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अश्वनी शर्मा को फिर पंजाब भाजपा की कमान मिलना तय, 17 जनवरी को होगा एलान
Thu, 16 Jan 2020 12:53 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 16 Jan 2020 12:53 AM IST
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अश्वनी शर्मा
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अश्वनी शर्मा को फिर पंजाब भाजपा की कमान मिलेगी। प्रदेश से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक सभी उनका नाम फाइनल कर चुके हैं। 17 जनवरी को पार्टी उनकी प्रदेश प्रधानगी का औपचारिक एलान कर देगी। शर्मा इससे पहले 2010-12 में भी प्रदेश प्रधान रह चुके हैं। 2012 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उनकी अगुवाई में 12 सीटें जीती थीं। वे खुद भी विधायक बने थे।
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जानकारी के मुताबिक नरिंदर परमार संघ की पसंद थे। संघ के दो बड़े अधिकारी चाहते थे कि परमार ही प्रधान बनें। लेकिन प्रदेश भाजपा के पुराने दिग्गजों ने खेल पलट दिया। शर्मा के लिए पूर्व मंत्री मदन मोहन मित्तल और पूर्व संगठन मंत्री अजय जमवाल ने लॉबिंग की। मित्तल को शर्मा का राजनैतिक गुरु माना जाता है। शर्मा के सामने पूर्वमंत्री मनोरंजन कालिया और राष्ट्रीय मंत्री तरुण चुघ की कड़ी चुनौती थी। मित्तल और जमवाल ने शर्मा की प्रधानगी के दोनों दावेदारों से मीटिंग करवाई।
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इसी तरह पूर्व प्रधान कमल शर्मा जिनका पिछले दिनों निधन हो गया था, उनके गुट को भी अपने पाले में किया। इसमें केंद्रीय राज्यमंत्री सोम प्रकाश और तीक्ष्ण सूद शामिल हैं। सभी विरोधियों को आश्वासन दिया गया कि नई टीम के गठन में उनकी राय को तवज्जो दी जाएगी। इस तरह शर्मा गुट पंजाब के ज्यादातर भाजपा नेताओं को अपने पाले में करने में कामयाब रहा।
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सूत्रों के मुताबिक सात जनवरी को जब शिवराज चौहान ने कोर ग्रुप के साथ बैठक की थी तो काफी सदस्य शर्मा के नाम पर सहमत थे। उनके पक्ष में माहौल देखने के बाद बाकियों ने भी सहमति जता दी। पंजाब प्रभारी प्रभात झा और मौजूदा संगठन मंत्री दिनेश कुमार की पसंद भी शर्मा ही थे। अरुण जेटली के निधन के बाद पार्टी पंजाब के मामले में झा पर ही निर्भर है। इसलिए शीर्ष नेतृत्व ने झा की पसंद पर मोहर लगा दी। 16 जनवरी को पंजाब प्रधानगी के लिए नामांकन है। 17 को प्रधान और राष्ट्रीय परिषद के 13 सदस्यों का एलान कर दिया जाएगा।