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Punjab: आप ने कहा- सुप्रीम कोर्ट का फैसला लोकतंत्र की जीत, घटनाक्रम से राज्यपाल पद की गरिमा को ठेस पहुंची
Mon, 06 Nov 2023 11:38 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 06 Nov 2023 11:38 PM IST
सार
आप प्रवक्ता ने कहा कि संविधान के अनुसार राज्यपाल राज्य का सांविधानिक प्रधान होता है लेकिन संविधान में यह स्पष्ट लिखा है कि राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार काम करने को बाध्य है इसलिए चुनी हुई सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्यपाल ने जिस तरह पंजाब सरकार के रोज के कामकाज में दखल दिया और राजनीतिक हस्तक्षेप किया उससे पंजाब को काफी नुकसान हुआ।
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मलविंदर सिंह कंग।
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विस्तार
पंजाब सरकार और राज्यपाल के बीच विवाद को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर से सरकार के पक्ष में फैसला सुनाने पर पंजाब आम आदमी पार्टी (आप) ने आभार जताया है। पार्टी की ओर से इस फैसले को पंजाब के लोगों और लोकतंत्र की जीत करार दिया गया है।
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सोमवार को पार्टी मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए पंजाब आप के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत का संविधान लोगों द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों को राज्य पर शासन करने का अधिकार देता है लेकिन दुर्भाग्यवश विपक्ष शासित राज्यों को मोदी सरकार अपने राज्यपाल के जरिये नियंत्रित करने की लगातार कोशिश कर रही हैं।
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मोदी सरकार ने राज्यपाल से राजनीतिक हस्तक्षेप करवाकर राज्यपाल पद की गरिमा को नुकसान पहुंचाया है। इस पूरे घटनाक्रम से पंजाब में भी राज्यपाल पद की गरिमा को ठेस पहुंची है। कंग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने गवर्नर के वकील से सवाल किया कि जब पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट आई तो राज्यपाल ने लंबित बिलों को पास क्यों कर दिया? इसका कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया।
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कंग ने कहा कि संविधान के अनुसार राज्यपाल राज्य का सांविधानिक प्रधान होता है लेकिन संविधान में यह स्पष्ट लिखा है कि राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार काम करने को बाध्य है इसलिए चुनी हुई सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्यपाल ने जिस तरह पंजाब सरकार के रोज के कामकाज में दखल दिया और राजनीतिक हस्तक्षेप किया उससे पंजाब को काफी नुकसान हुआ। कंग ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और राज्यपाल का साथ देने के लिए विपक्षी नेताओं की आलोचना की।