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प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ अदालत में होगी जंग
अमर उजाला मोहाली
Updated Tue, 26 Nov 2013 09:14 AM IST
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प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ जंग अब अदालत में पहुंच गई है। एक तरफ नगर निगम तीस नवंबर से पहले ज्यादा से ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने की कोशिश में है।
वहीं शहर के संगठन प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच पूर्व पार्षद कुलजीत बेदी ने प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दी है।
बेदी ने अपने वकील रंजीवन सिंह के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मोहाली को टैक्स से राहत देने की अपील की है। याचिका पर सुनवाई 27 नवंबर को होगी।
इस याचिका में उन्होंने मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव निकाय विभाग, सेक्रेटरी लीगल एंड लेजिस्लेटिव, डायरेक्टर निकाय विभाग, सीए गमाडा एवं कमिश्नर नगर निगम को पार्टी बनाया है।
बेदी ने अपनी याचिका में कहा है कि पूरी तरह योजनाबद्ध बसे शहर मोहाली में लोगों ने मंहगे रेट पर प्लॉट लिए। उसके बाद सभी तरह के टैक्स जमा कराए। अब उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स के बोझ तले दबा दिया गया है।
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उन्होंने दलील दी है कि मोहाली पंजाब का एकमात्र शहर था, जिसे पहले हाउस टैक्स से भी छूट दी गई थी। वहीं, इसे टैक्स से इसलिए मुक्त रखना चाहिए, क्योंकि मोहाली योजनाबद्ध रूप में विकसित हुआ। गमाडा ने प्लॉट खरीदते समय ही डेवलपमेंट चार्ज वसूल किया था।
गमाडा के पास पहले ही लोगों से वसूले टैक्स का पैसा इतना ज्यादा है कि वह दूसरे जिलों और संगत दर्शनों में खर्च हो रहा है। उन्होंने मांग की कि गमाडा की आमदनी का चालीस फीसदी नगर निगम को दे दिया जाए, उसके बाद टैक्स लगाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। शहर का विकास भी हो सकेगा।
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वहीं शहर के संगठन प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच पूर्व पार्षद कुलजीत बेदी ने प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दी है।
बेदी ने अपने वकील रंजीवन सिंह के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मोहाली को टैक्स से राहत देने की अपील की है। याचिका पर सुनवाई 27 नवंबर को होगी।
इस याचिका में उन्होंने मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव निकाय विभाग, सेक्रेटरी लीगल एंड लेजिस्लेटिव, डायरेक्टर निकाय विभाग, सीए गमाडा एवं कमिश्नर नगर निगम को पार्टी बनाया है।
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बेदी ने अपनी याचिका में कहा है कि पूरी तरह योजनाबद्ध बसे शहर मोहाली में लोगों ने मंहगे रेट पर प्लॉट लिए। उसके बाद सभी तरह के टैक्स जमा कराए। अब उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स के बोझ तले दबा दिया गया है।
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उन्होंने दलील दी है कि मोहाली पंजाब का एकमात्र शहर था, जिसे पहले हाउस टैक्स से भी छूट दी गई थी। वहीं, इसे टैक्स से इसलिए मुक्त रखना चाहिए, क्योंकि मोहाली योजनाबद्ध रूप में विकसित हुआ। गमाडा ने प्लॉट खरीदते समय ही डेवलपमेंट चार्ज वसूल किया था।
गमाडा के पास पहले ही लोगों से वसूले टैक्स का पैसा इतना ज्यादा है कि वह दूसरे जिलों और संगत दर्शनों में खर्च हो रहा है। उन्होंने मांग की कि गमाडा की आमदनी का चालीस फीसदी नगर निगम को दे दिया जाए, उसके बाद टैक्स लगाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। शहर का विकास भी हो सकेगा।