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विस चुनावः आसान नहीं लंबी को फतेह करना, हो सकता है रोचक मुकाबला
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 15 Jan 2017 10:56 AM IST
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब विधानसभा चुनाव में सबसे हॉट सीट मानी जा रही लंबी को फतेह करना आसान नहीं होगा। इस पर रोचक मुकाबला देखने को मिल सकता है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को यह कहकर सियासी गणितज्ञों में सनसनी फैला दी कि वे लंबी विधानसभा सीट से शिअद प्रत्याशी और मौजूदा मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहते हैं।
इसके लिए आलाकमान से अनुमति की जरूरत है। कैप्टन के इस बयान को कई मायनों में लिया जा रहा है। एक तो, शिअद की ओर से कैप्टन व केजरीवाल को लगातार चुनौती दी जा रही थी कि हिम्मत हो तो बादल के खिलाफ लड़कर दिखाएं। दूसरे, कांग्रेस में सिद्धू के आने के कारण थोड़े से चिंतित कैप्टन लंबी से चुनाव लड़कर एक मुख्यमंत्री का दूसरे मुख्यमंत्री के साथ मुकाबले की बात को प्रचारित करना चाह रहे हैं।
वैसे पार्टी आलाकमान ने यदि कैप्टन की मानी तो यह सीट सूबे की सबसे हॉट सीट होगी। ऐसे में इस सीट पर मुकाबला बेहद रोचक हो सकता है। लंबी सीट को बादल का गढ़ माना जाता है। इस सीट पर बादल अब भी मजबूत पकड़ रखते हैं। ऐसे में अमरिंदर के लिए लंबी फतह आसान नहीं माना जा सकता।
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इसके लिए आलाकमान से अनुमति की जरूरत है। कैप्टन के इस बयान को कई मायनों में लिया जा रहा है। एक तो, शिअद की ओर से कैप्टन व केजरीवाल को लगातार चुनौती दी जा रही थी कि हिम्मत हो तो बादल के खिलाफ लड़कर दिखाएं। दूसरे, कांग्रेस में सिद्धू के आने के कारण थोड़े से चिंतित कैप्टन लंबी से चुनाव लड़कर एक मुख्यमंत्री का दूसरे मुख्यमंत्री के साथ मुकाबले की बात को प्रचारित करना चाह रहे हैं।
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वैसे पार्टी आलाकमान ने यदि कैप्टन की मानी तो यह सीट सूबे की सबसे हॉट सीट होगी। ऐसे में इस सीट पर मुकाबला बेहद रोचक हो सकता है। लंबी सीट को बादल का गढ़ माना जाता है। इस सीट पर बादल अब भी मजबूत पकड़ रखते हैं। ऐसे में अमरिंदर के लिए लंबी फतह आसान नहीं माना जा सकता।
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पटियाला से बाहर पहला चुनाव होगा कैप्टन का
कैप्टन अमरिंदर सिंह
उधर, कैप्टन अगर इस सीट से चुनाव लड़ते हैं तो पटियाला से बाहर किसी सीट पर उनका यह पहला विधानसभा चुनाव होगा। इसे कैप्टन का आत्मविश्वास ही कहा जा सकता है कि वे एक ऐसी सीट पर ऐसे धाकड़ नेता का सामना करने को तैयार हैं, जो प्रकाश सिंह बादल यहां से साल 1997, 2002, 2007 और 2012 का विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। इन चारों जीत के साथ वे हर बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।
...तो कैप्टन को जरनैल सिंह का भी सामना करना पड़ेगा
साल 2017 के चुनाव में फिलहाल प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के आप विधायक जरनैल सिंह को उतारा है। वहीं कांग्रेस ने इस सीट पर अपने प्रत्याशी का ऐलान अभी तक नहीं किया है। कैप्टन अमरिंदर अगर लंबी सीट से नामांकन भरते हैं तो उन्हें इस सीट पर प्रकाश सिंह बादल के साथ-साथ जरनैल सिंह की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
अगर लंबी से चुनाव लड़ने के पीछे कांग्रेस की यह रणनीति है कि बादल को लंबी से बाहर निकलने का समय न मिले, तो कैप्टन के सामने भी यही समस्या होगी। अन्य हलकों में समय दे पाना कैप्टन के लिए इतना आसान नहीं होगा।
...तो कैप्टन को जरनैल सिंह का भी सामना करना पड़ेगा
साल 2017 के चुनाव में फिलहाल प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के आप विधायक जरनैल सिंह को उतारा है। वहीं कांग्रेस ने इस सीट पर अपने प्रत्याशी का ऐलान अभी तक नहीं किया है। कैप्टन अमरिंदर अगर लंबी सीट से नामांकन भरते हैं तो उन्हें इस सीट पर प्रकाश सिंह बादल के साथ-साथ जरनैल सिंह की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
अगर लंबी से चुनाव लड़ने के पीछे कांग्रेस की यह रणनीति है कि बादल को लंबी से बाहर निकलने का समय न मिले, तो कैप्टन के सामने भी यही समस्या होगी। अन्य हलकों में समय दे पाना कैप्टन के लिए इतना आसान नहीं होगा।
हलके में सीएम पर जूता फेंकने की घटना से शिअद सदमे में
पंजाब कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
इस बीच, हलके में सीएम बादल पर जूता फेंकने की घटना के बाद से शिअद सदमे में है। पार्टी ने पहले इसके लिए आप और कांग्रेस को घेरने की कोशिश की, लेकिन आरोपी पंथक फ्रंट से संबंधित निकला। इसे देखते हुए संभव है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह लंबी सीट पर कांग्रेस कॉडर की वोटों के साथ उन पंथक वोटों का हिसाब लगा रहे हों जो अब तक शिअद का वोटबैंक रहा है।
लेकिन, इस गणित के हिसाब से भी कैप्टन की जीत आसान नहीं होगी, क्योंकि इन चुनावों में तीसरा दल आप भी मौजूद है, जो कुछ वोटों को अवश्य ही प्रभावित करेगा। उधर, चुनाव को तीन सप्ताह का समय बचा है। ऐसे में कैप्टन की यह घोषणा कांग्रेस के लिए कितनी फायदेमंद साबित होगी यह देखना होगा।
कैप्टन की तरह जरनैल भी दे चुके हैं चुनौती
दूसरी ओर लंबी से आप प्रत्याशी जरनैल सिंह ने भी हाल ही में कैप्टन अमरिंदर सिंह को चुनौती देते हुए कहा था कि अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह में दम है तो वह लंबी हलके से चुनाव लड़कर दिखाएं। ऐसे में कांग्रेस और आप के बीच वंटते वोट कैप्टन अमरिंदर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। जबकि सीएम बादल अपनी साफ-सुथरी छवि और हलके के वोटरों के बीच अपनी पैठ के चलते शिअद के परंपरागत वोटरों का समर्थन अवश्य ही हासिल करेंगे।
लेकिन, इस गणित के हिसाब से भी कैप्टन की जीत आसान नहीं होगी, क्योंकि इन चुनावों में तीसरा दल आप भी मौजूद है, जो कुछ वोटों को अवश्य ही प्रभावित करेगा। उधर, चुनाव को तीन सप्ताह का समय बचा है। ऐसे में कैप्टन की यह घोषणा कांग्रेस के लिए कितनी फायदेमंद साबित होगी यह देखना होगा।
कैप्टन की तरह जरनैल भी दे चुके हैं चुनौती
दूसरी ओर लंबी से आप प्रत्याशी जरनैल सिंह ने भी हाल ही में कैप्टन अमरिंदर सिंह को चुनौती देते हुए कहा था कि अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह में दम है तो वह लंबी हलके से चुनाव लड़कर दिखाएं। ऐसे में कांग्रेस और आप के बीच वंटते वोट कैप्टन अमरिंदर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। जबकि सीएम बादल अपनी साफ-सुथरी छवि और हलके के वोटरों के बीच अपनी पैठ के चलते शिअद के परंपरागत वोटरों का समर्थन अवश्य ही हासिल करेंगे।