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सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद क्यों खुले हैं हाईवे पर ठेके: हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 05 Dec 2017 10:48 AM IST
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- फोटो : File Photo
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पूछा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नेशनल और स्टेट हाईवे के 500 मीटर के दायरे में शराब के ठेके खोले जाने पर लगाई पाबंदी के बावजूद ये कैसे चल रहे हैं। कोर्ट ने सोमवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब और हरियाणा को नए सिरे से नोटिस जारी कर इस संबंध में जवाब देने को कहा है।
चंडीगढ़ की संस्था अराइव सेफ संस्था के अध्यक्ष हरमन सिद्धू ने जनहित याचिका दायर कर जस्टिस अजय कुमार मित्तल एवं जस्टिस अमित रावल की खंडपीठ को बताया कि पिछले साल दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे के 500 मीटर के दायरे में शराब के ठेके खोले जाने पर पाबंदी लगा दी थी। इसके अलावा सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए थे कि वर्ष 2017-18 एक्साइज पालिसी में ऐसा प्रावधान बनाया जाए जिसके तहत हाईवे के 500 मीटर के दायरे में ठेके के लाइसेंस न दिए जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी साफ कर दिया था कि, नेशनल हाईवे पर इन ठेकों को लेकर कोई साइन बोर्ड, विज्ञापन और लाइट्स नहीं लगाई जाएंगी। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के इन आदेशों के बावजूद दोनों राज्यों में न सिर्फ नेशनल हाईवे पर शराब के ठेके चल रहे हैं बल्कि बड़े-बड़े विज्ञापन और फैंसी लाइट्स भी लगाई गई हैं।
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चंडीगढ़ की संस्था अराइव सेफ संस्था के अध्यक्ष हरमन सिद्धू ने जनहित याचिका दायर कर जस्टिस अजय कुमार मित्तल एवं जस्टिस अमित रावल की खंडपीठ को बताया कि पिछले साल दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे के 500 मीटर के दायरे में शराब के ठेके खोले जाने पर पाबंदी लगा दी थी। इसके अलावा सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए थे कि वर्ष 2017-18 एक्साइज पालिसी में ऐसा प्रावधान बनाया जाए जिसके तहत हाईवे के 500 मीटर के दायरे में ठेके के लाइसेंस न दिए जाए।
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सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी साफ कर दिया था कि, नेशनल हाईवे पर इन ठेकों को लेकर कोई साइन बोर्ड, विज्ञापन और लाइट्स नहीं लगाई जाएंगी। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के इन आदेशों के बावजूद दोनों राज्यों में न सिर्फ नेशनल हाईवे पर शराब के ठेके चल रहे हैं बल्कि बड़े-बड़े विज्ञापन और फैंसी लाइट्स भी लगाई गई हैं।
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जस्टिस मित्तल बोले- मैंने भी देखे हैं हाईवे किनारे खुले ठेके
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
- फोटो : File Photo
ठेकों के फोटो भी दिखाए
याचिकाकर्ता संस्था ने दोनों राज्यों में चल रहे ऐसे ही शराब के ठेकों की फोटो कोर्ट को दिखाकर बताया कि ये सभी ठेके सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उलंघन कर चलाए जा रहे हैं। इन्हें राज्य सरकारों का पूरा संरक्षण हासिल है। हरियाणा में कुछ अतिरिक्त फीस का भुगतान करने के बाद हाईवे पर शराब की दुकान खोली जा सकती हैं।
कोर्ट में पंजाब की दलील खारिज
पंजाब सरकार ने कोर्ट में कहा कि उन्होंने अवैध तरीके से ऐसे कोई लाइसेंस जारी नहीं किए हैं। राज्य में लाइसेंस जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किया जा रहा है। हालांकि हाईकोर्ट ने पंजाब की इस दलील को खारिज करते हुए नोटिस जारी कर दिया।
जस्टिस मित्तल बोले- मैंने भी देखे हैं हाईवे किनारे खुले ठेके
हाईकोर्ट ने राज्य सरकारों के सभी जवाबों पर असहमित जताई। जस्टिस अजय कुमार मित्तल ने कहा कि वो रविवार को दिल्ली से आ रहे थे। उन्होंने भी देखा कि हाईवे पर शराब के ठेेके काफी संख्या में अब भी चल रहे हैं।
याचिकाकर्ता संस्था ने दोनों राज्यों में चल रहे ऐसे ही शराब के ठेकों की फोटो कोर्ट को दिखाकर बताया कि ये सभी ठेके सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उलंघन कर चलाए जा रहे हैं। इन्हें राज्य सरकारों का पूरा संरक्षण हासिल है। हरियाणा में कुछ अतिरिक्त फीस का भुगतान करने के बाद हाईवे पर शराब की दुकान खोली जा सकती हैं।
कोर्ट में पंजाब की दलील खारिज
पंजाब सरकार ने कोर्ट में कहा कि उन्होंने अवैध तरीके से ऐसे कोई लाइसेंस जारी नहीं किए हैं। राज्य में लाइसेंस जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किया जा रहा है। हालांकि हाईकोर्ट ने पंजाब की इस दलील को खारिज करते हुए नोटिस जारी कर दिया।
जस्टिस मित्तल बोले- मैंने भी देखे हैं हाईवे किनारे खुले ठेके
हाईकोर्ट ने राज्य सरकारों के सभी जवाबों पर असहमित जताई। जस्टिस अजय कुमार मित्तल ने कहा कि वो रविवार को दिल्ली से आ रहे थे। उन्होंने भी देखा कि हाईवे पर शराब के ठेेके काफी संख्या में अब भी चल रहे हैं।