{"_id":"620d621501bba56f801fd864","slug":"promotion-game-in-malaria-wing-made-beldars-as-multipurpose-health-worker-chandigarh-news-pkl4422529145","type":"story","status":"publish","title_hn":"पदोन्नति में मलेरिया विंग का खेल, बेलदारों को बना दिया मल्टीपर्पस हेल्थ वर्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पदोन्नति में मलेरिया विंग का खेल, बेलदारों को बना दिया मल्टीपर्पस हेल्थ वर्कर
विज्ञापन
चंडीगढ़। स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विभाग में मानकों को दरकिनार कर 27 बेलदारों को पदोन्नत कर मल्टीपर्पस हेल्थ वर्कर बना दिया गया है। इसकी वजह से फॉगिंग, स्प्रे और एंटी लार्वा करने वाले कर्मचारी मरीजों को दवा बांट रहे हैं। इससे एक ओर जहां मरीजों की जान पर खतरा मंडरा रहा है, वहीं दूसरी ओर मनमाने तरीके से पदोन्नति में खेल भी किया जा रहा है। इसे लेकर मलेरिया विंग के अन्य कर्मचारियों में काफी रोष है। इन कर्मचारियों का कहना है कि जो पदोन्नति के हकदार हैं, उन्हें उससे वंचित रखा गया है और जो योग्य नहीं हैं, उन्हें चतुर्थ श्रेणी से सीधे तृतीय श्रेणी पर तैनात कर दिया गया है। इस मामले में उच्च अधिकारियों ने अनभिज्ञता जताई है। हालांकि उनका कहना है कि ऐसा किया गया है तो गलत है, बेलदार को मल्टी पर्पस हेल्थ वर्कर नहीं बनाया जा सकता है। इसकी जांच करवाई जाएगी।
स्थिति है बेहद गंभीर, कर्मचारियों से करवाया जा रहा मनमाना काम
मौजूदा समय में मलेरिया विंग की स्थिति बेहद गंभीर है। यहां तैनात कर्मचारियों से मनमाना काम करवाया जा रहा है। यही कारण है कि चतुर्थ श्रेणी में शामिल बेलदार तृतीय श्रेणी के मल्टीपर्पस हेल्थ वर्करों का काम कर रहे हैं। वहीं उस पद के अनुसार वेतन भी प्राप्त कर रहे हैं। विंग में नियमित पद पर तैनात पांच मल्टीपर्पस हेल्थ वर्करों को परिवार कल्याण विंग में लगाया गया है। चिंता की बात यह है कि मल्टीपर्पस हेल्थ वर्कर को तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्देशित किसी भी कार्य में लगाया जा सकता है, लेकिन बेलदार को उसके लिए तय किए गए कार्य से इतर अन्य कार्य कराए जा रहे हैं जो मरीजों व जनता के हित में नहीं है।
ऐसे की गई मानकों की अनदेखी
मलेरिया विंग में मनमानी का लंबा खेल चल रहा है। मल्टीपर्पस स्कीम नोटिफिकेशन 1992 के अंतर्गत इस पर पर पदोन्नति के लिए मानक तय किए गए हैं, लेकिन मलेरिया विंग ने इस नोटिफिकेशन को भी दरकिनार कर चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को बिना योग्यता के ही तृतीय श्रेणी पर पदोन्नति दिया है।
विज्ञापन
बेलदार के कार्य
मलेरिया, डेंगू व अन्य मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए घर-घर जाकर कूलर, टंकी, कंटेनर और ऐसे अन्य चीजों की जांच करना। लार्वारोधी अन्य कार्य, फॉगिंग और स्प्रे करना।
मल्टीपर्पस हेल्थवर्कर के कार्य
मच्छरजनित बीमारियों से बचाव में मलेरिया विभाग की मदद करना, बचाव कार्य संबंधी रिकार्ड मेनटेन करना, आपातकालीन स्थिति में स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिये गये निर्देश के अनुसार कार्य करना।
मल्टीपर्पस हेल्थ वर्कर बनने के लिए ये चाहिए योग्यता
मैट्रिक या हायर सेकेंडरी विज्ञान वर्ग से उत्तीर्ण। मान्यता प्राप्त संस्थान से मल्टी पर्पस हेल्थ वर्कर का डिप्लोमा। 18 से 27 साल की उम्र सीमा।
क्या कहते हैं अधिकारी
ये मामला मेरी जानकारी में नहीं है। जहां तक बेलदार को मल्टी पर्पस हेल्थ वर्कर बनाने की बात है तो ऐसा नहीं किया जा सकता। पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया होती है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। फिलहाल मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाएगा।
-डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य
विज्ञापन
स्थिति है बेहद गंभीर, कर्मचारियों से करवाया जा रहा मनमाना काम
मौजूदा समय में मलेरिया विंग की स्थिति बेहद गंभीर है। यहां तैनात कर्मचारियों से मनमाना काम करवाया जा रहा है। यही कारण है कि चतुर्थ श्रेणी में शामिल बेलदार तृतीय श्रेणी के मल्टीपर्पस हेल्थ वर्करों का काम कर रहे हैं। वहीं उस पद के अनुसार वेतन भी प्राप्त कर रहे हैं। विंग में नियमित पद पर तैनात पांच मल्टीपर्पस हेल्थ वर्करों को परिवार कल्याण विंग में लगाया गया है। चिंता की बात यह है कि मल्टीपर्पस हेल्थ वर्कर को तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्देशित किसी भी कार्य में लगाया जा सकता है, लेकिन बेलदार को उसके लिए तय किए गए कार्य से इतर अन्य कार्य कराए जा रहे हैं जो मरीजों व जनता के हित में नहीं है।
विज्ञापन
ऐसे की गई मानकों की अनदेखी
मलेरिया विंग में मनमानी का लंबा खेल चल रहा है। मल्टीपर्पस स्कीम नोटिफिकेशन 1992 के अंतर्गत इस पर पर पदोन्नति के लिए मानक तय किए गए हैं, लेकिन मलेरिया विंग ने इस नोटिफिकेशन को भी दरकिनार कर चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को बिना योग्यता के ही तृतीय श्रेणी पर पदोन्नति दिया है।
विज्ञापन
बेलदार के कार्य
मलेरिया, डेंगू व अन्य मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए घर-घर जाकर कूलर, टंकी, कंटेनर और ऐसे अन्य चीजों की जांच करना। लार्वारोधी अन्य कार्य, फॉगिंग और स्प्रे करना।
मल्टीपर्पस हेल्थवर्कर के कार्य
मच्छरजनित बीमारियों से बचाव में मलेरिया विभाग की मदद करना, बचाव कार्य संबंधी रिकार्ड मेनटेन करना, आपातकालीन स्थिति में स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिये गये निर्देश के अनुसार कार्य करना।
मल्टीपर्पस हेल्थ वर्कर बनने के लिए ये चाहिए योग्यता
मैट्रिक या हायर सेकेंडरी विज्ञान वर्ग से उत्तीर्ण। मान्यता प्राप्त संस्थान से मल्टी पर्पस हेल्थ वर्कर का डिप्लोमा। 18 से 27 साल की उम्र सीमा।
क्या कहते हैं अधिकारी
ये मामला मेरी जानकारी में नहीं है। जहां तक बेलदार को मल्टी पर्पस हेल्थ वर्कर बनाने की बात है तो ऐसा नहीं किया जा सकता। पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया होती है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। फिलहाल मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाएगा।
-डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य