Punjab News: सैनिकों को मिलने वाली एक्स-ग्रेशिया राशि दोगुनी, पटवारियों व कानूनगो का बनेगा प्रांतीय काडर
वित्त मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने राजस्व विभाग के कामकाज को और सुचारू बनाने के लिए पटवारियों और कानूनगो का प्रांतीय काडर सृजित करने की मंजूरी दे दी है। इससे जमीन से संबंधित राजस्व रिकार्ड तैयार करने और उसे संभालने के अलावा पुराने राजस्व रिकॉर्ड की संभाल की जा सकेगी।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने देश की सेवा में सर्वस्व न्योछावर करने वाले सैनिकों और अर्द्धसैनिकों को मिलने वाली एक्स-ग्रेशिया और वित्तीय मदद को बढ़ाकर दोगुना कर दिया है।
पंजाब सिविल सचिवालय में हुई बैठक में कैबिनेट ने युद्ध के दौरान शारीरिक तौर पर दिव्यांग हुए सैनिकों की एक्स-ग्रेशिया ग्रांट बढ़ा दी है। इस फ़ैसले के तहत, शारीरिक तौर पर 76 फीसदी से 100 फीसदी तक दिव्यांग होने पर सैनिकों की एक्स-ग्रेशिया ग्रांट 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये कर दी गई है जबकि 51 फीसदी से 75 फीसदी तक दिव्यांग होने पर सैनिकों को एक्स-ग्रेशिया ग्रांट के तौर पर अब 10 लाख रुपये की जगह 20 लाख रुपये की राशि मिलेगी। 25 फीसदी से 50 फीसदी तक दिव्यांग सैनिकों को एक्स-ग्रेशिया ग्रांट 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार ने यह कदम पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए और समाज में उनका जीवनस्तर अच्छा बनाने के उद्देश्य से लिया है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने ‘दी ईस्ट पंजाब वार अवार्ड एक्ट-1948’ में संशोधन को भी मंजूरी दे दी है, जिसके तहत लाभ प्राप्त कर रहे 83 लाभार्थियों की वित्तीय सहायता 10,000 रुपये सालाना से बढ़ाकर 20,000 रुपये सालाना की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार उन अभिभावकों को वित्तीय सहायता के तौर पर जंगी जागीर प्रदान करती है, जिनके अकेले बच्चे या दो से तीन बच्चे दूसरे विश्व युद्ध, राष्ट्रीय इमरजेंसी 1962 और 1971 के दौरान ‘दी ईस्ट पंजाब वार अवार्ड एक्ट- 1948’ के तहत भारतीय फौज में सेवा निभा चुके हैं। उन्हें दी जा रही जंगी जागीर राशि को बढ़ाकर 20,000 रुपये सालाना करने का फैसला लिया गया है।
पटवारियों और कानूनगो का प्रांतीय काडर बनाने की मंजूरी
वित्त मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने राजस्व विभाग के कामकाज को और सुचारू बनाने के लिए पटवारियों और कानूनगो का प्रांतीय काडर सृजित करने की मंजूरी दे दी है। इससे जमीन से संबंधित राजस्व रिकार्ड तैयार करने और उसे संभालने के अलावा पुराने राजस्व रिकॉर्ड की संभाल की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि इस कदम से जमीन रिकॉर्ड में कमियों के चलते होने वाली मुकदमेबाजी को घटाने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक राज्य में नायब तहसीलदारों और तहसीलदारों के ही प्रांतीय काडर थे जबकि पटवारियों और कानूनगो के काडर जिला स्तर पर प्रभावी थे।
ठेका मुलाजिम संघर्ष कमेटी संबंधी सब-कमेटी को कार्य-बाद मंजूरी
कैबिनेट ने ठेका मुलाजिम संघर्ष मोर्चा पंजाब, जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी और अन्य गजटेड व नॉन-गजटेड एससी-बीसी इम्पलाईज वेलफेयर फेडरेशन पंजाब के मामलों से संबंधित सब-कमेटी के गठन और संशोधनों को कार्य-बाद मंजूरी दे दी। जीओजी से संबंधित मसलों के लिए नुमायंदे और 31 सदस्यीय कोर कमेटी से जुड़े मुद्दों के लिए सब-कमेटी का गठन किया गया है। इसके साथ ही कैबिनेट ने पुलिस विभाग और पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की क्रमशः वर्ष 2020 और 2022 की सालाना प्रशासनिक रिपोर्टों को भी मंजूरी दे दी। वहीं, सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग की वर्ष 2022-23 और 2019-20 की सालाना प्रशासनिक रिपोर्टों को मंजूरी दे दी गई।