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42 मेगा फूड पार्क स्थापित करेगी केंद्र सरकार ः हरसिमरत बादल
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Tue, 02 Aug 2016 08:38 PM IST
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अमृतसर में पत्रकारों को संबोधित करतीं हरसिमरत कौर बादल।
- फोटो : amarujala
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केंद्रीय फूड प्रोसेसिंग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा है कि केंद्र सरकार 42 मेगा फूड पार्क स्थापित करेगी। इससे किसानों को फसल से अधिक कमाई हो सकेगी और खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक संभाला जा सके। इससे जल्द खराब होने वाली चीजों को बचाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि 15 सितंबर से पहले छह मेगा फूड पार्क स्थापित करने को निवेशकों से प्रस्ताव मंगवाए गए हैं। जहां कोई फूड पार्क नहीं है, उन राज्यों को पहल दी जाएगी। केंद्र सरकार पहले ही इसकी मंजूरी दे चुकी है। इस स्कीम का मकसद फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा मुहैया कराना है। साथ ही खेतों से बाजार तक उपज को इस ढंग से पहुंचाना है कि किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ हो सके।
किसानों की उपज खेतों के पास ही प्रोसेस होगी, सस्ता ट्रांसपोर्ट मिलेगा, जिससे मुनाफा बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि संपदा स्कीम के तहत देश में छोटे फूड पार्क भी स्थापित किए जाएंगे। जहां कोल्ड स्टोरेज की सुविधा होगी। दो सालों में मंत्रालय ने नौ हजार करोड़ की क्षमता का बुनियादी ढांचा तैयार किया है, जिससे 32 लाख टन फल-सब्जी की प्रोसेसिंग हो सकती है।
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इससे हर साल खराबी में दस प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने बताया कि औसतन हर मेगा फूड प्रोजेक्ट में 30-35 मध्यम फूड प्रोसेसिंग यूनिट होते हैं, जिनमें करीब 250 करोड़ का निवेश होता है। इनका सालाना टर्न ओवर 450-500 करोड़ होता है। इनसे 2500 लोगों को प्रत्यक्ष और तीस हजार लोगों को अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलता है।
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उन्होंने कहा कि 15 सितंबर से पहले छह मेगा फूड पार्क स्थापित करने को निवेशकों से प्रस्ताव मंगवाए गए हैं। जहां कोई फूड पार्क नहीं है, उन राज्यों को पहल दी जाएगी। केंद्र सरकार पहले ही इसकी मंजूरी दे चुकी है। इस स्कीम का मकसद फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा मुहैया कराना है। साथ ही खेतों से बाजार तक उपज को इस ढंग से पहुंचाना है कि किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ हो सके।
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किसानों की उपज खेतों के पास ही प्रोसेस होगी, सस्ता ट्रांसपोर्ट मिलेगा, जिससे मुनाफा बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि संपदा स्कीम के तहत देश में छोटे फूड पार्क भी स्थापित किए जाएंगे। जहां कोल्ड स्टोरेज की सुविधा होगी। दो सालों में मंत्रालय ने नौ हजार करोड़ की क्षमता का बुनियादी ढांचा तैयार किया है, जिससे 32 लाख टन फल-सब्जी की प्रोसेसिंग हो सकती है।
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इससे हर साल खराबी में दस प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने बताया कि औसतन हर मेगा फूड प्रोजेक्ट में 30-35 मध्यम फूड प्रोसेसिंग यूनिट होते हैं, जिनमें करीब 250 करोड़ का निवेश होता है। इनका सालाना टर्न ओवर 450-500 करोड़ होता है। इनसे 2500 लोगों को प्रत्यक्ष और तीस हजार लोगों को अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलता है।