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नवजोत सिद्धू-अनिल जोशी में ठनी, निगम के तीन सचिवों का प्रमोशन कैंसिल
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Thu, 11 May 2017 09:10 AM IST
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नवजोत सिद्धू-अनिल जोशी में ठनी
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पंजाब के निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू व पूर्व निकाय मंत्री अनिल जोशी के बीच ठन गई है। सिद्धू ने जहां जोशी के प्रिय तीन निगम अधिकारियों को पदोन्नत करने का आर्डर कैंसिल कर दिया है, वहीं नगर निगम की कई विकास प्रोजेक्ट की फाइलों पर जांच बैठा दी है।
इसके पहले मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस बल को निजी तौर पर प्रेक्टिस करते विजिलेंस ने कैमरे में कैद किया था, जिस पर चंडीगढ़ से एक्शन होना बाकी है। 30 दिसंबर 2016 को पूर्व निकाय मंत्री अनिल जोशी ने विशाल वधावन, सुशांत भाटिया व सुभाष चोपड़ा को सुपरिंटेंडेंट ग्रेट टू से सचिव बनाने का आदेश पास किया था।
8 मई 2017 को पंजाब के निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने इस आदेश पर रोक लगा दी है। दावा किया गया है कि यह प्रमोशन बिना डिपार्टमेंट प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) के बगैर की गई है।
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इसके पहले मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस बल को निजी तौर पर प्रेक्टिस करते विजिलेंस ने कैमरे में कैद किया था, जिस पर चंडीगढ़ से एक्शन होना बाकी है। 30 दिसंबर 2016 को पूर्व निकाय मंत्री अनिल जोशी ने विशाल वधावन, सुशांत भाटिया व सुभाष चोपड़ा को सुपरिंटेंडेंट ग्रेट टू से सचिव बनाने का आदेश पास किया था।
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8 मई 2017 को पंजाब के निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने इस आदेश पर रोक लगा दी है। दावा किया गया है कि यह प्रमोशन बिना डिपार्टमेंट प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) के बगैर की गई है।
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कभी सिद्धू-जोशी थे एक, आज 36 का आंकड़ा
नवजोत सिंह सिद्धू
- फोटो : File Photo
कभी सिद्धू-जोशी थे एक, आज 36 का आंकड़ा
सिद्धू और जोशी के बीच कभी गहरी दोस्ती थी। हालांकि जब देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली अमृतसर से चुनाव लड़े, तब से दोनों के बीच 36 का आंकड़ा है। वित्त मंत्री को अमृतसर से लोकसभा सीट जिताने का दावा करने वालों में पूर्व निकायमंत्री अनिल जोशी जहां भाजपा के बड़े नेता थे, वहीं र्पू्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के बयान अखबारों छपे थे कि...जेटली साहब बस आप नामांकन भरके दिल्ली चले जाएं जीत का सर्टीफिकेट लेने आ जाना। इस प्रकरण के बाद सिद्धू-जोशी के बीच मतभेद बढ़े और सिद्धू ने इसी बात पर भाजपा से दूरी बढ़ानी शुरू कर दी और कांग्रेसी चोला पहनकर बादल परिवार पर सियासी हमला बोल दिया।
सिद्धू और जोशी के बीच कभी गहरी दोस्ती थी। हालांकि जब देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली अमृतसर से चुनाव लड़े, तब से दोनों के बीच 36 का आंकड़ा है। वित्त मंत्री को अमृतसर से लोकसभा सीट जिताने का दावा करने वालों में पूर्व निकायमंत्री अनिल जोशी जहां भाजपा के बड़े नेता थे, वहीं र्पू्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के बयान अखबारों छपे थे कि...जेटली साहब बस आप नामांकन भरके दिल्ली चले जाएं जीत का सर्टीफिकेट लेने आ जाना। इस प्रकरण के बाद सिद्धू-जोशी के बीच मतभेद बढ़े और सिद्धू ने इसी बात पर भाजपा से दूरी बढ़ानी शुरू कर दी और कांग्रेसी चोला पहनकर बादल परिवार पर सियासी हमला बोल दिया।