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बिजली निजीकरण : ज्ञापन सौंप जताया विरोध
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चंडीगढ़। सेक्टर-17 के परेड ग्राउंड के साथ लगते ग्राउंड में बिजली कर्मचारियों ने विभाग के निजीकरण के विरोध में जनसभा की। यह जनसभा यूटी पावरमेन के बैनर तले हुई। जनसभा में पेंडू संघर्ष कमेटी के अलावा किसान और किसान समर्थक संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा राजनीतिक दलों और आरडब्ल्यूए व फॉसवेक के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आम आदमी पार्टी के कई पार्षद भी जनसभा में पहुंचे। इस मौके पर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
जनसभा में सर्वसम्मति से पास प्रस्ताव में बिजली विभाग को निजी कंपनी को बेचने की निंदा की। इस दौरान निजीकरण के खिलाफ बिजली मुलाजिमों की 21 फरवरी की आधी रात यानी 22 फरवरी से शुरू हो रही तीन दिवसीय हड़ताल का पुरजोर समर्थन करने का फैसला लिया गया। नेशनल को-आर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के सदस्य एवं इलेक्टिसिटी फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने संबोधित किया। उन्होंने बिजली विभाग को निजी हाथों में सौंपने की निंदा करते कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि हड़ताल के साथ एकजुटता प्रकट करते हुए देशभर में प्रदर्शन करेंगे। चंडीगढ़ बिजली विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बिजली आपूर्ति करने के लिए किसी भी राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों से कोई बिजली कर्मचारी व इंजीनियर चंडीगढ़ में सेवा देने के लिए नहीं आएगा। जनसभा को फेडरेशन ऑफ यूटी इंपलाइज एंड वर्कर्स के अध्यक्ष रघबीर चंद ने भी समर्थन देने की घोषणा की।
जनसभा को आम आदमी पाटी के प्रधान प्रेम गर्ग, सीपीआई के सचिव राजकुमार, देवी दयाल शर्मा, सीपीआईएक सचिव कुलदीप सिंह, मोहम्मद शहनाज गोर्सी, आरएमपीआई के नेता इंद्रजीत सिंह ग्रेवाल, सज्जन सिंह, आम आदमी पार्टी के पार्षद दमनप्रीत सिंह बादल, जसविंदर कौर, प्रेम लता, तरुणा मेहता, पूनम, नेहा, अंजू कातियाल, फॉसवैक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू, प्रदीप चोपड़ा, पेंडू संघर्ष कमेटी के प्रधान दलजीत सिंह पलसौरा, महासचिव गुरप्रीत सिंह सोमल, शरणजीत सिंह, जोगा सिंह, किसान नौजवान किसान एकता चंडीगढ़ के प्रधान किरपाल सिंह, चंडीगढ़ समूह गुरद्वारा प्रबंधक संगठन के महासचिव रघबीर सिंह रामपुर, सेक्टर 22 गुरुद्वारा के महासचिव गुरजोत सिंह साहनी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और बिजली कर्मचारियों को समर्थन दिया।
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जनसभा में सर्वसम्मति से पास प्रस्ताव में बिजली विभाग को निजी कंपनी को बेचने की निंदा की। इस दौरान निजीकरण के खिलाफ बिजली मुलाजिमों की 21 फरवरी की आधी रात यानी 22 फरवरी से शुरू हो रही तीन दिवसीय हड़ताल का पुरजोर समर्थन करने का फैसला लिया गया। नेशनल को-आर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के सदस्य एवं इलेक्टिसिटी फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने संबोधित किया। उन्होंने बिजली विभाग को निजी हाथों में सौंपने की निंदा करते कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि हड़ताल के साथ एकजुटता प्रकट करते हुए देशभर में प्रदर्शन करेंगे। चंडीगढ़ बिजली विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बिजली आपूर्ति करने के लिए किसी भी राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों से कोई बिजली कर्मचारी व इंजीनियर चंडीगढ़ में सेवा देने के लिए नहीं आएगा। जनसभा को फेडरेशन ऑफ यूटी इंपलाइज एंड वर्कर्स के अध्यक्ष रघबीर चंद ने भी समर्थन देने की घोषणा की।
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जनसभा को आम आदमी पाटी के प्रधान प्रेम गर्ग, सीपीआई के सचिव राजकुमार, देवी दयाल शर्मा, सीपीआईएक सचिव कुलदीप सिंह, मोहम्मद शहनाज गोर्सी, आरएमपीआई के नेता इंद्रजीत सिंह ग्रेवाल, सज्जन सिंह, आम आदमी पार्टी के पार्षद दमनप्रीत सिंह बादल, जसविंदर कौर, प्रेम लता, तरुणा मेहता, पूनम, नेहा, अंजू कातियाल, फॉसवैक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू, प्रदीप चोपड़ा, पेंडू संघर्ष कमेटी के प्रधान दलजीत सिंह पलसौरा, महासचिव गुरप्रीत सिंह सोमल, शरणजीत सिंह, जोगा सिंह, किसान नौजवान किसान एकता चंडीगढ़ के प्रधान किरपाल सिंह, चंडीगढ़ समूह गुरद्वारा प्रबंधक संगठन के महासचिव रघबीर सिंह रामपुर, सेक्टर 22 गुरुद्वारा के महासचिव गुरजोत सिंह साहनी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और बिजली कर्मचारियों को समर्थन दिया।
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