{"_id":"5f4018528ebc3e3caa5fec7c","slug":"pu-asked-money-contract-employees-salary-audio-viral-chandigarh-news-pkl3853919167","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीयूः वेतन के नाम पर ठेका कर्मचारियों से मांगे रुपये, ऑडियो वायरल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीयूः वेतन के नाम पर ठेका कर्मचारियों से मांगे रुपये, ऑडियो वायरल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। पीयू के ठेका कर्मचारियों से वेतन के नाम पर तीन हजार रुपये मांगने का एक ऑडियो वायरल हो रहा है। इसमें कहा जा रहा है कि यह रकम पीएफ, ईएसआई, जीएसटी आदि के लिए जमा की जाएगी। कर्मचारियों में इसको लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि रकम देने के बाद भी वेतन मिलेगा, इसकी गारंटी नहीं है। ठेकेदार पर गंभीर आरोप हैं। वहीं पीयू के निर्माण विभाग के जिम्मेदार लोगों को भी लपेटे में लिया गया है।
लॉकडाउन के दौरान पीयू के निर्माण विभाग में काम करने वाले लगभग 13 लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया। यह सभी कर्मचारी ठेकेदार के जरिये यहां काम कर रहे थे। इन्होंने वेतन के लिए प्रदर्शन किया तो कुछ माह का वेतन दिया गया। आरोप है कि जून, जुलाई में भी उनसे काम लिया गया लेकिन वेतन नहीं दिया गया। एक कर्मचारी ने ठेकेदार से बात की। उसी का एक ऑडियो वायरल हो रहा है। उसमें यह बात स्पष्ट हो रही है कि कर्मचारी तीन हजार रुपये देते हैं तो कुछ बात बन सकती है।
यह रकम ईएसआई, जीएसटी, पीएफ आदि के लिए मांगी जा रही है लेकिन यह रकम किसको देनी है और किसके जरिए जमा होनी है। यह साफ नहीं किया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन के लिए यह रकम मांगी जा रही है। उनकी हाजिरी भी लगी है या नहीं, यह भी पता नहीं। ठेकेदार के पास भी हाजिरी की जानकारी नहीं है। उन्होंने वीसी से इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं ठेकेदार का कहना है कि उन्होंने किसी से कोई रकम नहीं मांगी है। उनका कांट्रेक्ट केवल मार्च तक था, अब कोई लेना देना नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लॉकडाउन के दौरान पीयू के निर्माण विभाग में काम करने वाले लगभग 13 लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया। यह सभी कर्मचारी ठेकेदार के जरिये यहां काम कर रहे थे। इन्होंने वेतन के लिए प्रदर्शन किया तो कुछ माह का वेतन दिया गया। आरोप है कि जून, जुलाई में भी उनसे काम लिया गया लेकिन वेतन नहीं दिया गया। एक कर्मचारी ने ठेकेदार से बात की। उसी का एक ऑडियो वायरल हो रहा है। उसमें यह बात स्पष्ट हो रही है कि कर्मचारी तीन हजार रुपये देते हैं तो कुछ बात बन सकती है।
विज्ञापन
यह रकम ईएसआई, जीएसटी, पीएफ आदि के लिए मांगी जा रही है लेकिन यह रकम किसको देनी है और किसके जरिए जमा होनी है। यह साफ नहीं किया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन के लिए यह रकम मांगी जा रही है। उनकी हाजिरी भी लगी है या नहीं, यह भी पता नहीं। ठेकेदार के पास भी हाजिरी की जानकारी नहीं है। उन्होंने वीसी से इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं ठेकेदार का कहना है कि उन्होंने किसी से कोई रकम नहीं मांगी है। उनका कांट्रेक्ट केवल मार्च तक था, अब कोई लेना देना नहीं है।
विज्ञापन