पुलवामा हमले में शहीद जवान के माता-पिता से डेढ़ लाख की ठगी, सीआरपीएफ की वर्दी पहने था आरोपी
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सीआरपीएफ की वर्दी में आया एक ठग गांव रौली के पुलवामा में शहीद हुए सैनिक कुलविंद्र सिंह के माता पिता से गुरुवार को डेढ़ लाख रुपये की ठगी कर फरार हो गया। ठग शहीद के पिता की बाइक और मोबाइल भी ले गया। शहीद के पिता दर्शन सिंह और माता अमरजीत कौर ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे सीआरपीएफ की वर्दी में एक जवान उनके घर आया जो बैंक खुलने तक करीब तीन घंटे उनके घर पर ही रुका।
इस दौरान ठग ने बताया कि वह सीआरपीएफ विभाग से आया है और शहीद सैनिकों के पारिवारिक सदस्यों के लिए सरकार की ओर से चलाई गई स्कीमों के लिए 20 लाख रुपये जमा कराने पड़ेंगे। इसके बाद करीब साढे़ 10 बजे शहीद के पिता अपनी मोटरसाइकिल पर पत्नी और ठग को साथ लेकर रोपड़ मुख्य मार्ग पर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में पहुंचे।
चेक बुक न होने की वजह से 20 लाख रुपये इकट्ठा नहीं निकल पाए। उन्होंने अपने और अपनी पत्नी के खाते से करीब एक लाख पचास हजार रुपये की राशि निकलवाई। इसके बाद ठग के कहने पर बताई सरकारी सुविधाएं प्राप्त करने के लिए वह कचहरी में स्टांप खरीदने के लिए पहुंचे। शहीद के पिता ने बताया कि जब वह स्टांप लेने के लिए दस्तखत कर रहे थे तो ठग बैंक में इंतजार कर रही उनकी पत्नी से उनकी बाइक लेकर फरार हो गया।
उन्होंने बताया कि बैंक की पासबुक और राशि एक लाख पचास हजार रुपये उसकी किट में ही थे जो कि आरोपी लेकर फरार हो गया। काफी देर तक वापस न आने पर उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव चौधरी और अन्य पुलिस मुलाजिमों को साथ लेकर शहीद के घर का दौरा किया और जानकारी प्राप्त की।
पुलिस ने जांच के दौरान पता लगाया कि ठग ने शहीद के घर में सीआरपीएफ की पहनी वर्दी उतार कर घरेलू कपड़े पहन लिए थे। पुलिस ने शहीद के घर से सीआरपीएफ की वर्दी बरामद कर ली है। शहीद के पिता दर्शन सिंह ने बताया कि ठग किराए की कार लेकर उनके घर आया था।
जिसे उसने एक हजार रुपये दिए थे। थाना प्रभारी राजीव चौधरी ने कहा कि ठग जिस किराए की गाड़ी में शहीद के घर आया था, उसकी तलाश की जा रही है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस ने धारा 420 के तहत मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है।