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Punjab: शहीद के परिवार के प्रति उदासीनता, विधवा पत्नी पहुंची हाईकोर्ट, पंजाब सरकार पर पांच लाख का जुर्माना
Tue, 09 May 2023 12:11 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 09 May 2023 12:11 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने कहा कि याची के पति द्वारा राष्ट्र को प्रदान की गई वीरतापूर्ण सेवाओं को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को याचिकाकर्ता की आवश्यकताओं के प्रति उदासीन होने के बजाय, त्वरित कार्रवाई करने की आवश्यकता थी। शहीद के परिवार के जीवित सदस्यों को तत्काल सम्मान दिया जाना चाहिए।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सैनिक के परिवार के प्रति घोर उदासीनता के लिए पंजाब सरकार की निंदा करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार पर 5 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। सैनिक की विधवा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि दुश्मन ताकतों के हमले से देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए जीवन बलिदान करने वाले के परिवार के साथ ऐसा रवैया ठीक नहीं है।
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याचिकाकर्ता बलवंत कौर ने हाईकोर्ट को बताया था कि उसके पति सीमा की रक्षा करते हुए शहीद हुए थे। उनकी वीरता के लिए पंजाब सरकार ने उनके परिवार को 10 एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया था। भूमि आवंटन के बाद भी याची इसका इस्तेमाल नहीं कर सकी क्योंकि इसके लिए रास्ता नहीं सौंपा गया था। कोर्ट को बताया गया कि लंबे इंतजार के बाद जब याची ने कोर्ट की शरण ली तब जाकर उसे इस भूमि के लिए रास्ता दिया गया है।
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हाईकोर्ट ने कहा कि याची के पति द्वारा राष्ट्र को प्रदान की गई वीरतापूर्ण सेवाओं को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को याचिकाकर्ता की आवश्यकताओं के प्रति उदासीन होने के बजाय, त्वरित कार्रवाई करने की आवश्यकता थी। शहीद के परिवार के जीवित सदस्यों को तत्काल सम्मान दिया जाना चाहिए।
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याचिकाकर्ता को अपने हक के लिए बार-बार अदालत जाने के लिए मजबूर किया गया जो अनावश्यक था। उसे बेवजह और बार-बार मुकदमेबाजी में घसीटा गया। कोर्ट ने ऐसे में पंजाब सरकार पर पांच लाख का जुर्माना लगाते हुए यह राशि याची के बैंक खाते में जमा करवाने का आदेश दिया है।