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पंजाब विस बजट संत्र में SYL पर हंगामा, कांग्रेस का वाकआउट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 09 Mar 2016 03:33 PM IST
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पंजाब विधानसभा सत्र के दौरान विरोध प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस विधायक
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब विधानसभा के बजट सत्र का आगाज हंगामे से हुआ। सदन में एसवाईएल के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ और कांग्रेस ने वाकआउट किया। कांग्रेस विधायक पहले एसवाईएल के मुद्दे पर रोष मार्च करते हुए विधानसभा पहुंचे। गेट पर पुलिस के दुर्व्यवहार के विरोध में विपक्ष ने नारेबाजी की। राज्यपाल का अभिभाषण शुरू होते ही विपक्ष ने वाकआउट कर दिया। मंगलवार को जैसे ही राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने अभिभाषण शुरू किया, सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी खड़े हो गए।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने विधानसभा का एंट्री गेट बंद कर कांग्रेस विधायकों को अंदर आने से रोका। जन-प्रतिनिधियों को सत्र के दौरान अंदर आने से कोई भी नहीं रोक सकता। चन्नी ने कहा कि पुलिस ने विधायकों के साथ धक्का मुक्की की। महिला दिवस पर महिला विधायकों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। राज्यपाल ने चन्नी को बैठने को कहा और अभिभाषण शुरू कर दिया, पर चन्नी नहीं माने, उधर राज्यपाल भी अभिभाषण पढ़ते रहे।
इसके बाद काली पट्टियां बांधे पहुंचे कांग्रेस विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। कुछ देर नारेबाजी के बाद उन्होंने वाकआउट कर दिया। इससे पहले कांग्रेसियों ने एसवाईएल के मुद्दे पर केंद्र सरकार के स्टैंड के खिलाफ हाईकोर्ट चौराहे से विधानसभा तक काली झंडियां लेकर रोष मार्च निकाला। साथ ही किसान आत्महत्याओं और दलितों पर अत्याचार के मुद्दों पर राज्यपाल को ज्ञापन दिया।
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उन्होंने कहा कि पुलिस ने विधानसभा का एंट्री गेट बंद कर कांग्रेस विधायकों को अंदर आने से रोका। जन-प्रतिनिधियों को सत्र के दौरान अंदर आने से कोई भी नहीं रोक सकता। चन्नी ने कहा कि पुलिस ने विधायकों के साथ धक्का मुक्की की। महिला दिवस पर महिला विधायकों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। राज्यपाल ने चन्नी को बैठने को कहा और अभिभाषण शुरू कर दिया, पर चन्नी नहीं माने, उधर राज्यपाल भी अभिभाषण पढ़ते रहे।
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इसके बाद काली पट्टियां बांधे पहुंचे कांग्रेस विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। कुछ देर नारेबाजी के बाद उन्होंने वाकआउट कर दिया। इससे पहले कांग्रेसियों ने एसवाईएल के मुद्दे पर केंद्र सरकार के स्टैंड के खिलाफ हाईकोर्ट चौराहे से विधानसभा तक काली झंडियां लेकर रोष मार्च निकाला। साथ ही किसान आत्महत्याओं और दलितों पर अत्याचार के मुद्दों पर राज्यपाल को ज्ञापन दिया।
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कांग्रेसियों ने रोका बादल का रास्ता
पंजाब विधानसभा सत्र के दौरान विरोध प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस विधायक
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की बदसलूकी से नाराज कांग्रेस विधायक विधानसभा के वीआईपी गेट पर जमा हुए और धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान डिप्टी सीएम सुखबीर बादल वहां पहुंचे, लेकिन धरने की सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी हरकत में आए और उन्हें दूसरे गेट से अंदर ले गए। तभी सीएम प्रकाश सिंह बादल वहां पहुंचे तो कांग्रेसियों ने प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर उन्हें रोक लिया। सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी ने बादल को पुलिस द्वारा किए गए दुर्व्यवहार के बारे में बताया, लेकिन बादल ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण है, वह लेट नहीं होना चाहते और बादल सदन में चले गए।
सुखबीर के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव
कांग्रेस, डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाई है। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए चन्नी ने कहा कि गेट पर विधायकों के साथ हुई बदसलूकी के लिए सुखबीर जिम्मेदार हैं, क्योंकि उनके पास गृह मंत्रालय भी है। इसलिए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया गया है। इससे पहले कांग्रेस कार्य स्थगन प्रस्ताव भी दे चुकी है। विधायकों केसाथ ऐसा बर्ताव लोकतंत्र की हत्या है। विधायकों को बैरिकेड फांद कर गेट खोलना पड़ा।
मृत किसानों को भी दी जाए श्रद्धांजलि
सीएलपी लीडर चन्नी ने कहा कि बुधवार को सदन में दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। कांग्रेस ने स्पीकर से मांग की है कि पठानकोट हमले और बहबल कलां फायरिंग में मारे गए लोगों को भी श्रद्धांजलि दी जाए। साथ ही आत्महत्या करने वाले किसानों और मजदूरों को भी श्रद्धांजलि दी जाए। चन्नी ने कहा कि हरियाणा में जाट आंदोलन के दौरान पंजाबियों को निशाना बनाया गया। उनके घर लूटे गए और दुकानें जलाई गईं। गुजरात की तर्ज पर ही हरियाणा में तांडव हुआ। इसका भी सदन में जिक्र होना चाहिए।
सुखबीर के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव
कांग्रेस, डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाई है। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए चन्नी ने कहा कि गेट पर विधायकों के साथ हुई बदसलूकी के लिए सुखबीर जिम्मेदार हैं, क्योंकि उनके पास गृह मंत्रालय भी है। इसलिए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया गया है। इससे पहले कांग्रेस कार्य स्थगन प्रस्ताव भी दे चुकी है। विधायकों केसाथ ऐसा बर्ताव लोकतंत्र की हत्या है। विधायकों को बैरिकेड फांद कर गेट खोलना पड़ा।
मृत किसानों को भी दी जाए श्रद्धांजलि
सीएलपी लीडर चन्नी ने कहा कि बुधवार को सदन में दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। कांग्रेस ने स्पीकर से मांग की है कि पठानकोट हमले और बहबल कलां फायरिंग में मारे गए लोगों को भी श्रद्धांजलि दी जाए। साथ ही आत्महत्या करने वाले किसानों और मजदूरों को भी श्रद्धांजलि दी जाए। चन्नी ने कहा कि हरियाणा में जाट आंदोलन के दौरान पंजाबियों को निशाना बनाया गया। उनके घर लूटे गए और दुकानें जलाई गईं। गुजरात की तर्ज पर ही हरियाणा में तांडव हुआ। इसका भी सदन में जिक्र होना चाहिए।