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चिट फंड कंपनी के माध्यम से करोड़ों की ठगी
अमर उजाला बठिंडा
Updated Tue, 09 Sep 2014 10:18 PM IST
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सीबीआई और केंद्र द्वारा चिट फंड कंपनियों के विरुद्ध शिकंजा कसने के
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बावजूद अब भी कई कंपनियां धड़ल्ले से चल रही हैं और भोले-भाले लोग उनके जाल
में फंसते चले जा रहे हैं।
ऐसे ही एक मामले में बठिंडा में लाइव ट्रेडिंग इंडिया कंपनी के नाम पर लोगों के करोड़ों रुपये डूब गए जबकि कंपनी के सभी अधिकारी भूमिगत हो गए। मामला उस समय सुर्खियों में आया जब इस कंपनी में निवेश करने वाले लक्की ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई कि उक्त कंपनी लोगों से ठगी कर रही है।
उसने भी इसमें निवेश किया और कंपनी पैसे वापस करने में आनाकानी कर रही है। तब डीएसपी सिटी गुरजीत सिंह रोमाणा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कंपनी के कार्यालय पर छापा मारा, लेकिन वहां ताला लगा मिला और कंपनी के सभी लोग फरार हो गए।
लक्की ने बताया कि करीब छह लोगों ने मिलकर एक कंपनी बनाई। कंपनी ने एक लाख निवेश के बदले प्रति माह 10 हजार व एक वर्ष बाद पूरी रकम वापस देने का वादा किया। कंपनी ने सभी भुगतान चेक से किए ताकि निवेशकों में विश्वास बना रहे। एक लाख से शुरू की गई स्कीम करोड़ों रुपयों में तबदील हो गई। लोगों ने एक लाख के बजाय 5-10 लाख का निवेश शुरू कर दिया। चूंकि लोगों को एक वर्ष के 11 चेक और अंतिम चेक पूरी रकम का दिया जाता था ऐसे में लोगों का विश्वास बढ़ता चला गया।
कंपनी ने लोगों में विश्वास बनाने के लिए प्रसिद्ध गायकों व टीवी कलाकाराें का भी सहारा लिया। पंजाब के एक प्रसिद्ध पंजाबी गायक को ब्रांड एंबेसडर बनाकर एक कार्यक्रम भी आयोजित किया जिसमें कुछ कलाकारों को भी शामिल किया गया।
लाइव ट्रेडिंग इंडिया कंपनी भूपिंद्र गुप्ता व श्रीकांत ने मिलकर खोली थी। कंपनी ने पूरे पंजाब में अपनी 95 शाखाएं भी खोल रखी हैं। मार्केटिंग के लिए कंपनी ने कुछ भोले भाले बेरोजगार लोगों को लालच देकर शामिल किया। जब ठगी का भंडा फूटा तो कंपनी के सभी कर्मचारी और मैनेजिंग डायरेक्टर भूपिंद्र गुप्ता भूमिगत हो गए।
पुलिस के हाथ उनके कुछ दस्तावेज भी लगे जिसके चलते पुलिस सुबूत इकट्ठा करने में जुट गई। पुलिस के हाथ भूपिंद्र गुप्ता का जो मोबाइल फोन लगा वह गिरीश नाम के निवेशक का है जिसने कंपनी में 40 लाख निवेश किया, यही नहीं कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों ने भी इसमें निवेश किया हुआ था जो अब पछता कर रहे हैं।
ऐसे ही एक मामले में बठिंडा में लाइव ट्रेडिंग इंडिया कंपनी के नाम पर लोगों के करोड़ों रुपये डूब गए जबकि कंपनी के सभी अधिकारी भूमिगत हो गए। मामला उस समय सुर्खियों में आया जब इस कंपनी में निवेश करने वाले लक्की ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई कि उक्त कंपनी लोगों से ठगी कर रही है।
उसने भी इसमें निवेश किया और कंपनी पैसे वापस करने में आनाकानी कर रही है। तब डीएसपी सिटी गुरजीत सिंह रोमाणा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कंपनी के कार्यालय पर छापा मारा, लेकिन वहां ताला लगा मिला और कंपनी के सभी लोग फरार हो गए।
लक्की ने बताया कि करीब छह लोगों ने मिलकर एक कंपनी बनाई। कंपनी ने एक लाख निवेश के बदले प्रति माह 10 हजार व एक वर्ष बाद पूरी रकम वापस देने का वादा किया। कंपनी ने सभी भुगतान चेक से किए ताकि निवेशकों में विश्वास बना रहे। एक लाख से शुरू की गई स्कीम करोड़ों रुपयों में तबदील हो गई। लोगों ने एक लाख के बजाय 5-10 लाख का निवेश शुरू कर दिया। चूंकि लोगों को एक वर्ष के 11 चेक और अंतिम चेक पूरी रकम का दिया जाता था ऐसे में लोगों का विश्वास बढ़ता चला गया।
कंपनी ने लोगों में विश्वास बनाने के लिए प्रसिद्ध गायकों व टीवी कलाकाराें का भी सहारा लिया। पंजाब के एक प्रसिद्ध पंजाबी गायक को ब्रांड एंबेसडर बनाकर एक कार्यक्रम भी आयोजित किया जिसमें कुछ कलाकारों को भी शामिल किया गया।
लाइव ट्रेडिंग इंडिया कंपनी भूपिंद्र गुप्ता व श्रीकांत ने मिलकर खोली थी। कंपनी ने पूरे पंजाब में अपनी 95 शाखाएं भी खोल रखी हैं। मार्केटिंग के लिए कंपनी ने कुछ भोले भाले बेरोजगार लोगों को लालच देकर शामिल किया। जब ठगी का भंडा फूटा तो कंपनी के सभी कर्मचारी और मैनेजिंग डायरेक्टर भूपिंद्र गुप्ता भूमिगत हो गए।
पुलिस के हाथ उनके कुछ दस्तावेज भी लगे जिसके चलते पुलिस सुबूत इकट्ठा करने में जुट गई। पुलिस के हाथ भूपिंद्र गुप्ता का जो मोबाइल फोन लगा वह गिरीश नाम के निवेशक का है जिसने कंपनी में 40 लाख निवेश किया, यही नहीं कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों ने भी इसमें निवेश किया हुआ था जो अब पछता कर रहे हैं।