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‘अपने लिए नहीं आने वाली पीढ़ियों के लिए सुखना को बचाना होगा’

Sat, 18 Feb 2017 09:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 18 Feb 2017 09:31 AM IST
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Punjab and haryana highcourt on sukhna lake
- फोटो : अजय वर्मा
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि हमें अपने लिए नहीं आने वाली पीढ़ियों के लिए सुखना को बचाना होगा। यूटी प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि अस्थायी की जगह ऐसे कौन से जरिये हो सकते हैं, जिनसे सुखना के दुख का सदा के लिए अंत हो जाए।
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अगली सुनवाई पर प्रशासन को इस पर जवाब दाखिल करना होगा। यूटी प्रशासन ने हलफनामा सौंप कर हाईकोर्ट को बताया कि 23 दिन 7 ट्यूबवेल से पानी सुखना में लाया गया। अब जलस्तर 4.8 इंच बढ़ा है। हाईकोर्ट ने हलफनामे को रिकार्ड पर लेते हुए सुनवाई 8 मार्च तक टाल दी।
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हाईकोर्ट में शुक्रवार को चंडीगढ़ प्रशासन के पब्लिक हेल्थ विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर राजिंदर सिंह आहलुवालिया के हलफनामे के माध्यम से कोर्ट को बताया गया कि 16 जनवरी को सुखना में ट्यूबवेल का पानी छोड़ना शुरू किया। अब तक 23 दिन लेक को भरा गया है। 16 फरवरी तक लेक के जलस्तर में 4.8 इंच की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। 16 जनवरी को सुखना का जलस्तर 1154 फुट था, जो 16 फरवरी को 1154.4 फुट दर्ज किया गया है। 
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आवारा कुत्तों से निजात के लिए एमिकस क्यूरी दें सुझाव

Punjab and haryana highcourt on sukhna lake
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
हाईकोर्ट को बताया गया कि बीते साल इसी अवधि के दौरान वाष्पीकरण और जल रिसाव के चलते लेक के जलस्तर में 5.4 इंच की कमी दर्ज की गई थी। प्रशासन 16 जनवरी से ही सुखना लेक में प्रतिदिन 1.5 मिलियन गैलन पानी सात ट्यूबवेलों से सुखना लेक में डाल रहा था। हाईकोर्ट ने इस जानकारी को रिकॉर्ड पर लेते हुए प्रशासन को आदेश दिए हैं कि वह सुखना लेक के वजूद को बचाने के लिए लेक में पानी डालने की प्रक्रिया को जारी रखे।

आवारा कुत्तों से निजात के लिए एमिकस क्यूरी दें सुझाव
चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया कि लेक पर आवारा कुत्तों की संख्या कम करने की दिशा में विभिन्न सुझावों पर विचार किया गया। सबसे अहम आवारा कुत्तों की नसबंदी है। पिछली सुनवाई पर प्रशासन ने यहां आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के आदेश दिए थे। प्रशासन ने अपनी मजबूरी गिनाते हुए कहा कि कुत्तों को लेकर 2001 के नियम हैं, जिसके चलते ऐसे प्रावधान हैं कि नसबंदी करने के बाद कुत्तों को वहीं छोड़ना अनिवार्य है, जहां से उनको उठाया गया था। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा है तो अगली सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी एमएल सरीन और तनु बेदी इन नियमों को लेकर कोर्ट के सामने पक्ष रखें और उपायों पर गौर करें कि कैसे लेक को आवारा कुत्तों से निजात दिखाई जाए।
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