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पटियाला: अमरिंदर के नजदीकी संजीव शर्मा बिट्टू बने रहेंगे मेयर, हाईकोर्ट के फैसले से कैप्टन समर्थकों में खुशी 

Mon, 20 Dec 2021 01:46 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/पटियाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/पटियाला Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 20 Dec 2021 01:46 PM IST
सार

कैप्टन के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और कांग्रेस छोड़ने के बाद जब मेयर बिट्टू ने उनके हक में जनसभाओं में लोगों को लामबंद करना शुरू किया, तो पहले जो दबी जुबान में कांग्रेस में मेयर की खिलाफत कर रहे थे वह सभी खुलकर आगे आए।

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Punjab And Haryana Highcourt ruled in Favor of Sanjeev Sharma Bittu, will continue as Mayor of Patiala
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह की अपने ही गढ़ पटियाला में बड़ी जीत हुई है। सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में कैप्टन के नजदीकी संजीव शर्मा बिट्टू के हक में फैसला सुना दिया। इसके बाद अब साफ हो गया है कि बिट्टू ही पटियाला नगर निगम के मेयर पद पर बने रहेंगे। इससे  कैप्टन खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस मसले को लेकर कैप्टन की साख दांव पर लगी थी। नवजोत सिंह सिद्धू लगातार बिट्टू की मेयर पद से सस्पेंशन के बाद कैप्टन पर निशाने साधते कह रहे थे कि जो कैप्टन अपना मेयर नहीं बचा सका, वह क्या विधानसभा चुनाव जीतेगा। 

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बिट्टू ने कहा, सच की जीत हुई

मेयर बिट्टू ने इसे सच की जीत बताया है। उनका कहना है कि उन्हें अलोकतांत्रिक ढंग से मेयर के पद से हटाने की कोशिश की गई थी, लेकिन अदालत ने उन्हें न्याय दे दिया है, जिसकी उन्हें खुशी है। उन्होंने कहा कि वह पहले की तरह आगे भी लोगों की सेवा करते रहेंगे। 

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मेयर के खिलाफ लाया गया था अविश्वास प्रस्ताव

कैप्टन के कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद जब मेयर बिट्टू ने उनके हक में जनसभाओं में लोगों को लामबंद करना शुरू किया तो वे लोग खुलकर उनके खिलाफ आ गए जो पहले दबी जुबान में उनकी खिलाफत कर रहे थे। इस मामले ने उस समय तूल पकड़ा, जब बड़ी संख्या में पार्षदों ने मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाते हुए स्थानीय निकाय मंत्री ब्रहम महिंदरा से उन्हें हटाने की मांग कर डाली। जिसके चलते मेयर को 25 नवंबर को बहुमत साबित करने के लिए जनरल हाउस की मीटिंग बुलानी पड़ी। भारी हंगामे के बीच व कैप्टन की मौजूदगी में हुई बैठक में मेयर के हक में 25, जबकि विरोध में 36 वोट पड़े। इसके बाद मौके पर मौजूद रहे मंत्री ब्रहम मोहिंदरा ने बिट्टू को मेयर पद से सस्पेंड करने का एलान करते हुए सीनियर डिप्टी मेयर योगेंद्र सिंह योगी को कार्यकारी मेयर नियुक्त कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ मेयर बिट्टू ने अदालत का दरवाजा खटखटा दिया।

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