पुलवामा आतंकी हमले के बाद बढ़ी आशंका, करतारपुर कॉरिडोर पर पड़ सकता है असर
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पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर आतंकी हमले का साया सिखों की सालों से लंबित मांग करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर पड़ने की आशंका बन गई है। आतंकी हमले के बाद सूबे में आशंकाओं के बादल छा गए हैं। सभी की निगाहें केंद्र सरकार पर टिकी हैं। सालों के इंतजार के बाद कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू के पाक पीएम इमरान खान के ताजपोशी समागम में शामिल होने के बाद उम्मीद जगी थी।
इमरान खान ने श्री गुरु नानक देव जी से संबंधित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब तक कॉरिडोर खोलने की पहल की। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी उस पर सहमति जताई। कॉरिडोर के शिलान्यास में दो केंद्रीय मंत्रियों को भेजा। पाकिस्तान ने अपने क्षेत्र में काम शुरू कर दिया था। भारतीय हिस्से में भी जमीन एक्वायर करने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी।
सभी को उम्मीद थी कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व से पहले कॉरिडोर शुरू हो जाएगा। लेकिन पुलवामा में आतंकी हमले ने हालात एकदम बदल दिए हैं। पूरे देश में पाक के खिलाफ रोष है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी शुक्रवार को साफ संदेश दे दिया कि इस मामले में कोई भी कसर बाकी नहीं रखी जाएगी। जिसके बाद से हर पंजाबी के मन में आशंकाएं गहरा गई हैं।
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में उम्मीद जताई कि इस हमले का करतारपुर कॉरिडोर पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने वीजा मुक्त खुले दर्शन दीदार करवाने संबंधी अपनी मांग दोहराई। कैप्टन ने कहा कि उनका विश्वास है कि कॉरिडोर पूरी तरह महफूज होगा। लेकिन दोनों देशों के बीच शांति की कोशिशों को आगे बढ़ाना है तो पाकिस्तान को अपना बर्ताव बदलना होगा।
वहीं, कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू ने कहा कि करतारपुर का खून-खराबे से क्या लेना। यह तो लोगों को उनके दिलों से जोड़ता है। जब कोई भक्ति भाव से यात्री बन जाता है तो वह अलग व्यक्ति बन जाता है। हमें समस्या की जड़ ढूंढ कर उसे खत्म करना चाहिए। उधर, नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले का करतारपुर कॉरिडोर पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।