{"_id":"59cab1934f1c1bd7538b490d","slug":"punjab-and-haryana-high-court-committee-sukhna-lake","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट का आदेश- सुखना से कमल का फूल और वीड एक हफ्ते में हटाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट का आदेश- सुखना से कमल का फूल और वीड एक हफ्ते में हटाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 27 Sep 2017 09:17 AM IST
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- फोटो : फाइल फोटो
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सुखना की दुर्दशा को लेकर हाईकोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान पर सुनवाई के दौरान मंगलवार को प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि सुखना के फ्लड गेट तभी खोले जाएंगे जब यह 1163 फीट का आंकड़ा छू लेगी।
हाईकोर्ट को बताया गया कि सुखना का स्तर फिलहाल 1161.95 फीट तक पहुंच गया है और यह पानी से लबालब है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि प्रशासन एक सप्ताह के भीतरकमल के फूल और वीड को हटा कर इसके बारे में सूचित करे। साथ ही हरियाणा सरकार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के आदेश दिए हैं।
सुखना लेक केलगातार घटते जलस्तर पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई आरंभ की थी। इस दौरान लगातार कई स्टडी हुई और सुखना के कई दौरे हुए। इसी बीच बीते कुछ माह में सुखना बड़ी तेजी से सूखने लगी थी। इस पर एक बार तो प्रशासन को भूजल तक सुखना में पंप करना पड़ गया था। बीते कुछ दिनों की बारिश ने सुखना को पानी से जुड़ा सुख तो लौटा दिया परंतु अभी इसके सामने गंदगी और वीड की चुनौती बनी हुई है।
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हाईकोर्ट को बताया गया कि सुखना का स्तर फिलहाल 1161.95 फीट तक पहुंच गया है और यह पानी से लबालब है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि प्रशासन एक सप्ताह के भीतरकमल के फूल और वीड को हटा कर इसके बारे में सूचित करे। साथ ही हरियाणा सरकार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के आदेश दिए हैं।
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सुखना लेक केलगातार घटते जलस्तर पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई आरंभ की थी। इस दौरान लगातार कई स्टडी हुई और सुखना के कई दौरे हुए। इसी बीच बीते कुछ माह में सुखना बड़ी तेजी से सूखने लगी थी। इस पर एक बार तो प्रशासन को भूजल तक सुखना में पंप करना पड़ गया था। बीते कुछ दिनों की बारिश ने सुखना को पानी से जुड़ा सुख तो लौटा दिया परंतु अभी इसके सामने गंदगी और वीड की चुनौती बनी हुई है।
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मामले में मंगलवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में यूटी प्रशासन ने बताया कि सुखना का जलस्तर 1161.95 फीट तक पहुंच गया है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि फिलहाल पानी के मामले में तो राहत मिली है लेकिन कहीं प्रशासन इसे फ्लड गेट से निकालने की तो नहीं सोच रहा।
इस पर प्रशासन ने बताया कि 1163 फीट का आंकड़ा जब तक सुखना पार नहीं कर लेती तब तक कोई फ्लड गेट नहीं खोला जाएगा। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि बीते कुछ समय में सुखना के किनारे गंदगी के ढेर लग गए हैं। इस दिशा में कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया जाता। इस पर प्रशासन की ओर से बताया गया कि वे इस दिशा में गंभीरता से काम कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि एक सप्ताह केभीतर कमल फूल और वीड को वहां से हटाया जाए ताकि सुखना का दृश्य मोहक लगे।
हरियाणा ने रोया अधिकारियों का रोना
हरियाणा सरकार से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर जवाब मांगा गया तो हरियाणा सरकार ने बताया कि बीते कुछ माह में चार कमिश्नर बदल चुके हैं और इसी के चलते कोई काम सिरे नहीं चढ़ पा रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि इसके लिए भी वे खुद जिम्मेदार हैं। जिस प्रकार की दुर्दशा पंचकूला में हो रही है उसी के चलते यह हाल हो रहा है। बहरहाल कुछ भी हो सुखना को गंदा होने नहीं दिया जा सकता है। ऐसे में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का तेजी से निर्माण किया जाए।
इस पर प्रशासन ने बताया कि 1163 फीट का आंकड़ा जब तक सुखना पार नहीं कर लेती तब तक कोई फ्लड गेट नहीं खोला जाएगा। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि बीते कुछ समय में सुखना के किनारे गंदगी के ढेर लग गए हैं। इस दिशा में कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया जाता। इस पर प्रशासन की ओर से बताया गया कि वे इस दिशा में गंभीरता से काम कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि एक सप्ताह केभीतर कमल फूल और वीड को वहां से हटाया जाए ताकि सुखना का दृश्य मोहक लगे।
हरियाणा ने रोया अधिकारियों का रोना
हरियाणा सरकार से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर जवाब मांगा गया तो हरियाणा सरकार ने बताया कि बीते कुछ माह में चार कमिश्नर बदल चुके हैं और इसी के चलते कोई काम सिरे नहीं चढ़ पा रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि इसके लिए भी वे खुद जिम्मेदार हैं। जिस प्रकार की दुर्दशा पंचकूला में हो रही है उसी के चलते यह हाल हो रहा है। बहरहाल कुछ भी हो सुखना को गंदा होने नहीं दिया जा सकता है। ऐसे में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का तेजी से निर्माण किया जाए।