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कड़ी टिप्पणी, अधिकारी हाईकोर्ट से ही बुरा बर्ताव करते हैं, तो जनता का क्या हाल होगाः हाईकोर्ट

Sun, 16 Dec 2018 09:16 AM IST
खुशबू गोयल विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 16 Dec 2018 09:16 AM IST
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Punjab and Haryana Highcourt Damnation to officers
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

एजी के मना करने के बावजूद सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ अपील दाखिल करने वाले एसीएस व अन्य अधिकारियों को हाईकोर्ट ने जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि अधिकारी कोर्ट के आदेश को हल्के में ले रहे हैं जो अपमान है। अगर हाईकोर्ट से अधिकारियों का ऐसा बर्ताव है तो प्रदेश की जनता का क्या हाल होगा। एसीएस आलोक निगम के माफी मांगने और अपील वापस लेने के निर्णय की जानकारी देने और एडिशनल एडवोकेट जनरल दीपक बाल्यान के निवेदन पर हाईकोर्ट ने याचिका वापस लेने की छूट देते हुए खारिज कर दी।

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हरियाणा पीडब्ल्यूडी विभाग में वर्क इंस्पेक्टर के तौर पर नियुक्त बीर सिंह को हटाने के आदेश जारी किए गए थे। अनुबंध आधार पर कार्य कर रहे बीर सिंह इस आदेश के खिलाफ लेबर कोर्ट चले गए। लेबर कोर्ट ने उसके हक में फैसला सुनाया। लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग ने उसे वर्क इंस्पेक्टर न लगा कर बेलदार लगाने का निर्णय लिया। इसके खिलाफ बीर सिंह हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के समक्ष पहुंचे।

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Punjab and Haryana Highcourt Damnation to officers
Punjab And Haryana Highcourt - फोटो : File Photo

सिंगल बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बीर सिंह को जिस पद से हटाया गया था उसी पर नियुक्ति के आदेश दिए। सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ अपील दाखिल करने से पहले एजी से सलाह मांगी गई और एजी ने अपील दाखिल न करने की सिफारिश की। बावजूद इसके एसीएस व अन्य अधिकारियों ने अपील दाखिल करने का फैसला लिया। इसके बाद हाईकोर्ट ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए अपील वापस लेने के बारे में फैसला करने को कहा। 

दो सुनवाई के दौरान भी फैसला न लेने पर हाईकोर्ट ने इसे कोर्ट का अपमान बताते हुए कहा कि यदि कोर्ट के प्रति अधिकारियों का यह रवैया है तो प्रदेश में आम लोगों का क्या हाल होगा। कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों पास न एजी के लिए कोई इज्जत है और न ही कोर्ट के लिए। हाईकोर्ट अधिकारियों पर जुर्माना लगाने लगा तो एसीएस सहित अन्य ने कोर्ट से माफी मांगी। 

इस दौरान एडिशनल एडवोकेट जनरल दीपक बाल्यान के निवेदन को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने अधिकारियों को माफी दे दी और याचिका वापस लेने की छूट देते हुए इसे खारिज कर दिया। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने एसीएस निगम और इंजीनियर इन चीफ राकेश मनोचा को तलब करते हुए पूछा था क्यों न उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना के तहत कार्रवाई की जाए।

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