पंजाब मंत्रिमंडल में कई अहम फैसले, अब 30 हजार वर्ग मीटर में बन सकेंगे निजी विश्वविद्यालय

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 17 Sep 2020 11:46 PM IST
विज्ञापन
पंजाब कैबिनेट
पंजाब कैबिनेट - फोटो : फाइल फोटो

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
पंजाब कैबिनेट ने गुरुवार को बहु-कार्यक्षेत्र वाले विश्वविद्यालयों के लिए निर्धारित क्षेत्रफल की शर्त 50000 वर्ग मीटर से घटाकर 30000 वर्ग मीटर करने और एक ही कार्य क्षेत्र वाले विश्वविद्यालयों के लिए यह शर्त 20000 वर्ग मीटर से घटाकर 10000 वर्ग मीटर करने का फैसला लिया है। 
विज्ञापन

सरकारी प्रवक्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बताया कि इसके लिए ‘द पंजाब प्राइवेट यूनिवर्सिटी पॉलिसी-2010’ में संशोधन करने का फैसला भी किया गया है। यह फैसला मुख्यमंत्री की मंजूरी से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मुख्य सचिव के नेतृत्व में गठित की गई कमेटी की सिफारिशों के अनुसार ही लिया गया है, जिससे राज्य में नई निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए स्पांसर पक्षों से 2010 की नीति के प्रावधानों में छूट को लेकर प्राप्त हुए अनुरोधों पर विचार किया जा सके। 
उपरोक्त नीति के प्रावधान 4.5 (4) के अनुसार पंजाब में बहु-कार्यक्षेत्र वाले विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए तय क्षेत्र की शर्त 50000 वर्ग मीटर है, जो भारत भर में सबसे ज्यादा है। इस वजह से राज्य सरकार ने यह फैसला किया है। संशोधित नीति से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पूंजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और यह उम्मीद की जा रही है कि दो और यूनिवर्सिटियां, जोकि वैश्विक स्तर की यूनिवर्सिटियों से जुड़ी होंगी, द्वारा पंजाब में अपने कैंपस स्थापित किए जाएंगे। 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

पट्टे पर ली गई जमीन पर स्थापित हो सकेंगे विश्वविद्यालय

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X