{"_id":"594803ff4f1c1b8c458b45f1","slug":"punjab-assembly-session-kilaraaipur-sports-issue","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सदन में उठा बैलगाड़ी दौड़ का मुद्दा, किलारायपुर खेल दोबारा शुरू करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सदन में उठा बैलगाड़ी दौड़ का मुद्दा, किलारायपुर खेल दोबारा शुरू करने की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 20 Jun 2017 09:16 AM IST
विज्ञापन
किलारायपुर खेल
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दक्षिण भारत में जल्लीकट्टू को लेकर हुए विवाद के बाद पंजाब में भी यहां के परंपरागत खेल बैलगाड़ी दौड़ को दोबारा शुरू करने का मुद्दा सदन में उठा है। प्रश्नकाल के दौरान कुलदीप वैद्य ने मांग की कि लुधियाना के पास किलारायपुर के प्रसिद्ध ग्रामीण खेलों के इस आकर्षण को दोबारा शुरू किया जाए।
वैद्य के सवाल पर सिद्धू ने कहा कि कुछ साल पहले तक किलारायपुर में बैलों की दौड़ कराई जाती थी, जो इस मेले का प्रमुख आकर्षण था। बैलों के साथ कोई ज्यादती नहीं की जाती थी। दौड़ के लिए तैयार करते समय बैलों को अच्छी खुराक दी जाती थी, बच्चों की तरह पाला जाता था। बैलों की दौड़ के आकर्षण के कारण बड़ी संख्या में लोग इसे देखने आते थे। जिससे आसपास के गांवों के लोगों की आय बढ़ती थी। लेकिन जल्लीकट्टू विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में बैलों की दौड़ पर रोक लगा दी थी।
इसलिए सरकार का इसे शुरू कराने का कोई विचार नहीं है, लेकिन केंद्रीय मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन की शर्तों का पालन करते हुए अगर कोई एनजीओ बैलों की दौड़ करवाना चाहती है तो डिप्टी कमिश्नर से मंजूरी हासिल कर सकती है। इस पर वैद्य ने कहा कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु ने विधानसभा में एक्ट पास कर अपने परंपरागत खेलों को दोबारा शुरू कराया है। यहां भी ऐसा होना चाहिए। सिद्धू ने कहा कि वह इस संबंध में सीएम से बात करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
वैद्य के सवाल पर सिद्धू ने कहा कि कुछ साल पहले तक किलारायपुर में बैलों की दौड़ कराई जाती थी, जो इस मेले का प्रमुख आकर्षण था। बैलों के साथ कोई ज्यादती नहीं की जाती थी। दौड़ के लिए तैयार करते समय बैलों को अच्छी खुराक दी जाती थी, बच्चों की तरह पाला जाता था। बैलों की दौड़ के आकर्षण के कारण बड़ी संख्या में लोग इसे देखने आते थे। जिससे आसपास के गांवों के लोगों की आय बढ़ती थी। लेकिन जल्लीकट्टू विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में बैलों की दौड़ पर रोक लगा दी थी।
विज्ञापन
इसलिए सरकार का इसे शुरू कराने का कोई विचार नहीं है, लेकिन केंद्रीय मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन की शर्तों का पालन करते हुए अगर कोई एनजीओ बैलों की दौड़ करवाना चाहती है तो डिप्टी कमिश्नर से मंजूरी हासिल कर सकती है। इस पर वैद्य ने कहा कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु ने विधानसभा में एक्ट पास कर अपने परंपरागत खेलों को दोबारा शुरू कराया है। यहां भी ऐसा होना चाहिए। सिद्धू ने कहा कि वह इस संबंध में सीएम से बात करेंगे।
विज्ञापन
फूलका ने किया वाकआउट
फूलका ने किया वाकआउट
पीटीयू अधिकारी पर जांच रिपोर्ट एक माह में
कुलतार सिंह संधवां ने पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी के खिलाफ विजिलेंस जांच का स्टेटस पूछा। जवाब में चरनजीत सिंह चन्नी ने कहा कि इस बारे में कैग से जांच की मांग की गई थी, पर उन्होंने असमर्थता जता दी है। अब रिटायर्ड अधिकारी को जांच सौंपी गई है, जिन्हें एक माह में रिपोर्ट देने को कहा गया है। कुलजीत नागरा ने कहा कि फतेहगढ़ साहिब जैसे धार्मिक व ऐतिहासिक शहर में कोई सरकारी आईटीआई या पालीटेक्निक नहीं है।
लोग खुद जमीन देकर बिल्डिंग बनाने को भी तैयार हैं। इस पर चन्नी ने कहा कि वह कुछ न कुछ जरूर देंगे। एनके शर्मा ने डेराबस्सी हलके में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों का मुद्दा उठाया। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि अब तक 2083 लाभार्थियों की पहचान हो चुकी है। बजट आवंटन के बाद इनके घर बनवाए जाएंगे।
फूलका ने किया वाकआउट
आम आदमी पार्टी के नेता एचएस फूलका ने प्रश्नकाल के दौरान ही दो विधायकों सुखपाल खैरा और सिमरजीत सिंह बैंस को सस्पेंड किए जाने पर विरोध जताया। उन्होंने खैरा के सस्पेंशन को असंवैधानिक बताया। इसके बाद वाकआउट कर दिया। हालांकि आप के बाकी विधायक सदन में ही रहे। बाद में फूलका ने विधानसभा परिसर में ही शहीद भगत सिंह की तस्वीर के पास धरने पर बैठे बैंस और खैरा के पास जाकर बैठ गए।
कुलतार सिंह संधवां ने पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी के खिलाफ विजिलेंस जांच का स्टेटस पूछा। जवाब में चरनजीत सिंह चन्नी ने कहा कि इस बारे में कैग से जांच की मांग की गई थी, पर उन्होंने असमर्थता जता दी है। अब रिटायर्ड अधिकारी को जांच सौंपी गई है, जिन्हें एक माह में रिपोर्ट देने को कहा गया है। कुलजीत नागरा ने कहा कि फतेहगढ़ साहिब जैसे धार्मिक व ऐतिहासिक शहर में कोई सरकारी आईटीआई या पालीटेक्निक नहीं है।
लोग खुद जमीन देकर बिल्डिंग बनाने को भी तैयार हैं। इस पर चन्नी ने कहा कि वह कुछ न कुछ जरूर देंगे। एनके शर्मा ने डेराबस्सी हलके में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों का मुद्दा उठाया। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि अब तक 2083 लाभार्थियों की पहचान हो चुकी है। बजट आवंटन के बाद इनके घर बनवाए जाएंगे।
फूलका ने किया वाकआउट
आम आदमी पार्टी के नेता एचएस फूलका ने प्रश्नकाल के दौरान ही दो विधायकों सुखपाल खैरा और सिमरजीत सिंह बैंस को सस्पेंड किए जाने पर विरोध जताया। उन्होंने खैरा के सस्पेंशन को असंवैधानिक बताया। इसके बाद वाकआउट कर दिया। हालांकि आप के बाकी विधायक सदन में ही रहे। बाद में फूलका ने विधानसभा परिसर में ही शहीद भगत सिंह की तस्वीर के पास धरने पर बैठे बैंस और खैरा के पास जाकर बैठ गए।