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इन जगहों के लोग प्रॉपर्टी टैक्स के लिए तैयार रहें
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 22 Oct 2015 11:02 AM IST
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चंडीगढ़ में 5 इलाकों में प्रॉपटी टैक्स लगाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, तो तैयार हो जाइए टैक्स का बोझ उठाने के लिए। ये वे गांव हैं जो साल 2006 में प्रशासन से नगर निगम में शामिल हुए थे। लेकिन अभी तक नगर निगम की ओर से इन गांवों की कामर्शियल इमारतों और दुकानों पर प्रापर्टी टैक्स नहीं लगाया था।
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बुधवार को प्रशासन के गृह सचिव की ओर से जो निर्देश जारी किए गए हैं, उसमें कहा गया है कि नगर निगम अपनी जिम्मेवारी नहीं निभा रहा है इसलिए उसे म्यूनिसिपल एक्ट के सेक्शन 405(ए) के तहत निर्देश दिया जाता है कि वह इन पर प्रापर्टी टैक्स लगाए।
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जिन पांच गांवों में टैक्स लगाने के आदेश जारी हुए है उनमे मेयर पूनम शर्मा का भी वार्ड मलोया शामिल है। नगर निगम साल 2013 में तत्कालीन मेयर सुभाष चावला के कार्यकाल में इन पांच गांवों मे हाउस टैक्स लगाने का प्रस्ताव सदन में खारिज कर चुका है।
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इसके बावजूद प्रशासन ने बुधवार को यह टैक्स लगाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में 29 अक्तूबर को होने वाली सदन की बैठक में प्रापर्टी टैक्स लगाने का प्रस्ताव चर्चा के लिए आ रहा है।
मेयर पूनम शर्मा ने प्रशासन के निर्देश सहित प्रस्ताव को सदन में लाने की मंजूरी दे दी है। ऐसे में सदन की बैठक में इस मामले को लेकर जमकर हंगामा होने की आशंका है। अगर नगर निगम का सदन इस प्रस्ताव को खारिज भी करता है तो भी प्रापर्टी टैक्स लगाने के आदेश जारी हो जाएगा।
मालूम हो कि शहर में दो माह पहले ही हाउस टैक्स शहरवासियों पर थोपा गया है। इसका निर्णय भी प्रशासन ने अपने स्तर पर लिया था, जबकि नगर निगम इसके लिए तैयार नहीं था।
कौन कौन से गांव में प्रापर्टी टैक्स लगेगा
इस समय शहर की कामर्शियल प्रापर्टी पर प्रापर्टी टैक्स लगा है जबकि जिन 5 गांवों में प्रापर्टी टैक्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं उनमे पलसौरा, हल्लोमाजरा, मलोया, कजहेड़ी और डड्डूमाजरा शामिल हैं। यहां तीन हजार से ज्यादा कामर्शियल एरिया और दुकानें हैं।
शहर में प्रापर्टी टैक्स साल 2003 से लागू है लेकिन ये गांव साल 2006 में नगर निगम में शामिल हुए इसलिए इन पर प्रापर्टी टैक्स लगाने का निर्णय निगम राजनीति केकारण नहीं ले पाया है।
प्रापर्टी टैक्स से इकट्ठे होते है 20 करोड़
शहर में इस समय हर साल प्रापर्टी टैक्स से 20 करोड़ की राशि इकट्ठी होती है। नगर निगम के अनुसार 20 हजार व्यापारी हर साल प्रापर्टी टैक्स अदा करते हैं, जिनमें से इस साल अभी तक 15 हजार व्यापारी प्रापर्टी टैक्स जमा करवा चुके हैं।
साल 2013 में पांच गांवों में प्रापर्टी टैक्स लगाने का प्रस्ताव खारिज हो चुका है। वह गांवों पर प्रापर्टी टैक्स लगाने के समर्थन में नहीं हैं।
- सुभाष चावला, पूर्व मेयर
कांग्रेस तो पहले से ही शहरवासियों पर लगाए गए हाउस टैक्स के विरोध में है। सदन में पांच गांवों पर प्रापर्टी टैक्स लगाने का विरोध भी किया जाएगा। भाजपा प्रशासन के साथ मिलकर नए नए टैक्स लगा रही है।
- प्रदीप छाबड़ा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष