदर सिंह की पत्नी सुखबीर कौर, सिपाही हरप्रीत सिंह की पत्नी किंदरजीत कौर, पीटीआर रवि कुमार के भाई राकेश कुमार, नायब सूबेदार अवतार सिंह के बेटे दलजीत सिंह, नायक बखताबर सिंह की पत्नी जसवीर कौर, नायक बलकार सिंह की पत्नी अलका रानी, हवलदार सुखविंदर सिंह की पत्नी करमजीत कौर, डब्ल्यूजी कमांडर मनदीप सिंह ढिल्लों की पत्नी प्रभप्रीत कौर, नायब सूबेदार कुलदीप दास के बेटे अमनदीप दास, सिपाही जगसीर सिंह की पत्नी महेंदरपाल कौर, कांस्टेबल जगतार सिंह के बेटे मनदीप सिंह, सिपाही सरबजीत सिंह की बहन बलविंदर कौर और सिपाही रछपाल सिंह की पत्नी गुरप्रीत कौर शामिल थे।