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पंजाब: लैंड पूलिंग नीति में फेरबदल की मंजूरी, अब जमीन के बदले जमीन देगी सरकार

Thu, 23 Jul 2020 12:34 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 23 Jul 2020 12:34 AM IST
सार

  • गमाडा की लैंड पूलिंग नीति में फेरबदल को दी मंजूरी
  • भूमि अधिग्रहण पर नगद मुआवजा नहीं दिया जाएगा
  • यह नीति औद्योगिक सेक्टर में भी की जाएगा लागू 

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Punjab cabinet passes land poling policy for industrial sector
पंजाब कैबिनेट - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

पंजाब में विकास परियोजनाओं के लिए स्वेच्छा से अपनी जमीन देने वालों को अब जमीन के बदले जमीन मिलेगी। पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने लैंड पूलिंग पॉलिसी में फेरबदल करने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही औद्योगिक सेक्टर में भी ऐसी ही नीति लागू होगी। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में कैबिनेट ने बुधवार को ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के अधिकार क्षेत्र में रिहायशी सेक्टर संबंधी लैंड पूलिंग नीति को सुधारने और इस नीति को इंडस्ट्रियल सेक्टर में भी लागू करने को हरी झंडी दे दी। 

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यह फैसला गमाडा की तरफ से एरोट्रोपोलिस इस्टेट के विकास के लिए पहले चरण में 1680 एकड़ जमीन एक्वायर करने के अवसर पर लिया गया है। यह संशोधित नीति एसएएस नगर (मोहाली) में 101 और 103 सेक्टरों में औद्योगिक इस्टेट के विकास में भी सहायक होगी, जहां प्रोजेक्टों को समय पर चलाने के लिए जमीन अधिग्रहण करने की प्रक्रिया सुविधाजनक बना दी गई है।
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एक्वायर जमीन के बदले यह देगी सरकार 
गमाडा की संशोधित लैंड पूलिंग नीति के तहत एरोट्रोपोलिस रेजिडेंशियल इस्टेट के लिए अधिगृहीत की जाने वाली हर एक एकड़ जमीन के बदले विकसित की गई जगह में 1000 वर्ग गज रिहायशी प्लॉट और 200 वर्ग गज कमर्शियल प्लॉट (बिना पार्किंग) दिया जाएगा। औद्योगिक सेक्टर में भी प्रत्येक एक एकड़ के बदले 1100 वर्ग गज औद्योगिक प्लॉट और 200 वर्ग गज कमर्शियल प्लॉट (बिना पार्किंग) दिया जाएगा।

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लैंड पूलिंग में मिला प्लॉट बेचकर कृषि भूमि खरीदने पर मिलेंगी कई छूट 

जो जमीन मालिक लैंड पूलिंग नीति के अंतर्गत मिले प्लॉट को बेचने के बाद अगर उस पैसे से कहीं और कृषि वाली जमीन खरीदता है तो उसे कई तरह के लाभ मुहैया करवाने के लिए विभाग की तरफ से ‘सहूलियत सर्टिफिकेट’ जारी किया जाएगा। इस सर्टिफिकेट की मियाद को जमीन मालिक को अलॉट किए प्लॉट की तारीख से माना जाएगा। इससे पहले इसकी मियाद अवार्ड घोषित करने की तारीख से दो साल तक होती थी। 

इस सर्टिफिकेट से स्टांप ड्यूटी से छूट मिलने के अलावा अन्य कई फायदे मिलते हैं। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि जमीन मालिकों की मांग थी कि सर्टिफिकेट की मियाद को प्लॉट के व्यावहारिक कब्जे की पेशकश की तारीख से लागू किया जाए, क्योंकि बुनियादी ढांचे की स्थापना से इसकी संभावित कीमत बढ़ जाती है।

नगद मुआवजे के कारण अदालतों में उलझा है गमाडा
गमाडा की तरफ से वर्ष 2001 से 2017 तक के बीच 4484 एकड़ जमीन अधिगृहीत की गई है। इस जमीन में से अब तक लैंड पूलिंग नीति के तहत 2145 एकड़ जमीन एक्वायर की गई है। यह नीति साल 2008 में शुरू की गई थी, जिसे समय-समय पर संशोधित किया गया। लैंड पूलिंग नीति लाने का उद्देश्य जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाना और गमाडा पर वित्तीय बोझ घटाना है। गमाडा का मानना है कि ज्यादा नगद मुआवजे के लिए लोग अदालत चले जाते हैं। गमाडा पहले ही अदालतों में पहली रेफरेंस अपील (आरएफए) के फैसलों के अनुसार, लगभग 9700 करोड़ के अतिरिक्त मुआवजे की अदायगी करनी पड़ रही है। 

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